Exodus · chapter 10 · verse 14
Exodus 10:14 in Hindi
और टिडि्डयों ने चढ़के मि देश के सारे स्थानों मे बसेरा किया, उनका दल बहुत भारी था, वरन न तो उनसे पहले ऐसी टिडि्डयां आई थी, और न उनके पीछे ऐसी फिर आएंगी।
Aur tidi్dayom ne chadhake mi desh ke saare sthaanom me baseraa kiyaa, unakaa dal bahut bhaaree thaa, varan na to unase pahale aisee tidi్dayaam aaee thee, aur na unake peechhe aisee phir aaengee.
Exodus 10:14 in English
- King James Version (KJV)
- And the locusts went up over all the land of Egypt, and rested in all the coasts of Egypt: very grievous [were they;] before them there were no such locusts as they, neither after them shall be such.
- World English Bible (WEB)
- The locusts went up over all the land of Egypt, and rested in all the borders of Egypt. They were very grievous. Before them there were no such locusts as they, nor will there ever be again.
- American Standard Version (ASV)
- And the locusts went up over all the land of Egypt, and rested in all the borders of Egypt; very grievous were they; before them there were no such locusts as they, neither after them shall be such.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the locusts went up over all the land of Egypt, resting on every part of the land, in very great numbers; such an army of locusts had never been seen before, and never will be again.
- Darby Translation (DBY)
- And the locusts went up over all the land of Egypt, and rested in all the borders of Egypt, very grievous; before them there were no such locusts as they, neither after them will be such.
- Webster's Bible (WBS)
- And the locusts went up over all the land of Egypt, and rested in all the borders of Egypt: very grievous [were they]; before them there were no such locusts as they, neither after them will be such.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the locust goeth up against all the land of Egypt, and resteth in all the border of Egypt — very grievous: before it there hath not been such a locust as it, and after it there is none such;
Read in context
- 12तब यहोवा ने मूसा से कहा, मि देश के ऊपर अपना हाथ बढ़ा, कि टिडि्डयां मि देश पर चढ़के भूमि का जितना अन्न आदि ओलों से बचा है सब को चट कर जाएं।
- 13और मूसा ने अपनी लाट्ठी को मि देश के ऊपर बढ़ाया, तब यहोवा ने दिन भर और रात भर देश पर पुरवाई बहाई; और जब भोर हुआ तब उस पुरवाई में टिडि्डयां आईं।
- 14और टिडि्डयों ने चढ़के मि देश के सारे स्थानों मे बसेरा किया, उनका दल बहुत भारी था, वरन न तो उनसे पहले ऐसी टिडि्डयां आई थी, और न उनके पीछे ऐसी फिर आएंगी।
- 15वे तो सारी धरती पर छा गई, यहां तक कि देश अन्धेरा हो गया, और उसका सारा अन्न आदि और वृक्षों के सब फल, निदान जो कुछ ओलों से बचा था, सब को उन्हों ने चट कर लिया; यहां तक कि मि देश भर में न तो किसी वृक्ष पर कुछ हरियाली रह गई और न खेत में अनाज रह गया।
- 16तब फिरौन ने फुर्ती से मूसा और हारून को बुलवाके कहा, मैं ने तो तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का और तुम्हारा भी अपराध किया है।
Cross references
- Psalm 78:46 भजन संहिता 78:46उस ने उनकी भूमि की उपज कीड़ों को, और उनकी खेतीबारी टिड्डयों को खिला दी थी।
- Exodus 11:6 निर्गमन 11:6और सारे मि देश में बड़ा हाहाकार मचेगा, यहां तक कि उसके समान न तो कभी हुआ और न होगा।
- Psalm 105:34–35 भजन संहिता 105:34–35उस ने आज्ञा दी तब अनगिनत टिडि्डयां, और कीड़े आए, और उन्हों ने उनके देश के सब अन्नादि को खा डाला; औश्र उनकी भूमि के सब फलों को चट कर गए।
- Joel 2:1–11 योएल 2:1–11सिरयोन में नरसिंगा फूंको; मेरे पवित्रा पर्वत पर सांस बान्धकर फूंको! देश के सब रहनेवाले कांप उठें, क्योंकि यहोवा का दिन आता है, वरन वह निकट ही है। वह अन्धकार और तिमिर का दिन है, वह बदली का दिन है और अन्धियारे का सा फैलता है। जैसे भोर का प्रकाश पहाड़ों पर फैलता है, वैसे ही एक बड़ी और सामर्थी जाति आएगी; प्राचीनकाल में वैसी कभी न हुई, और न उसके बाद भी फिर किसी पीढ़ी में होगी।। उसके आगे आगे तो आग भस्म करती जाएगी, और उसके पीछे पीछे लौ जलती जाएगी। उसके आगे की भूमि तो एदेन की बारी के समान होगी, परन्तु उसके पीछे की भूमि उजाड़ मरूस्थल बन जाएगी, और उस से कुछ न बचेगा।। उनका रूप घोड़ों का सा है, और वे सवारी के घोड़ों की नाईं दौड़ते हैं। उनके कूदने का शब्द ऐसा होता है जैसा पहाड़ों की चोटियों पर रथों के चलने का, वा खूंटी भस्म करती हुई लौ का, या जैसे पांति बान्धे हुए बली योद्धाओं का शब्द होता है।। उनके सामने जाति जाति के लोग पीड़ित होते हैं, सब के मुख मलीन होते हैं। वे शूरवीरों की नाईं दौड़ते, और योद्धाओं की भांति शहरपनाह पर चढ़ते हैं वे अपने अपने मार्ग पर चलते हैं, और कोई अपनी पांति से अलग न चलेगा। वे एक दूसरे को धक्का नहीं लगाते, वे अपनी अपनी राह पर चलते हैं; शस्त्रों का साम्हना करने से भी उनकी पांति नहीं टूटती। वे नगर में इधर- उधर दौड़ते, और शहरपनाह पर चढ़ते हैं; वे घरों में ऐसे घुसते हैं जैसे चोर खिड़कियों से घुसते हैं।। उनके आगे पृथ्वी कांप उठती है, और आकाश थरथराता है। सूर्य और चन्द्रमा काले हो जाते हैं, और तारे नहीं झलकते। यहोवा अपने उस दल के आगे अपना शब्द सुनाता है, क्योंकि उसकी सेना बहुत ही बड़ी है; जो अपना वचन पूरा करनेवाला है, वह सामर्थी है। क्योंकि यहोवा का दिन बड़ा और अति भयानक है; उसको कौन सह सकेगा?
