John · chapter 4 · verse 24
John 4:24 in Hindi
परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करनेवाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें।
Parameshvar aatmaa hai, aur avashy hai ki usake bhajan karanevaale aatmaa aur sachchaaee se bhajan karen.
John 4:24 in English
- King James Version (KJV)
- God [is] a Spirit: and they that worship him must worship [him] in spirit and in truth.
- World English Bible (WEB)
- God is spirit, and those who worship him must worship in spirit and truth.”
- American Standard Version (ASV)
- God is a Spirit: and they that worship him must worship in spirit and truth.
- Bible in Basic English (BBE)
- God is Spirit: then let his worshippers give him worship in the true way of the spirit.
- Darby Translation (DBY)
- God [is] a spirit; and they who worship him must worship [him] in spirit and truth.
- Webster's Bible (WBS)
- God [is] a Spirit: and they that worship him, must worship [him] in spirit and in truth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- God [is] a Spirit, and those worshipping Him, in spirit and truth it doth behove to worship.'
Read in context
- 22तुम जिसे नहीं जानते, उसका भजन करते हो; और हम जिसे जानते हैं उसका भजन करते हैं; क्योंकि उद्धार यहूदियों में से है।
- 23परन्तु वह समय आता है, बरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करनेवालों को ढूंढ़ता है।
- 24परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करनेवाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें।
- 25स्त्री ने उस से कहा, मैं जानती हूं कि मसीह जो ख्रीस्तुस कहलाता है, आनेवाला है; जब वह आएगा, तो हमें सब बातें बता देगा।
- 26यीशु ने उस से कहा, मैं जो तुझ से बोल रहा हूं, वही हूं।।
Cross references
- 2 Corinthians 3:17 2 कुरिन्थियों 3:17प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्वतंत्राता है।
- Matthew 15:8–9 मत्ती 15:8–9कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्य की विधियों को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।
- Philippians 3:3 फिलिप्पियों 3:3क्योंकि खतनावाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।
- Psalm 51:17 भजन संहिता 51:17टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- 1 Samuel 16:7 1 शमूएल 16:7परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।
- 1 Timothy 1:17 1 तीमुथियुस 1:17अब सनातन राजा अर्थात् अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Psalm 66:18 भजन संहिता 66:18यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता।
- Psalm 50:23 भजन संहिता 50:23धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है; और जो अपना चरित्रा उत्तम रखता है उसको मैं परमेश्वर का किया हुआ उद्धार दिखाऊंगा!
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
- Psalm 50:13–15 भजन संहिता 50:13–15क्या मैं बैल का मांस खाऊं, वा बकरों का लोहू पीऊं? परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर; और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।।