Esther · chapter 9 · verse 22
Esther 9:22 in Hindi
जिन में यहूदियों ने अपने शत्रुओं से विश्राम पाया, और यह महीना जिस में शोक आनन्द से, और विलाप खुशी से बदला गया; (माना करें) और उनको जेवनार और आनन्द और एक दूसरे के पास बैना भेजने ओर कंगालों को दान देने के दिन मानें।
Jin mem yahoodiyom ne apane shatruom se vishraam paayaa, aur yah maheenaa jis mem shok aanand se, aur vilaap khushee se badalaa gayaa; (maanaa karen) aur unako jevanaar aur aanand aur ek doosare ke paas bainaa bhejane or kangaalom ko daan dene ke din maanen.
Esther 9:22 in English
- King James Version (KJV)
- As the days wherein the Jews rested from their enemies, and the month which was turned unto them from sorrow to joy, and from mourning into a good day: that they should make them days of feasting and joy, and of sending portions one to another, and gifts to the poor.
- World English Bible (WEB)
- as the days in which the Jews had rest from their enemies, and the month which was turned to them from sorrow to gladness, and from mourning into a holiday; that they should make them days of feasting and gladness, and of sending presents of food to one another, and gifts to the needy.
- American Standard Version (ASV)
- as the days wherein the Jews had rest from their enemies, and the month which was turned unto them from sorrow to gladness, and from mourning into a good day; that they should make them days of feasting and gladness, and of sending portions one to another, and gifts to the poor.
- Bible in Basic English (BBE)
- As days on which the Jews had rest from their haters, and the month which for them was turned from sorrow to joy, and from weeping to a good day: and that they were to keep them as days of feasting and joy, of sending offerings to one another and good things to the poor.
- Darby Translation (DBY)
- as the days on which the Jews rested from their enemies, and the month that was turned to them from sorrow to joy, and from mourning into a good day; that they should make them days of feasting and joy, and of sending portions one to another, and gifts to the poor.
- Webster's Bible (WBS)
- As the days in which the Jews rested from their enemies, and the month which was turned to them from sorrow to joy, and from mourning into a good day, that they should make them days of feasting and joy, and of sending portions one to another, and gifts to the poor.
- Young's Literal Translation (YLT)
- as days on which the Jews have rested from their enemies, and the month that hath been turned to them from sorrow to joy, and from mourning to a good day, to make them days of banquet and of joy, and of sending portions one to another, and gifts to the needy.
Read in context
- 20इन बातों का वृत्तान्त लिखकर, मोर्दकै ने राजा क्षयर्ष के सब प्रान्तों में, क्या निकट क्या दूर रहनेवाले सारे यहूदियों के पास चिटि्ठयां भेजीं,
- 21और यह आज्ञा दी, कि अदार महीने के चौदहवें और उसी महीने के पन्द्रहवें दिन को प्रति वर्ष माना करें।
- 22जिन में यहूदियों ने अपने शत्रुओं से विश्राम पाया, और यह महीना जिस में शोक आनन्द से, और विलाप खुशी से बदला गया; (माना करें) और उनको जेवनार और आनन्द और एक दूसरे के पास बैना भेजने ओर कंगालों को दान देने के दिन मानें।
- 23और यहूदियों ने जैसा आरम्भ किया था, और जैसा मोर्दकै ने उन्हें लिखा, वैसा ही करने का निश्चय कर लिया।
- 24क्योंकि हम्मदाता अगागी का पुत्रा हामान जो सब यहूदियों का विरोधी था, उस ने यहूदियों के नाश करने की युक्ति की, और उन्हें मिटा डालने और नाश करने के लिये पूर अर्थात् चिट्ठी डाली थी।
Cross references
- Psalm 30:11 भजन संहिता 30:11तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है;
- Isaiah 12:1–2 यशायाह 12:1–2उस दिन तू कहेगा, हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, क्योंकि यद्यिप तू मुझ पर क्रोधित हुआ था, परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हुआ, और तू ने मुझे शान्ति दी है।। परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूंगा और न थरथराऊंगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है।।
