Ezekiel · chapter 16 · verse 5
Ezekiel 16:5 in Hindi
किसी की दयादृष्टि तुझ पर नहीं हुई कि इन कामों में से तेरे लिये एक भी काम किया जाता; वरन अपने जन्म के दिन तू घृणित होने के कारण खुले मैदान में फेंक दी गई थी।
Kisee kee dayaadrushti tujh par naheem huee ki in kaamom mem se tere liye ek bhee kaam kiyaa jaataa; varan apane janm ke din too ghrunit hone ke kaaran khule maidaan mem phenk dee gaee thee.
Ezekiel 16:5 in English
- King James Version (KJV)
- None eye pitied thee, to do any of these unto thee, to have compassion upon thee; but thou wast cast out in the open field, to the lothing of thy person, in the day that thou wast born.
- World English Bible (WEB)
- No eye pitied you, to do any of these things to you, to have compassion on you; but you were cast out in the open field, because you were abhorred in the day that you were born.
- American Standard Version (ASV)
- No eye pitied thee, to do any of these things unto thee, to have compassion upon thee; but thou wast cast out in the open field, for that thy person was abhorred, in the day that thou wast born.
- Bible in Basic English (BBE)
- No eye had pity on you to do any of these things to you or to be kind to you; but you were put out into the open country, because your life was hated at the time of your birth.
- Darby Translation (DBY)
- No eye pitied thee, to do any of these unto thee, to have compassion upon thee; but thou wast cast out in the open field, from abhorrence of thy person, in the day that thou wast born.
- Webster's Bible (WBS)
- No eye pitied thee, to do any of these to thee, to have compassion upon thee; but thou wast cast out in the open field, to the lothing of thy person, in the day that thou wast born.
- Young's Literal Translation (YLT)
- No eye hath had pity on thee, to do to thee any of these, To have compassion on thee, And thou art cast on the face of the field, With loathing of thy person. In the day thou hast been born — thou!
Read in context
- 3और उस से कह, हे यरूशलेम, प्रभु यहोवा तुझ से यों कहता है, तेरा जन्म और तेरी उत्पत्ति कनानियों के देश से हुई; तेरा पिता तो एमोरी और तेरी माता हित्तिन थी।
- 4और तेरा जन्म ऐसे हुआ कि जिस दिन तू जन्मी, उस दिन न तेरा नाल काटा गया, न तू शुठ्ठ होने के लिये धोई गई, न तेरे कुछ लोन मला गया और न तू कुछ कपड़ों में लमेटी गई।
- 5किसी की दयादृष्टि तुझ पर नहीं हुई कि इन कामों में से तेरे लिये एक भी काम किया जाता; वरन अपने जन्म के दिन तू घृणित होने के कारण खुले मैदान में फेंक दी गई थी।
- 6और जब मैं तेरे पास से होकर निकला, और तुझे लोहू में लोटते हुए देखा, तब मैं ने तुझ से कहा, हे नोहू में लोटती हुई जीवित रह; हां, तुझ ही से मैं ने कहा, हे लोहू मे लोटती हुई, जीवित रह।
- 7फिर मैं ने तुझे खेत के बिरूले की नाई बढाया, और तू बढ़ते बढ़ते बड़ी हो गई और अति सुन्दर हो गई; तेरी छातियां सुडौल हुई, और तेरे बाल बढे; तौभी तू नंगी थी।
Cross references
- Deuteronomy 32:10 व्यवस्थाविवरण 32:10उस ने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजनेवालों से भरी हुई मरूभूमि में पाया; उस ने उसके चंहु ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आंख की पुतली की नाई उसकी सुधि रखी।।
- Lamentations 4:3 विलापगीत 4:3गीदड़िन भी अपने बच्चों को थन से लगाकर पिलाती है, परन्तु मेरे लोगों की बेटी वन के शुतुर्मुग के तुल्य निर्दयी हो गई है।
- Exodus 1:22 निर्गमन 1:22तब फिरौन ने अपनी सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इब्रियों के जितने बेटे उत्पन्न हों उन सभों को तुम नील नदी में डाल देना, और सब बेटियों को जीवित रख छोड़ना।।
- Genesis 21:10 उत्पत्ति 21:10सो इस कारण उस ने इब्राहीम से कहा, इस दासी को पुत्रा सहित बरबस निकाल दे: क्योंकि इस दासी का पुत्रा मेरे पुत्रा इसहाक के साथ भागी न होगा।
- Numbers 19:16 गिनती 19:16और जो कोई मैदान में तलवार से मारे हुए को, वा अपनी मृत्यु से मरे हुए को, वा मनुष्य की हड्डी को, वा किसी कब्र को छूए, तो सात दिन तक अशुद्ध रहे।
- Isaiah 49:15 यशायाह 49:15क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूघपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता।
- Ezekiel 2:6 यहेजकेल 2:6और हे मनुष्य के सन्तान, तू उन से न डरना; चाहे तुझे कांटों, ऊंटकटारों ओर बिच्चुओं के बीच भी रहना पड़े, तौभी उनके वचनों से न डरना; यद्यपि वे बलवई घराने के हैं, तौभी न तो उनके वचनों से डरना, और न उनके मुंह देखकर तेरा मन कच्चा हो।
- Lamentations 2:11 विलापगीत 2:11मेरी आंखें आंसू बहाते बहाते रह गई हैं; मेरी अन्तड़ियां एेंठी जाती हैं; मेरे लोगों की पुत्री के विनाश के कारण मेरा कलेजा फट गया है, क्योंकि बच्चे वरन दूधपिउवे बच्चे भी नगर के चौकों मे मूर्च्छित होते हैं।
- Jeremiah 22:19 यिर्मयाह 22:19वरन उसको गदहे की नाई मिट्टी दी जाएगी, वह घसीटकर यरूशलेम के फाटकों के बाहर फेंक दिया जाएगा।
- Jeremiah 9:21–22 यिर्मयाह 9:21–22क्योंकि मृत्यु हमारी खिड़कियों से होकर हमारे महलों में घुस आई है, कि, हमारी सड़कों में बच्चों को और चौकों में जवानों को मिटा दे। तू कह, यहोवा यों कहता है, मनुष्यों की लोथें ऐसी पड़ी रहेंगी जैसा खाद खेत के ऊपर, और पूलियां काटनेवाले के पीछे पड़ी रहती हैं, और उनका कोई उठानेवाला न होगा।
- Lamentations 4:10 विलापगीत 4:10दयालु स्त्रियों ने अपने ही हाथों से अपने बच्चों को पकाया है; मेरे लोगों के विनाश के समय वे ही उनका आहार बन गए।
- Lamentations 2:19 विलापगीत 2:19रात के हर पहर के आरम्भ में उठकर चिल्लाया कर! प्रभु के सम्मुख अपने मन की बातों को घारा की नाई उण्डेल! तेरे बालबच्चे जो हर एक सड़क के सिरे पर भूख के कारण मूर्च्छित हो रहे हैं, उनके प्राण के निमित्त अपने हाथ उसकी ओर फैला।