Exodus · chapter 28 · verse 17
Exodus 28:17 in Hindi
और उस में चार पांति मणि जड़ाना। पहिली पांति में तो माणिक्य, पद्मराग और लालड़ी हों;
Aur us mem chaar paanti mani jadaanaa. Pahilee paanti mem to maaniky, padmaraag aur laaladee hom;
Exodus 28:17 in English
- King James Version (KJV)
- And thou shalt set in it settings of stones, [even] four rows of stones: [the first] row [shall be] a sardius, a topaz, and a carbuncle: [this shall be] the first row.
- World English Bible (WEB)
- You shall set in it settings of stones, four rows of stones: a row of ruby, topaz, and beryl shall be the first row;
- American Standard Version (ASV)
- And thou shalt set in it settings of stones, four rows of stones: a row of sardius, topaz, and carbuncle shall be the first row;
- Bible in Basic English (BBE)
- And on it you are to put four lines of jewels; the first line is to be a cornelian, a chrysolite, and an emerald;
- Darby Translation (DBY)
- And thou shalt set in it settings of stones — four rows of stones: [one] row, a sardoin, a topaz, and an emerald — the first row;
- Webster's Bible (WBS)
- And thou shalt set in it settings of stones, [even] four rows of stones: [the first] row [shall be] a sardius, a topaz, and a carbuncle: [this shall be] the first row.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And thou hast set in it settings of stone, four rows of stone; a row of sardius, topaz, and carbuncle [is] the first row;
Read in context
- 15फिर न्याय की चपरास को भी कढ़ाई के काम का बनवाना; एपोद की नाईं सोने, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े की उसे बनवाना।
- 16वह चौकोर और दोहरी हो, और उसकी लम्बाई और चौड़ाई एक एक बित्ते की हों।
- 17और उस में चार पांति मणि जड़ाना। पहिली पांति में तो माणिक्य, पद्मराग और लालड़ी हों;
- 18दूसरी पांति में मरकत, नीलमणि और हीरा;
- 19तीसरी पांति में लशम, सूर्यकांत और नीलम;
Cross references
- Ezekiel 28:13 यहेजकेल 28:13तू परमेश्वर की एदेन नाम बारी में था; तेरे पास आभूषण, माणिक, पद्मराग, हीरा, फीरोज़ा, सुलैमानी मणि, यशब, तीलमणि, मरकद, और लाल सब भांति के मणि और सोने के पहिरावे थे; तेरे डफ और बांसुलियां तुझी में बनाई गई थीं; जिस दिन तू सिरजा गया था; उस दिन वे भी तैयार की गई थीं।
- Exodus 39:10–21 निर्गमन 39:10–21और उन्हों ने उस में चार पांति मणि जड़े। पहिली पांति में तो माणिक्य, पद्य्मराग, और लालड़ी जडे गए; और दूसरी पांति में मरकत, नीलमणि, और हीरा, और तीसरी पांति में लशम, सूर्यकान्त, और नीलम; और चौथी पांति में फीरोजा, सुलैमानी मणि, और यशब जड़े; ये सब अलग अलग सोने के खानों में जड़े गए। और ये मणि इस्त्राएल के पुत्रों के नाम की गिनती के अनुसार बारह थे; बारहों गोत्रों में से एक एक का नाम जैसा छापा खोदा जाता है वैसा ही खोदा गया। और उन्हों ने चपरास पर डोरियों की नाई गूंथे हुए चोखे सोने की जंजीर बनाकर लगाई; फिर उन्हों ने सोने के दो खाने, और सोने की दो कड़ियां बनाकर दोनों कड़ियों को चपरास के दोनों सिरों पर लगाया; तब उन्हों ने सोने की दोनों गूंथी हुई जंजीरो को चपरास के सिरों पर की दोनों कड़ियों में लगाया। और गूंथी हुई दोनों जंजीरों के दोनों बाकी सिरों को उन्हों ने दोनों खानों में जड़के, एपोद के साम्हने दोनों कन्धों के बन्धनों पर लगाया। और उन्हों ने सोने की और दो कड़ियां बनाकर चपरास के दोनों सिरों पर उसकी उस कोर पर, जो एपोद की भीतरी भाग में थी, लगाईं। और उन्हों ने सोने की दो और कड़ियां भी बनाकर एपोद के दोनों कन्धों के बन्धनों पर नीचे से उसके साम्हने, और जोड़ के पास, एपोद के काढ़े हुए पटुके के ऊपर लगाईं। तब उन्हों ने चपरास को उसकी कड़ियों के द्वारा एपोद की कड़ियों में नीले फीते से ऐसा बान्धा, कि वह एपोद के काढ़े हुए पटुके के ऊपर रहे, और चपरास एपोद से अलग न होने पाए; जैसे यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।।
- Proverbs 8:11 नीतिवचन 8:11क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है।
- Revelation 21:19–21 प्रकाशितवाक्य 21:19–21और उस नगर की नेवें हर प्रकार के बहुमोल पत्थरों से संवारी हुई थी, पहिली नेव यशब की थी, दूसरी नीलमणि की, तीसरी लालड़ी की, चौथी मरकत की। पांचवी गोमेदक की, छठवीं माणिक्य की, सातवीं पीतमणि की, आठवीं पेरोज की, नवीं पुखराज की, दसवीं लहसनिए की, ग्यारहवीं धूम्रकान्त की, बारहवीं याकूत की। और बारहों फाटक, बारह मोतियों के थे; एक एक फाटक, एक एक मोती का बना था; और नगर की सड़क स्वच्छ कांच के समान चोखे सोने की थी।
- Job 28:18–19 अय्यूब 28:18–19मूंगे और स्फटिकमणि की उसके आगे क्या चर्चा! बुध्दि का मोल माणिक से भी अधिक है। कूश देश के पद्मराग उसके तुल्य नहीं ठहर सकते; और न उस से चोखे कुन्दन की बराबरी हो सकती है।
- Proverbs 20:15 नीतिवचन 20:15सोना और बहुत से मूंगे तो हैं; परन्तु ज्ञान की बातें अनमोल मणी ठहरी हैं।
- Lamentations 4:7 विलापगीत 4:7उसके कुलीन हिम से निर्मल और दूध से भी अधिक उज्ज्वल थे; उनकी देह मूंगों से अधिक लाल, और उनकी सुन्दरता नीलमणि की सी थी।
- Proverbs 3:15 नीतिवचन 3:15वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी।
- Exodus 28:9 निर्गमन 28:9फिर दो सुलैमानी मणि लेकर उन पर इस्त्राएल के पुत्रों के नाम खुदवाना,
- Malachi 3:17 मलाकी 3:17सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि जो दिन मैं ने ठहराया है, उस दिन वे लोग मेरे वरन मेरे निज भाग ठहरेंगे, और मै उन से ऐसी कोमलता करूंगा जैसी कोई अपने सेवा करनेवाले पुत्रा से करे।
- Exodus 28:11 निर्गमन 28:11मणि खोदनेवाले के काम से जैसे छापा खोदा जाता है, वैसे ही उन दो मणियों पर इस्त्राएल के पुत्रों के नाम खुदवाना; और उनको सोने के खानों में जड़वा देना।
- Proverbs 31:10 नीतिवचन 31:10भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूंगों से भी बहुत अधिक है। उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है।