- Isaiah 14:3 यशायाह 14:3और जिस दिन यहोवा तुझे तेरे सन्ताप और घबराहट से, और उस कठिन श्रम से जो तुझ से लिया गया विश्राम देगा,
- Esther 9:19 एस्तेर 9:19इस कारण देहाती यहूदी जो बिना शहरपनाह की बस्तियों में रहते हैं, वे अदार महीने के चौदहवें दिन को आनन्द ओर जेवनार और खुशी और आपस में बैना भेजने का दिन नियुक्त करके मानते हैं।
- Galatians 2:10 गलातियों 2:10केवल यह कहा, कि हम कंगालों की सुधि लें, और इसी काम के करने का मैं आप भी यत्न कर रहा था।
- Esther 3:12–13 एस्तेर 3:12–13यों उसी पहिले महीने के तेरहवें दिन को राजा के लेखक बुलाए गए, और हामान की आज्ञा के अनुसार राजा के सब अधिपतियों, और सब प्रान्तों के प्रधानों, और देश देश के लोगों के हाकिमों के लिये चिटि्ठयां, एक एक प्रान्त के अक्षरों में, और एक एक देश के लोगों की भाषा में राजा क्षयर्ष के नाम से लिखी गई; और उन में राजा की अंगूठी की छाप लगाई गई। और राज्य के सब प्रान्तों में इस आशय की चिटि्ठयां हर डाकियों के द्वारा भेजी गई कि एक ही दिन में, अर्थात् अदार नाम बारहवें महीने के तेरहवें दिन को, क्या जवान, क्या बूढ़ा, क्या स्त्री, क्या बालक, सब यहूदी विध्वंसघात और नाश किए जाएं; और उनकी धन सम्मत्ति लूट ली जाए।
- Matthew 5:4 मत्ती 5:4धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे।
- John 16:20–22 यूहन्ना 16:20–22मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा। जब स्त्री जनने लगती है तो उस को शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती। और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
- Nehemiah 8:10–12 नहेमायाह 8:10–12फिर उस ने उन से कहा, कि जाकर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्रा है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। यों लेवियों ने सब लोगों को यह कहकर चुप करा दिया, कि चुप रहो क्योंकि आज का दिन पवित्रा है; और उदास मत रहो। तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उनको समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे।
- Acts 2:44–46 प्रेरितों के काम 2:44–46और वे सब विश्वास करनेवाले इकट्ठे रहते थे, और उन की सब वस्तुएं साझे की थी। और वे अपनी अपनी सम्पत्ति और सामान बेच बेचकर जैसी जिस की आवश्यकता होती थी बांट दिया करते थे। और वे प्रति दिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे।
- Psalm 103:2 भजन संहिता 103:2हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
- Exodus 13:3–8 निर्गमन 13:3–8फिर मूसा ने लोगों से कहा, इस दिन को स्मरण रखो, जिस में तुम लोग दासत्व के घर, अर्थात् मि से निकल आए हो; यहोवा तो तुम को वहां से अपने हाथ के बल से निकाल लाया; इस में खमीरी रोटी न खाई जाए। आबीब के महीने में आज के दिन तुम निकले हो। इसलिये जब यहोवा तुम को कनानी, हित्ती, एमोरी, हिब्बी, और यबूसी लोगों के देश में पहुचाएगा, जिसे देने की उस ने तुम्हारे पुरखाओं से शपथ खाई थी, और जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, तब तुम इसी महीने में पर्ब्ब करना। सात दिन तक अखमीरी रोटी खाया करना, और सातवें दिन यहोवा के लिये पर्ब्ब मानना। इन सातों दिनों में अखमीरी रोटी खाई जाए; वरन तुम्हारे देश भर में न खमीरी रोटी, न खमीर तुम्हारे पास देखने में आए। और उस दिन तुम अपने अपने पुत्रों को यह कहके समझा देना, कि यह तो हम उसी काम के कारण करते हैं, जो यहोवा ने हमारे मि से निकल आने के समय हमारे लिये किया था।
Original words (Hebrew)
- days · H3117יוֹם yôwm
- Jews · H3064יְהוּדִי Yᵉhûwdîy
- rested · H5117נוּחַ nûwach
- enemies · H341אֹיֵב ʼôyêb
- month · H2320חֹדֶשׁ chôdesh
- turned · H2015הָפַךְ hâphak
- sorrow · H3015יָגוֹן yâgôwn
- joy · H8057שִׂמְחָה simchâh
- mourning · H60אֵבֶל ʼêbel
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- day · H3117יוֹם yôwm
- make · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- days · H3117יוֹם yôwm
- feasting · H4960מִשְׁתֶּה mishteh
- joy · H8057שִׂמְחָה simchâh
- sending · H4916מִשְׁלוֹחַ mishlôwach
- portions · H4490מָנָה mânâh
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- another · H7453רֵעַ rêaʻ
- gifts · H4979מַתָּנָה mattânâh
- poor · H34אֶבְיוֹן ʼebyôwn