1 Kings · chapter 8 · verse 37
1 Kings 8:37 in Hindi
जब इस देश में काल वा मरी वा झुलस हो वा गेरूई वा टिडि्डयां वा कीड़े लगें वा उनके शत्रु उनके देश के फाटकों में उन्हें घेर रखें, अथवा कोई विपत्ति वा रोग क्यों न हों,
Jab is desh mem kaal vaa maree vaa jhulas ho vaa gerooee vaa tidi్dayaam vaa keede lagem vaa unake shatru unake desh ke phaatakom mem unhem gher rakhem, athavaa koee vipatti vaa rog kyom na hom,
1 Kings 8:37 in English
- King James Version (KJV)
- If there be in the land famine, if there be pestilence, blasting, mildew, locust, [or] if there be caterpiller; if their enemy besiege them in the land of their cities; whatsoever plague, whatsoever sickness [there be;]
- World English Bible (WEB)
- “If there is famine in the land, if there is pestilence, if there is blight, mildew, locust or caterpillar; if their enemy besieges them in the land of their cities, whatever plague, whatever sickness there is,
- American Standard Version (ASV)
- If there be in the land famine, if there be pestilence, if there be blasting [or] mildew, locust [or] caterpillar; if their enemy besiege them in the land of their cities; whatsoever plague, whatsoever sickness there be;
- Bible in Basic English (BBE)
- If there is no food in the land, or if there is disease, or if the fruits of the earth are damaged through heat or water, locust or worm; if their towns are shut in by their attackers; whatever trouble, whatever disease there may be:
- Darby Translation (DBY)
- If there be famine in the land, if there be pestilence, if there be blight, mildew, locust, caterpillar; if their enemy besiege them in the land of their gates; whatever plague, whatever sickness there be:
- Webster's Bible (WBS)
- If there shall be in the land famine, if there shall be pestilence, blasting, mildew, locust, [or] if there shall be caterpillar; if their enemy shall besiege them in the land of their cities, whatever plague, whatever sickness [there shall be] ;
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Famine — when it is in the land; pestilence — when it is; blasting, mildew, locust; caterpillar — when it is; when its enemy hath distressed it in the land [in] its gates, any plague, any sickness, —
Read in context
- 35जब वे तेरे विरूद्ध पाप करें, और इस कारण आकाश बन्द हो जाए, कि वर्षा न होए, ऐसे समय यदि वे इस स्थान की ओर प्रार्थना करके तेरे नाम को मानें जब तू उन्हें दु:ख देता है, और अपने पाप से फिरें, तो तू स्वर्ग में से सुनकर क्षमा करना,
- 36और अपने दासों, अपनी प्रजा इस्राएल के पाप को क्ष्मा करना; तू जो उनको वह भला मार्ग दिखाता है, जिस पर उन्हें चलना चाहिये, इसलिये अपने इस देश पर, जो तू ने अपनी प्रजा का भाग कर दिया है, पानी बरसा देना।
- 37जब इस देश में काल वा मरी वा झुलस हो वा गेरूई वा टिडि्डयां वा कीड़े लगें वा उनके शत्रु उनके देश के फाटकों में उन्हें घेर रखें, अथवा कोई विपत्ति वा रोग क्यों न हों,
- 38तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी प्रजा इस्राएल अपने अपने मन का दु:ख जान लें, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएं;
- 39तो तू अपने स्वग य निवासस्थान में से सुनकर क्षमा करूना, और ऐसा करना, कि एक एक के मन को जानकर उसकी समस्त चाल के अनुसार उसको फल देना: तू ही तो सब आदमियों के मन के भेदों का जानने वाला है।
Cross references
- Leviticus 26:16 लैव्यव्यवस्था 26:16तो मैं तुम से यह करूंगा; अर्थात् मैं तुम को बेचैन करूंगा, और क्षयरोग और ज्वर से पीड़ित करूंगा, और इनके कारण तुम्हारी आंखे धुंधली हो जाएंगी, और तुम्हारा मन अति उदास होगा। और तुम्हारा बीच बोना व्यर्थ होगा, क्योंकि तुम्हारे शत्रु उसकी उपज खा लेंगे;
- Deuteronomy 28:21–22 व्यवस्थाविवरण 28:21–22और यहोवा ऐसा करेगा कि मरी तुझ में फैलकर उस समय तक लगी रहेगी, जब तक जिस भूमि के अधिकारी होने के लिये तू जा रहा है उस से तेरा अन्त न हो जाए। यहोवा तुझ को क्षयरोग से, और ज्वर, और दाह, और बड़ी जलन से, और तलवार से, और झुलस, और गेरूई से मारेगा; और ये उस समय तक तेरा पीछा किये रहेंगे, तब तक तू सत्यानाश न हो जाए।
