Exodus · chapter 32 · verse 10
Exodus 32:10 in Hindi
अब मुझे मत रोक, मेरा कोप उन पर भड़क उठा है जिस से मैं उन्हें भस्म करूं; परन्तु तुझ से एक बड़ी जाति उपजाऊंगा।
Ab mujhe mat rok, meraa kop un par bhadak uthaa hai jis se maim unhem bhasm karoom; parantu tujh se ek badee jaati upajaaoongaa.
Exodus 32:10 in English
- King James Version (KJV)
- Now therefore let me alone, that my wrath may wax hot against them, and that I may consume them: and I will make of thee a great nation.
- World English Bible (WEB)
- Now therefore leave me alone, that my wrath may burn hot against them, and that I may consume them; and I will make of you a great nation.”
- American Standard Version (ASV)
- now therefore let me alone, that my wrath may wax hot against them, and that I may consume them: and I will make of thee a great nation.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now do not get in my way, for my wrath is burning against them; I will send destruction on them, but of you I will make a great nation.
- Darby Translation (DBY)
- And now let me alone, that my anger may burn against them, and I may consume them; and I will make of thee a great nation.
- Webster's Bible (WBS)
- Now therefore let me alone, that my wrath may wax hot against them, and that I may consume them: and I will make of thee a great nation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and now, let Me alone, and My anger doth burn against them, and I consume them, and I make thee become a great nation.'
Read in context
- 8और जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा मैं ने उनको दी थी उसको झटपट छोड़कर उन्हों ने एक बछड़ा ढालकर बना लिया, फिर उसको दण्डवत् किया, और उसके लिये बलिदान भी चढ़ाया, और यह कहा है, कि हे इस्त्राएलियों तुम्हारा परमेश्वर जो तुम्हें मि देश से छुड़ा ले आया है वह यही है।
- 9फिर यहोवा ने मूसा से कहा, मैं ने इन लोगों को देखा, और सुन, वे हठीले हैं।
- 10अब मुझे मत रोक, मेरा कोप उन पर भड़क उठा है जिस से मैं उन्हें भस्म करूं; परन्तु तुझ से एक बड़ी जाति उपजाऊंगा।
- 11तब मूसा अपने परमेश्वर यहोवा को यह कहके मनाने लगा, कि हे यहोवा, तेरा कोप अपनी प्रजा पर क्यों भड़का है, जिसे तू बड़े सामर्थ्य और बलवन्त हाथ के द्वारा मि देश से निकाल लाया है?
- 12मिद्दी लोग यह क्यों कहने पाए, कि वह उनको बुरे अभिप्राय से, अर्थात् पहाड़ों में घात करके धरती पर से मिटा डालने की मनसा से निकाल ले गया? तू अपने भड़के हुए कोप को शांत कर, और अपनी प्रजा को ऐसी हानि पहुचाने से फिर जा।
Cross references
- Deuteronomy 9:14 व्यवस्थाविवरण 9:14इसलिये अब मुझे तू मत रोक, ताकि मैं उन्हें नष्ट कर डालूं, और धरती के ऊपर से उनका नाम वा चिन्ह तक मिटा डालूं, और मैं उन से बढ़कर एक बड़ी और सामर्थी जाति तुझी से उत्पन्न करूंगा।
- Numbers 14:12 गिनती 14:12मैं उन्हें मरी से मारूंगा, और उनके निज भाग से उन्हें निकाल दूंगा, और तुझ से एक जाति उपजाऊंगा जो उन से बड़ी और बलवन्त होगी।
- Deuteronomy 9:19 व्यवस्थाविवरण 9:19मैं तो यहोवा के उस कोप और जल- जलाहट से डर रहा था, क्योंकि वह तुम से अप्रसन्न होकर तुम्हें सत्यानाश करने को था। परन्तु यहोवा ने उस बार भी मेरी सुन ली।
- Exodus 22:24 निर्गमन 22:24तब मेरा क्रोध भड़केगा, और मैं तुम को तलवार से मरवाऊंगा, और तुम्हारी पत्नियां विधवा और तुम्हारे बालक अनाथ हो जाएंगे।।
- Numbers 16:45–48 गिनती 16:45–48तुम उस मण्डली के लोगों के बीच से हट जाओ, कि मैं उन्हें पल भर में भस्म कर डालूं। तब वे मुंह के बल गिरे। और मूसा ने हारून से कहा, धूपदान को लेकर उस में वेदी पर से आग रखकर उस पर धूप डाल, मण्डली के पास फुरती से जाकर उसके लिये प्रायश्चित्त कर; क्योंकि यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का है, और मरी फैलने लगी है। मूसा की आज्ञा के अनुसार हारून धूपदान लेकर मण्डली के बीच में दौड़ा गया; और यह देखकर कि लोगों में मरी फैलने लगी है, उस ने धूप जलाकर लोगों के लिये प्रायश्चित्त किया। और वह मुर्दों और जीवित के मध्य में खड़ा हुआ; तब मरी थम गई।
- Numbers 14:19–20 गिनती 14:19–20अब इन लोगों के अधर्म को अपनी बड़ी करूणा के अनुसार, और जैसे तू मि से लेकर यहां तक क्षमा करता रहा है वैसे ही अब भी क्षमा कर दे। यहोवा ने कहा, तेरी बिनती के अनुसार मैं क्षमा करता हूं;
- Numbers 16:22 गिनती 16:22तब वे मुंह के बल गिरके कहने लगे, हे ईश्वर, हे सब प्राणियों के आत्माओं के परमेश्वर, क्या एक पुरूष के पाप के कारण तेरा क्रोध सारी मण्डली पर होगा?
- Exodus 32:11 निर्गमन 32:11तब मूसा अपने परमेश्वर यहोवा को यह कहके मनाने लगा, कि हे यहोवा, तेरा कोप अपनी प्रजा पर क्यों भड़का है, जिसे तू बड़े सामर्थ्य और बलवन्त हाथ के द्वारा मि देश से निकाल लाया है?
- Jeremiah 14:11 यिर्मयाह 14:11फिर यहोवा ने मुझ से कहा, इस प्रजा की भलाई के लिये प्रार्थना मत कर।
- Exodus 32:19 निर्गमन 32:19छावनी के पास आते ही मूसा को वह बछड़ा और नाचना देख पड़ा, तब मूसा का कोप भड़क उठा, और उस ने तख्तियों को अपने हाथों से पर्वत के नीचे पटककर तोड़ डाला।
- Jeremiah 15:1 यिर्मयाह 15:1फिर यहोवा ने मुझ से कहा, यदि मूसा और शमूएल भी मेरे साम्हने खड़े होते, तौभी मेरा मन इन लोगों की ओर न फिरता। इनको मेरे साम्हने से निकाल दो कि वे निकल जाएं!
- Genesis 18:32–33 उत्पत्ति 18:32–33फिर उस ने कहा, हे प्रभु, क्रोध न कर, मैं एक ही बार और कहूंगा: कदाचित् उस में दस मिलें। उस ने कहा, तो मैं दस के कारण भी उसका नाश न करूंगा। जब यहोवा इब्राहीम से बातें कर चुका, तब चला गया: और इब्राहीम अपने घर को लौट गया।।