- Exodus 10:5–6 निर्गमन 10:5–6और वे धरती को ऐसा छा लेंगी, कि वह देख न पड़ेगी; और तुम्हारा जो कुछ ओलों से बच रहा है उसको वे चट कर जाएंगी, और तुम्हारे जितने वृक्ष मैदान में लगे हैं उनको भी वे चट कर जाएंगी, और वे तेरे और तेरे सारे कर्मचारियों, निदान सारे मिस्त्रियों के घरों में भर जाएंगी; इतनी टिडि्डयां तेरे बापदादों ने वा उनके पुरखाओं ने जब से पृथ्वी पर जन्मे तब से आज तक कभी न देखीं। और वह मुंह फेरकर फिरौन के पास से बाहर गया।
- Deuteronomy 28:42 व्यवस्थाविवरण 28:42तेरे सब वृक्ष और तेरी भूमि की उपज टिडि्डयां खा जाएंगी।
- 1 Kings 8:37 1 राजा 8:37जब इस देश में काल वा मरी वा झुलस हो वा गेरूई वा टिडि्डयां वा कीड़े लगें वा उनके शत्रु उनके देश के फाटकों में उन्हें घेर रखें, अथवा कोई विपत्ति वा रोग क्यों न हों,
- Joel 1:2–4 योएल 1:2–4हे पुरनियो, सुनो, हे देश के सब रहनेवालो, कान लगाकर सुनो! क्या ऐसी बात तुम्हारे दिनों में, वा तुम्हारे पुरखाओं के दिनों में कभी हुई है? अपने लड़केबालों से इसका वर्णन करो, और वे अपने लड़केबालों से, और फिर उनके लड़केबाले आनेवाली पीढ़ी के लोगों से।। जो कुछ गाजाम नाम टिड्डी से बचा; उसे अर्बे नाम टिड्डी ने खा लिया। और जो कुछ अर्बे नाम टिड्डी से बचा, उसे येलेक नाम टिड्डी ने खा लिया, और जो कुछ येलेक नाम टिड्डी से बचा, उसे हासील नाम टिड्डी ने खा लिया है।
- Revelation 9:3–7 प्रकाशितवाक्य 9:3–7और उस धुएं में से पृथ्वी पर टिडि्डयां निकलीं, और उन्हें पृथ्वी के बिच्छुओं की सी शक्ति दी गई। और उन से कहा गया, कि न पृथ्वी की घास को, न किसी हरियाली को, न किसी पेड़ को हानि पहुंचाओ, केवल उन मनुष्यों को जिन के माथे पर परमेश्वर की मुहर नहीं है। और उन्हें मार डालते का तो नहीं, पर पांच महीने तक लोगों को पीड़ा देने का अधिकार दिया गया: और उन की पीड़ा ऐसी थी, जैसे बिच्छू के डंक मारने से मनुष्य को होती है। उन दिनों में मनुष्य मृत्यु को ढूंढ़ेंगे, ओर न पाएंगे; और मरने की लालसा करेंगे, और मृत्यु उस से भागेगी। और उन टिडि्डयों के आकार लड़ाई के लिये तैयार किए हुए घोड़ों के से थे, और उन के सिरों पर मानों सोने के मुकुट थे; और उसके मुंह मनुष्यों के से थे।
Original words (Hebrew)
- locusts · H697אַרְבֶּה ʼarbeh
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- rested · H5117נוּחַ nûwach
- coasts · H1366גְּבוּל gᵉbûwl
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- grievous · H3515כָּבֵד kâbêd
- before · H6440פָּנִים pânîym
- such · H3651כֵּן kên
- locusts · H697אַרְבֶּה ʼarbeh
- after · H310אַחַר ʼachar