Psalms · chapter 32 · verse 1
Psalm 32:1 in Hindi
क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो।
Kyaa hee dhany hai vah jisakaa aparaadh kshamaa kiyaa gayaa, aur jisakaa paap dhaapaa gayaa ho.
Psalm 32:1 in English
- King James Version (KJV)
- [A Psalm] of David, Maschil. Blessed [is he whose] transgression [is] forgiven, [whose] sin [is] covered.
- World English Bible (WEB)
- By David. A contemplative psalm. Blessed is he whose disobedience is forgiven, whose sin is covered.
- American Standard Version (ASV)
- [A Psalm] of David. Maschil. Blessed is he whose transgression is forgiven, Whose sin is covered.
- Bible in Basic English (BBE)
- Of David. Maschil. Happy is he who has forgiveness for his wrongdoing, and whose sin is covered.
- Darby Translation (DBY)
- Of David. Instruction. Blessed is he [whose] transgression is forgiven, [whose] sin is covered!
- Webster's Bible (WBS)
- [A Psalm] of David, Maschil. Blessed [is he whose] transgression [is] forgiven, [whose] sin [is] covered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- By David. — An Instruction. O the happiness of him whose transgression [is] forgiven, Whose sin is covered.
Read in context
- 1क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो।
- 2क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- 3जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
Cross references
- Romans 4:6–8 रोमियों 4:6–8जिसे परमेश्वर बिना कमों के धर्मी ठहराता है, उसे दाऊद भी धन्य कहता है। कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ापे गए। धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।
- Isaiah 44:22 यशायाह 44:22मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।।
- Psalm 85:2 भजन संहिता 85:2तू ने अपनी प्रजा के अधर्म को क्षमा किया है; और उसके सब पापों को ढांप दिया है।
- Acts 13:38–39 प्रेरितों के काम 13:38–39इसलिये, हे भाइयो; तुम जान लो कि इसी के द्वारा पापों की क्षमा का समाचार तुम्हें दिया जाता है। और जिन बातों से तुम मूसा की व्यवस्था के द्वारा निर्दोष नहीं ठहर सकते थे, उन्हीं सब से हर एक विश्वास करनेवाला उसके द्वारा निर्दोष ठहरता है।
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Micah 7:18–19 मीका 7:18–19तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है। वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा।
- Revelation 22:14 प्रकाशितवाक्य 22:14धन्य वे हैं, जो अपने वस्त्रा धो लेते हैं, क्योंकि उन्हें जीवन के पेड़ के पास आने का अधिकार मिलेगा, और वे फाटकों से होकर नगर में प्रवेश करेंगे।
- Isaiah 1:18 यशायाह 1:18यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।
- Jeremiah 17:7–8 यिर्मयाह 17:7–8धन्य है वह पुरूष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
- Psalm 40:4 भजन संहिता 40:4क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुंह न फेरता हो।
- Matthew 5:3–12 मत्ती 5:3–12धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे। धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे। धन्य हैं वे, जो दयावन्त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी। धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे। धन्य हैं वे, जो मेल करवानेवाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा कहलाएंगे। धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। आनन्दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्हों ने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।। तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा?
- Psalm 119:1–2 भजन संहिता 119:1–2क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं! क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!