Ephesians · chapter 5 · verse 17
Ephesians 5:17 in Hindi
इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है?
Is kaaran nirbuddhi na ho, par dhyaan se samajho, ki prabhu kee ichchhaa kyaa hai?
Ephesians 5:17 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore be ye not unwise, but understanding what the will of the Lord [is].
- World English Bible (WEB)
- Therefore, don’t be foolish, but understand what the will of the Lord is.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore be ye not foolish, but understand what the will of the Lord is.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason, then, do not be foolish, but be conscious of the Lord's pleasure.
- Darby Translation (DBY)
- For this reason be not foolish, but understanding what [is] the will of the Lord.
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore be ye not unwise, but understanding what the will of the Lord [is] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- because of this become not fools, but — understanding what [is] the will of the Lord,
Read in context
- 15इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो।
- 16और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं।
- 17इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है?
- 18और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।
- 19और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो।
Cross references
- Romans 12:2 रोमियों 12:2और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- 1 Thessalonians 5:18 1 थिस्सलुनीकियों 5:18हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यहीं इच्छा है।
- Colossians 1:9 कुलुस्सियों 1:9इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
- Ephesians 5:15 इफिसियों 5:15इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो।
- Jeremiah 4:22 यिर्मयाह 4:22क्योंकि मेरी प्रजा मूढ़ है, वे मुझे नहीं जानते; वे ऐसे मूर्ख लड़के हैं जिन में कुछ भी समझ नहीं। बुराई करने को तो वे बुध्दिमान हैं, परन्तु भलाई करना वे नहीं जानते।
- 1 Peter 4:2 1 पतरस 4:2ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो।
- 1 Thessalonians 4:1–3 1 थिस्सलुनीकियों 4:1–3निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई। क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्रा बनो: अर्थात् व्यभिचार से बचे रहो।
- Colossians 4:5 कुलुस्सियों 4:5अवसर को बहुमूल्य समझकर बाहरवालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
- John 7:17 यूहन्ना 7:17यदि कोई उस की इच्छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं।
- Psalm 111:10 भजन संहिता 111:10बुद्धि का मूल यहोवा का भय है; जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं, उनकी बुद्धि अच्छी होती है। उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।।
- Job 28:28 अय्यूब 28:28तब उस न मनुष्य से कहा, देख, प्रभु का भय मानना यही बुध्दि हैे और बुराई से दूर रहना यही समझ है।
- Proverbs 14:8 नीतिवचन 14:8चतुर की बुद्धि अपनी चाल का जानना है, परन्तु मूर्खों की मूढ़ता छल करना है।