Deuteronomy · chapter 9 · verse 19
Deuteronomy 9:19 in Hindi
मैं तो यहोवा के उस कोप और जल- जलाहट से डर रहा था, क्योंकि वह तुम से अप्रसन्न होकर तुम्हें सत्यानाश करने को था। परन्तु यहोवा ने उस बार भी मेरी सुन ली।
Maim to yahovaa ke us kop aur jala- jalaahat se dar rahaa thaa, kyonki vah tum se aprasann hokar tumhem satyaanaash karane ko thaa. Parantu yahovaa ne us baar bhee meree sun lee.
Deuteronomy 9:19 in English
- King James Version (KJV)
- For I was afraid of the anger and hot displeasure, wherewith the LORD was wroth against you to destroy you. But the LORD hearkened unto me at that time also.
- World English Bible (WEB)
- For I was afraid of the anger and hot displeasure with which the LORD was angry against you to destroy you. But the LORD listened to me that time also.
- American Standard Version (ASV)
- For I was afraid of the anger and hot displeasure, wherewith Jehovah was wroth against you to destroy you. But Jehovah hearkened unto me that time also.
- Bible in Basic English (BBE)
- For I was full of fear because of the wrath of the Lord which was burning against you, with your destruction in view. But again the Lord's ear was open to my prayer.
- Darby Translation (DBY)
- For I was afraid of the anger and fury wherewith Jehovah was wroth against you to destroy you. And Jehovah listened unto me also at that time.
- Webster's Bible (WBS)
- (For I was afraid of the anger and hot displeasure with which the LORD was wroth against you to destroy you.) But the LORD hearkened to me at that time also.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'For I have been afraid because of the anger and the fury with which Jehovah hath been wroth against you, to destroy you; and Jehovah doth hearken unto me also at this time.
Read in context
- 17तब मैं ने उन दोनों पटियाओं को अपने दोनो हाथों से लेकर फेंक दिया, और तुम्हारी आंखों के साम्हने उनको तोड़ डाला।
- 18तब तुम्हारे उस महापाप के कारण जिसे करके तुम ने यहोवा की दृष्टि में बुराई की, और उसे रीस दिलाई थी, मैं यहोवा के साम्हने मुंह के बल गिर पड़ा, और पहिले की नाई, अर्थात् चालीस दिन और चालीस रात तक, न तो रोटी खाई और न पानी पिया।
- 19मैं तो यहोवा के उस कोप और जल- जलाहट से डर रहा था, क्योंकि वह तुम से अप्रसन्न होकर तुम्हें सत्यानाश करने को था। परन्तु यहोवा ने उस बार भी मेरी सुन ली।
- 20और यहोवा हारून से इतना क्रोधित हुआ कि उसे भी सत्यानाश करना चाहा; परन्तु उसी समय मैं ने हारून के लिये भी प्रार्थना की।
- 21और मैं ने वह बछड़ा जिसे बनाकर तुम पापी हो गए थे लेकर, आग में डालकर फूंक दिया; और फिर उसे पीस पीसकर ऐसा चूर चूरकर डाला कि वह धूल की नाई जीर्ण हो गया; और उसकी उस राख को उस नदी में फेंक दिया जो पर्वत से निकलकर नीचे बहती थी।
Cross references
- Deuteronomy 10:10 व्यवस्थाविवरण 10:10मैं तो पहिले की नाई उस पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात ठहरा रहा, और उस बार भी यहोवा ने मेरी सुनी, और तुझे नाश करने की मनसा छोड़ दी।
- Exodus 32:14 निर्गमन 32:14तब यहोवा अपनी प्रजा की हानि करने से जो उन ने कहा था पछताया।।
- James 5:16–17 याकूब 5:16–17इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है। एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
- Psalm 99:6 भजन संहिता 99:6उसके याजकों में मूसा और हारून, और उसके प्रार्थना करनेवालों में से शमूएल यहोवा को पुकारते थे, और वह उनकी सुन लेता था।
- Exodus 33:17 निर्गमन 33:17यहोवा ने मूसा से कहा, मैं यह काम भी जिसकी चर्चा तू ने की है करूंगा; कयोंकि मेरे अनुग्रह की दृष्टि तुझ पर है, और तेरा नाम मेरे चित्त में बसा है।
- Exodus 32:10–11 निर्गमन 32:10–11अब मुझे मत रोक, मेरा कोप उन पर भड़क उठा है जिस से मैं उन्हें भस्म करूं; परन्तु तुझ से एक बड़ी जाति उपजाऊंगा। तब मूसा अपने परमेश्वर यहोवा को यह कहके मनाने लगा, कि हे यहोवा, तेरा कोप अपनी प्रजा पर क्यों भड़का है, जिसे तू बड़े सामर्थ्य और बलवन्त हाथ के द्वारा मि देश से निकाल लाया है?
- Amos 7:2–3 आमोस 7:2–3जब वे घास खा चुकीं, तब मैं ने कहा, हे परमेश्वर यहोवा, क्षमा कर! नहीं तो याकूब कैसे स्थिर रह सकेगा? वह कितना निर्बल है! इसके विषय में यहोवा पछताया, और उस से कहा, ऐसी बात अब न होगी।।
- Nehemiah 1:2–7 नहेमायाह 1:2–7तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरूष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा। उन्हों ने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं। ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्थना करता रहा। हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखनेवाले और आज्ञा माननेवाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करूणा करता है; तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरूद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है। हम ने तेरे साम्हने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएं, विधियां और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उनको हम ने नहीं माना।
- Luke 12:4–5 लूका 12:4–5परन्तु मैं तुम से जो मेरे मित्रा हो कहता हूं, कि जो शरीर को घात करते हैं परन्तु उसके पीछे और कुछ नहीं कर सकते उन से मत डरो। मैं तुम्हें चिताता हूं कि तुम्हें किस से डरना चाहिए, घात करते के बाद जिस को नरक में डालने का अधिकार है, उसी से डरो: बरन मैं तुम से कहता हूं उसी से डरो।
- Deuteronomy 9:8 व्यवस्थाविवरण 9:8फिर होरेब के पास भी तुम ने यहोवा को क्रोधित किया, और वह क्रोधित होकर तुम्हें नष्ट करना चाहता था।
- Amos 7:5–6 आमोस 7:5–6तब मैं ने कहा, हे परमेश्वर यहोवा, थम जा! नहीं तो याकूब कैसे स्थिर रह सकेगा? वह कैसा निर्बल है। इसके विषय में भी यहोवा पछताया; और परमेश्वर यहोवा ने कहा, ऐसी बात फिर न होगी।।
- Psalm 106:23 भजन संहिता 106:23इसलिये उस ने कहा, कि मैं इन्हें सत्यानाश कर डालता यदि मेरा चुना हुआ मूसा जोखिम के स्थान में उनके लिये खड़ा न होता ताकि मेरी जलजलाहट को ठण्डा करे कहीं ऐसा न हो कि मैं उन्हें नाश कर डालूं।।