- Deuteronomy 28:38–42 व्यवस्थाविवरण 28:38–42तू खेत में बीज तो बहुत सा ले जाएगा, परन्तु उपज थोड़ी ही बटोरेगा; क्योंकि टिडि्डयां उसे खा जाएंगी। तू दाख की बारियां लगाकर उन मे काम तो करेगा, परन्तु उनकी दाख का मधु पीने न पाएगा, वरन फल भी तोड़ने न पाएगा; क्योंकि कीड़े उनको खा जाएंगे। तेरे सारे देश में जलपाई के वृक्ष तो होंगे, परन्तु उनका तेल तू अपने शरीर में लगाने न पाएगा; क्योंकि वे झड़ जाएंगे। तेरे बेटे- बेटियां तो उत्पन्न होंगे, परन्तु तेरे रहेंगे नहीं; क्योंकि वे बन्धुवाई में चले जाएंगे। तेरे सब वृक्ष और तेरी भूमि की उपज टिडि्डयां खा जाएंगी।
- 2 Chronicles 20:9 2 इतिहास 20:9कि यदि तलवार या मरी अथवा अकाल वा और कोई विपत्ति हम पर पड़े, तौभी हम इसी भवन के साम्हने और तेरे साम्हने (तेरा नाम तो इस भवन में बसा है) खड़े होकर, अपने क्लेश के कारण तेरी दोहाई देंगे और तू सुनकर बचाएगा।
- 2 Chronicles 6:28–31 2 इतिहास 6:28–31जब इस देश में काल वा मरी वा झुलस हो वा गेरुई वा टिड्डियां वा कीड़े लगें, वा उनके शत्रु उनके देश के फाटकों में उन्हें घेर रखें, वा कोई विपत्ति वा रोग हो; तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी सारी प्रजा इस्राएल जो अपना अपना दु:ख और अपना अपना खेद जान कर और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना कर के अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाए; तो तू अपने स्वगींय निवासस्थान से सुन कर क्षमा करना, और एक एक के मन की जानकर उसकी चाल के अनुसार उसे फल देना; (तू ही तो आदमियों के मन का जानने वाला है); कि वे जितने दिन इस देश में रहें, जिसे तू ने उनके पुरखाओं को दिया था, उतने दिन तक तेरा भय मानते हुए तेरे मार्गों पर चलते रहें।
- Joel 1:4–7 योएल 1:4–7जो कुछ गाजाम नाम टिड्डी से बचा; उसे अर्बे नाम टिड्डी ने खा लिया। और जो कुछ अर्बे नाम टिड्डी से बचा, उसे येलेक नाम टिड्डी ने खा लिया, और जो कुछ येलेक नाम टिड्डी से बचा, उसे हासील नाम टिड्डी ने खा लिया है। हे मतवालो, जाग उठो, और रोओ; और हे सब दाखमधु पीलेवालो, नये दाखमधु के कारण हाय, हाय, करो; क्योंकि वह तुम को अब न मिलेगा।। देखो, मेरे देश पर एक जाति ने चढ़ाई की है, वह सामर्थी है, और उसके लोग अनगिनित हैं; उसके दांत सिंह के से, और डाढ़ें सिहनी की सी हैं। उस ने मेरी दाखलता को उजाड़ दिया, और मेरे अंजीर के वृक्ष को तोड़ डाला है; उस ने उसकी सब छाल छीलकर उसे गिरा दिया है, और उसकी डालियां छिलने से सफेद हो गई हैं।।
- Joel 2:25–26 योएल 2:25–26और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिडि्डयों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिडि्डयों ने, अर्थात् मेरे बड़े दल ने जिसको मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।। तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिस ने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।
- Deuteronomy 28:25 व्यवस्थाविवरण 28:25यहोवा तुझ को शत्रुओं से हरवाएगा; और तू एक मार्ग से उनका साम्हना करने को जाएगा, परन्तु सात मार्ग से होकर उनके साम्हने से भाग जाएगा; और पृथ्वी के सब राज्यों में मारा मारा फिरेगा।
- Jeremiah 32:2 यिर्मयाह 32:2उस समय बाबुल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आंगन में कैदी था।
- 2 Kings 6:25–29 2 राजा 6:25–29तब शोमरोन में बड़ा अकाल पड़ा और वह ऐसा घिरा रहा, कि अन्त में एक गदहे का सिर चान्दी के अस्सी टुकड़ों में और कब की चौथाई भर कबूतर की बीट पांच टुकड़े चान्दी तक बिकने लगी। और इस्राएल का राजा शहरपनाह पर टहल रहा था, कि एक स्त्री ने पुकार के उस से कहा, हे प्रभु, हे राजा, बचा। उस ने कहा, यदि यहोवा तुझे न बचाए, तो मैं कहां से तुझे बचाऊं? क्या खलिहान में से, वा दाखरस के कुण्ड में से? फिर राजा ने उस से पूछा, तुझे क्या हुआ? उस ने उत्तर दिया, इस स्त्री ने मुझ से कहा था, मुझे अपना बेटा दे, कि हम आज उसे खा लें, फिर कल मैं अपना बेटा दूंगी, और हम उसे भी खाएंगी। तब मेरे बेटे को पकाकर हम ने खा लिया, फिर दूसरे दिन जब मैं ने इस से कहा कि अपना बेटा दे कि हम उसे खा लें, तब इस ने अपने बेटे को छिपा रखा।
- Psalm 105:34–35 भजन संहिता 105:34–35उस ने आज्ञा दी तब अनगिनत टिडि्डयां, और कीड़े आए, और उन्हों ने उनके देश के सब अन्नादि को खा डाला; औश्र उनकी भूमि के सब फलों को चट कर गए।
- Ezekiel 14:21 यहेजकेल 14:21क्योंकि प्रभु यहोवा यों कहता है, मैं यरूशलेम पर अपने चारों दण्ड पहुंचाऊंगा, अर्थात् तलवार, अकाल, दुष्ट जन्तु और मरी, जिन से मनुष्य और पशु सब उस में से नाश हों।
Original words (Hebrew)
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- pestilence · H1698דֶּבֶר deber
- blasting · H7711שְׁדֵפָה shᵉdêphâh
- mildew · H3420יֵרָקוֹן yêrâqôwn
- locust · H697אַרְבֶּה ʼarbeh
- caterpiller · H2625חָסִיל châçîyl
- enemy · H341אֹיֵב ʼôyêb
- besiege · H6887צָרַר tsârar
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- cities · H8179שַׁעַר shaʻar
- plague · H5061נֶגַע negaʻ
- sickness · H4245מַחֲלֶה machăleh