Psalms · chapter 105 · verse 34
Psalm 105:34 in Hindi
उस ने आज्ञा दी तब अनगिनत टिडि्डयां, और कीड़े आए,
Us ne aajnyaa dee tab anaginat tidi్dayaam, aur keede aae,
Psalm 105:34 in English
- King James Version (KJV)
- He spake, and the locusts came, and caterpillers, and that without number,
- World English Bible (WEB)
- He spoke, and the locusts came with the grasshoppers, without number.
- American Standard Version (ASV)
- He spake, and the locust came, And the grasshopper, and that without number,
- Bible in Basic English (BBE)
- At his word the locusts came, and young locusts more than might be numbered,
- Darby Translation (DBY)
- He spoke, and the locust came, and the cankerworm, even without number;
- Webster's Bible (WBS)
- He spoke, and the locusts came, and caterpillars, and that without number,
- Young's Literal Translation (YLT)
- He hath said, and the locust cometh, And the cankerworm — innumerable,
Read in context
- 32उस ने उनके लिये जलवृष्टि की सन्ती ओले, और उनके देश में धधकती आग बरसाई।
- 33और उस ने उनकी दाखलताओं और अंजीर के वृक्षों को वरन उनके देश के सब पेड़ों को तोड़ डाला।
- 34उस ने आज्ञा दी तब अनगिनत टिडि्डयां, और कीड़े आए,
- 35और उन्हों ने उनके देश के सब अन्नादि को खा डाला; औश्र उनकी भूमि के सब फलों को चट कर गए।
- 36उस ने उनके देश के सब पहिलौठों को, उनके पौरूष के सब पहिले फल को नाश किया।।
Cross references
- Exodus 10:12–15 निर्गमन 10:12–15तब यहोवा ने मूसा से कहा, मि देश के ऊपर अपना हाथ बढ़ा, कि टिडि्डयां मि देश पर चढ़के भूमि का जितना अन्न आदि ओलों से बचा है सब को चट कर जाएं। और मूसा ने अपनी लाट्ठी को मि देश के ऊपर बढ़ाया, तब यहोवा ने दिन भर और रात भर देश पर पुरवाई बहाई; और जब भोर हुआ तब उस पुरवाई में टिडि्डयां आईं। और टिडि्डयों ने चढ़के मि देश के सारे स्थानों मे बसेरा किया, उनका दल बहुत भारी था, वरन न तो उनसे पहले ऐसी टिडि्डयां आई थी, और न उनके पीछे ऐसी फिर आएंगी। वे तो सारी धरती पर छा गई, यहां तक कि देश अन्धेरा हो गया, और उसका सारा अन्न आदि और वृक्षों के सब फल, निदान जो कुछ ओलों से बचा था, सब को उन्हों ने चट कर लिया; यहां तक कि मि देश भर में न तो किसी वृक्ष पर कुछ हरियाली रह गई और न खेत में अनाज रह गया।
- Psalm 78:46 भजन संहिता 78:46उस ने उनकी भूमि की उपज कीड़ों को, और उनकी खेतीबारी टिड्डयों को खिला दी थी।
- Joel 2:25 योएल 2:25और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिडि्डयों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिडि्डयों ने, अर्थात् मेरे बड़े दल ने जिसको मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।।
- Joel 1:4–7 योएल 1:4–7जो कुछ गाजाम नाम टिड्डी से बचा; उसे अर्बे नाम टिड्डी ने खा लिया। और जो कुछ अर्बे नाम टिड्डी से बचा, उसे येलेक नाम टिड्डी ने खा लिया, और जो कुछ येलेक नाम टिड्डी से बचा, उसे हासील नाम टिड्डी ने खा लिया है। हे मतवालो, जाग उठो, और रोओ; और हे सब दाखमधु पीलेवालो, नये दाखमधु के कारण हाय, हाय, करो; क्योंकि वह तुम को अब न मिलेगा।। देखो, मेरे देश पर एक जाति ने चढ़ाई की है, वह सामर्थी है, और उसके लोग अनगिनित हैं; उसके दांत सिंह के से, और डाढ़ें सिहनी की सी हैं। उस ने मेरी दाखलता को उजाड़ दिया, और मेरे अंजीर के वृक्ष को तोड़ डाला है; उस ने उसकी सब छाल छीलकर उसे गिरा दिया है, और उसकी डालियां छिलने से सफेद हो गई हैं।।
- Revelation 9:3–10 प्रकाशितवाक्य 9:3–10और उस धुएं में से पृथ्वी पर टिडि्डयां निकलीं, और उन्हें पृथ्वी के बिच्छुओं की सी शक्ति दी गई। और उन से कहा गया, कि न पृथ्वी की घास को, न किसी हरियाली को, न किसी पेड़ को हानि पहुंचाओ, केवल उन मनुष्यों को जिन के माथे पर परमेश्वर की मुहर नहीं है। और उन्हें मार डालते का तो नहीं, पर पांच महीने तक लोगों को पीड़ा देने का अधिकार दिया गया: और उन की पीड़ा ऐसी थी, जैसे बिच्छू के डंक मारने से मनुष्य को होती है। उन दिनों में मनुष्य मृत्यु को ढूंढ़ेंगे, ओर न पाएंगे; और मरने की लालसा करेंगे, और मृत्यु उस से भागेगी। और उन टिडि्डयों के आकार लड़ाई के लिये तैयार किए हुए घोड़ों के से थे, और उन के सिरों पर मानों सोने के मुकुट थे; और उसके मुंह मनुष्यों के से थे। और उन के बाल स्त्रियों के से, और दांत सिहों के से थे। और वे लोहे की सी झिलम पहिने थे, और उन के पंखों का शब्द ऐसा था जैसा रथों और बहुत से घोड़ों का जो लड़ाई में दौड़ते हों। और उन की पूंछ बिच्छुओं की सी थीं, और उन में डंक थे, और उन्हें पांच महीने तक मनुष्यों को दुख पहुंचाने की जो सामर्थ थी, वह उन की पूंछों में थी।