Proverbs · chapter 20 · verse 15
Proverbs 20:15 in Hindi
सोना और बहुत से मूंगे तो हैं; परन्तु ज्ञान की बातें अनमोल मणी ठहरी हैं।
Sonaa aur bahut se moonge to haim; parantu jnyaan kee baatem anamol manee thaharee hain.
Proverbs 20:15 in English
- King James Version (KJV)
- There is gold, and a multitude of rubies: but the lips of knowledge [are] a precious jewel.
- World English Bible (WEB)
- There is gold and abundance of rubies, but the lips of knowledge are a rare jewel.
- American Standard Version (ASV)
- There is gold, and abundance of rubies; But the lips of knowledge are a precious jewel.
- Bible in Basic English (BBE)
- There is gold and a store of corals: but the lips of knowledge are a jewel of great price.
- Darby Translation (DBY)
- There is gold, and a multitude of rubies; but the lips of knowledge are a precious Jewel.
- Webster's Bible (WBS)
- There is gold, and a multitude of rubies: but the lips of knowledge [are] a precious jewel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Substance, gold, and a multitude of rubies, Yea, a precious vessel, [are] lips of knowledge.
Read in context
- 13नींद से प्रीति न रख, नहीं तो दरिद्र हो जाएगा; आंखें खोल तब तू रोटी से तृप्त होगा।
- 14मोल लेने के समय ग्राहक तुच्छ तुच्छ कहता है; परन्तु चले जाने पर बढ़ाई करता है।
- 15सोना और बहुत से मूंगे तो हैं; परन्तु ज्ञान की बातें अनमोल मणी ठहरी हैं।
- 16जो अनजाने का उत्तरदायी हुआ उसका कपड़ा, और जो पराए का उत्तरदायी हुआ उस से बंघक की वस्तु ले रख।
- 17चोरी- छिपे की रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, परन्तु पीछे उसका मुंह कंकड़ से भर जाता है।
Cross references
- Proverbs 25:12 नीतिवचन 25:12जैसे सोने का नत्थ और कुन्दन का जेवन अच्छा लगता है, वैसे ही माननेवाले के कान में बुद्धिमान की डांट भी अच्छी लगती है।
- Proverbs 8:11 नीतिवचन 8:11क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है।
- Proverbs 16:24 नीतिवचन 16:24मनभावने वचन मधुभरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हडि्डयों को हरी- भरी करते हैं।
- Proverbs 16:16 नीतिवचन 16:16बुद्धि की प्राप्ति चोखे सोने से क्या ही उत्तम है! और समझ की प्राप्ति चान्दी से अति योग्य है।
- Romans 10:14–15 रोमियों 10:14–15फिर जिस पर उन्हों ने विश्वास नहीं किया, वे उसका नाम क्योंकर लें? और जिस की नहीं सुनी उस पर क्योंकर विश्वास करें? और प्रचारक बिना क्योंकर सुनें? और यदि भेजे न जाएं, तो क्योंकर प्रचार करें? जैसा लिखा है, कि उन के पांव क्या ही सोहावने हैं, जो अच्छी बातों का सुसमाचार सुनाते हैं।
- Proverbs 3:15 नीतिवचन 3:15वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी।
- Proverbs 15:7 नीतिवचन 15:7बुद्धिमान लोग बातें करने से ज्ञान को फैलाते हैं, परन्तु मूर्खों का मन ठीक नहीं रहता।
- Ecclesiastes 12:9–11 सभोपदेशक 12:9–11उपदेशक जो बुद्धिमान था, वह प्रजा को ज्ञान भी सिखाता रहा, और ध्यान लगाकर और पूछपाछ करके बहुत से नीतिवचन क्रम से रखता था। उपदेशक ने मनभावने शब्द खोजे और सीधाई से ये सच्ची बातें लिख दीं।। बुद्धिमानों के वचन पैनों के समान होते हैं, और सभाओं के प्रधानों के वचन गाड़ी हुई कीलों के समान हैं, क्योंकि एक ही चरवाहे की ओर से मिलते हैं।
- Job 28:12–19 अय्यूब 28:12–19परन्तु बुध्दि कहां मिल सकती है? और समझ का स्थान कहां है? उसका मोल मनुष्य को मालूम नहीं, जीवनलोक में वह कहीं नहीं मिलती! अथाह सागर कहता है, वह मुझ में नहीं है, और समुद्र भी कहता है, वह मेरे पास नहीं है। चोखे सोने से वह मोल लिया नहीं जाता। और न उसके दाम के लिये चान्दी तौली जाती है। न तो उसके साथ ओपीर के कुन्दन की बराबरी हो सकती है; और न अनमोल सुलैमानी पत्थर वा नीलमणि की। न सोना, न कांच उसके बराबर ठहर सकता है, कुन्दन के गहने के बदले भी वह नहीं मिलती। मूंगे और स्फटिकमणि की उसके आगे क्या चर्चा! बुध्दि का मोल माणिक से भी अधिक है। कूश देश के पद्मराग उसके तुल्य नहीं ठहर सकते; और न उस से चोखे कुन्दन की बराबरी हो सकती है।
- Proverbs 16:21 नीतिवचन 16:21जिसके हृदय में बुद्धि है, वह समझवाला कहलाता है, और मधुर वाणी के द्वारा ज्ञान बढ़ता है।
- Ephesians 4:29 इफिसियों 4:29कोई गन्दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुननेवालों पर अनुग्रह हो।
- Proverbs 10:20–21 नीतिवचन 10:20–21धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है। धर्मी के वचनों से बहुतों का पालनपोषण होता है, परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने केस्रारण मर जाते हैं।