Psalms · chapter 111 · verse 10
Psalm 111:10 in Hindi
बुद्धि का मूल यहोवा का भय है; जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं, उनकी बुद्धि अच्छी होती है। उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।।
Buddhi kaa mool yahovaa kaa bhay hai; jitane usakee aajnyaaom ko maanate haim, unakee buddhi achchhee hotee hai. Usakee stuti sadaa banee rahegee..
Psalm 111:10 in English
- King James Version (KJV)
- The fear of the LORD [is] the beginning of wisdom: a good understanding have all they that do [his commandments:] his praise endureth for ever.
- World English Bible (WEB)
- The fear of the LORD is the beginning of wisdom. All those who do his work have a good understanding. His praise endures forever!
- American Standard Version (ASV)
- The fear of Jehovah is the beginning of wisdom; A good understanding have all they that do [his commandments]: His praise endureth for ever.
- Bible in Basic English (BBE)
- The fear of the Lord is the best part of wisdom: all those who keep his laws are wise: his praise is eternal.
- Darby Translation (DBY)
- The fear of Jehovah is the beginning of wisdom; a good understanding have all they that do [his precepts]: his praise abideth for ever.
- Webster's Bible (WBS)
- The fear of the LORD [is] the beginning of wisdom: a good understanding have all they that do [his commandments] : his praise endureth for ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The beginning of wisdom [is] fear of Jehovah, Good understanding have all doing them, His praise [is] standing for ever!
Read in context
- 8वे सदा सर्वदा अटल रहेंगे, वे सच्चाई और सिधाई से किए हुए हैं।
- 9उस ने अपनी प्रजा का उद्धार किया है; उस ने अपनी वाचा को सदा के लिये ठहराया है। उसका नाम पवित्रा और भययोग्य है।
- 10बुद्धि का मूल यहोवा का भय है; जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं, उनकी बुद्धि अच्छी होती है। उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।।
Cross references
- Proverbs 1:7 नीतिवचन 1:7यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्ष को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।।
- Proverbs 9:10 नीतिवचन 9:10यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्रा ईश्वर को जानना ही समझ है।
- Job 28:28 अय्यूब 28:28तब उस न मनुष्य से कहा, देख, प्रभु का भय मानना यही बुध्दि हैे और बुराई से दूर रहना यही समझ है।
- Ecclesiastes 12:13 सभोपदेशक 12:13सब कुछ सुना गया; अन्त की बात यह है कि परमेश्वर का भय मान और उसकी आज्ञाओं का पालन कर; क्योंकि मनुष्य का सम्पूर्ण कर्त्तव्य यही है।
- Deuteronomy 4:6 व्यवस्थाविवरण 4:6सो तुम उनको धारण करना और मानना; क्योंकि और देशों के लोगों के साम्हने तुम्हारी बुद्धि और समझ इसी से प्रगट होगी, अर्थात् वे इन सब विधियों को सुनकर कहेंगे, कि निश्चय यह बड़ी जाति बुद्धिमान और समझदार है।
- John 5:44 यूहन्ना 5:44तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किसी प्रकार विश्वास कर सकते हो?
- Matthew 25:21 मत्ती 25:21उसके स्वामी ने उससे कहा, धन्य है अच्छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्वामी के आनन्द में सम्भागी हो।
- Matthew 25:23 मत्ती 25:23उसके स्वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा, मैं तुझे बहुत वस्तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्वामी के आनन्द में सम्भागी हो।
- John 13:17 यूहन्ना 13:17तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।
- 2 Corinthians 4:17 2 कुरिन्थियों 4:17क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त जीवन महिमा उत्पन्न करता जाता है।
- Romans 2:7 रोमियों 2:7जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा।
- Proverbs 3:4 नीतिवचन 3:4और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।।