Ezekiel · chapter 18 · verse 22
Ezekiel 18:22 in Hindi
उस ने जितने अपराध किए हों, उन में से किसी का स्मरण उसके विरूद्ध न किया जाएगा; जो धर्म का काम उस ने किया हो, उसके कारण वह जीवित रहेगा।
Us ne jitane aparaadh kie hom, un mem se kisee kaa smaran usake virooddh na kiyaa jaaegaa; jo dharm kaa kaam us ne kiyaa ho, usake kaaran vah jeevit rahegaa.
Ezekiel 18:22 in English
- King James Version (KJV)
- All his transgressions that he hath committed, they shall not be mentioned unto him: in his righteousness that he hath done he shall live.
- World English Bible (WEB)
- None of his transgressions that he has committed will be remembered against him. In his righteousness that he has done, he shall live.
- American Standard Version (ASV)
- None of his transgressions that he hath committed shall be remembered against him: in his righteousness that he hath done he shall live.
- Bible in Basic English (BBE)
- Not one of the sins which he has done will be kept in memory against him: in the righteousness which he has done he will have life.
- Darby Translation (DBY)
- None of his transgressions which he hath committed shall be remembered against him; in his righteousness which he hath done shall he live.
- Webster's Bible (WBS)
- All his transgressions that he hath committed, they shall not be mentioned to him: in his righteousness that he hath done he shall live.
- Young's Literal Translation (YLT)
- All his transgressions that he hath done Are not remembered to him, In his righteousness that he hath done he liveth.
Read in context
- 20जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्रा पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्रा का; धम को अपने ही धर्म का फल, और दुष्ट को अपनी ही दुष्टता का फल मिलेगा।
- 21परन्तु यदि दुष्ट जन अपने सब पापों से फिरकर, मेरी सब विधियों का पालन करे और न्याय और धर्म के काम करे, तो वह न मरेगा; वरन जीवित ही रहेगा।
- 22उस ने जितने अपराध किए हों, उन में से किसी का स्मरण उसके विरूद्ध न किया जाएगा; जो धर्म का काम उस ने किया हो, उसके कारण वह जीवित रहेगा।
- 23प्रभु यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न होता हूँ? क्या मैं इस से प्रसन्न नहीं होता कि वह अपने मार्ग से फिरकर जीवित रहे?
- 24परन्तु जब धम अपने धर्म से फिरकर टेढ़े काम, वरन दुष्ट के सब घृणित कामों के अनुसार करने लगे, तो क्या वह जीवित रहेगा? जितने धर्म के काम उस ने किए हों, उन में से किसी का स्मरण न किया जाएगा। जो विश्वासघात और पाप उस ने किया हो, उसके कारण वह मर जाएगा।
Cross references
- Micah 7:19 मीका 7:19वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा।
- Ezekiel 33:16 यहेजकेल 33:16जितने पाप उसने किए हों, उन में से किसी का स्मरण न किया जाएगा; उसने न्याय और धर्म के काम किए और वह निश्चय जीवित रहेगा।
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Ezekiel 18:24 यहेजकेल 18:24परन्तु जब धम अपने धर्म से फिरकर टेढ़े काम, वरन दुष्ट के सब घृणित कामों के अनुसार करने लगे, तो क्या वह जीवित रहेगा? जितने धर्म के काम उस ने किए हों, उन में से किसी का स्मरण न किया जाएगा। जो विश्वासघात और पाप उस ने किया हो, उसके कारण वह मर जाएगा।
- Psalm 18:20–24 भजन संहिता 18:20–24यहोवा ने मुझ से मेरे धर्म के अनुसार व्यवहार किया; और मेरे हाथों की शुद्धता के अनुसार उस ने मुझे बदला दिया। क्योंकि मैं यहोवा के मार्गों पर चलता रहा, और दुष्टता के कारण अपने परमेश्वर से दूर न हुआ। क्योंकि उसके सारे निर्णय मेरे सम्मुख बने रहे और मैं ने उसकी विधियों को न त्यागा। और मैं उसके सम्मुख सिद्ध बना रहा, और अधर्म से अपने को बचाए रहा। यहोवा ने मुझे मेरे धर्म के अनुसार बदला दिया, और मेरे हाथों की उस शुद्धता के अनुसार जिसे वह देखता था।।
- Romans 8:1 रोमियों 8:1सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं बरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
- Jeremiah 50:20 यिर्मयाह 50:20यहोवा की यह वाणी है, कि उन दिनों में इस्राएल का अधर्म ढूंढ़ने पर भी नहीं मिलेगा, और यहूदा के पाप खोजने पर भी नहीं मिलेंगे; क्योंकि जिन्हें मैं बचाऊं, उनके पाप भी क्षमा कर दूंगा।
- Psalm 103:12 भजन संहिता 103:12उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उस ने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
- Hebrews 8:12 इब्रानियों 8:12क्योंकि मैं उन के अधर्म के विषय मे दयावन्त हूंगा, और उन के पापों को फिर स्मरण न करूंगा।
- Psalm 25:7 भजन संहिता 25:7हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।।
- Psalm 32:1–2 भजन संहिता 32:1–2क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- 1 Kings 17:18 1 राजा 17:18तब वह एलिरयाह से कहने लगी, हे परमेश्वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहां आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?