Ezekiel · chapter 22 · verse 29
Ezekiel 22:29 in Hindi
देश के साधारण लोग भी अन्धेर करते और पराया धन छीनते हैं, वे दीन दरिद्र को पीसते और न्याय की चिन्ता छोड़कर परदेशी पर अन्धेेर करते हैं।
Desh ke saadhaaran log bhee andher karate aur paraayaa dhan chheenate haim, ve deen daridr ko peesate aur nyaay kee chintaa chhodakar paradeshee par andheేr karate hain.
Ezekiel 22:29 in English
- King James Version (KJV)
- The people of the land have used oppression, and exercised robbery, and have vexed the poor and needy: yea, they have oppressed the stranger wrongfully.
- World English Bible (WEB)
- The people of the land have used oppression and exercised robbery. Yes, they have troubled the poor and needy, and have oppressed the foreigner wrongfully.
- American Standard Version (ASV)
- The people of the land have used oppression, and exercised robbery; yea, they have vexed the poor and needy, and have oppressed the sojourner wrongfully.
- Bible in Basic English (BBE)
- The people of the land have been acting cruelly, taking men's goods by force; they have been hard on the poor and those in need, and have done wrong to the man from a strange land.
- Darby Translation (DBY)
- The people of the land use oppression and practise robbery; and they vex the poor and needy, and oppress the stranger wrongfully.
- Webster's Bible (WBS)
- The people of the land have used oppression, and exercised robbery, and have oppressed the poor and needy: yes, they have oppressed the stranger wrongfully.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The people of the land have used oppression, And have taken plunder violently away, And humble and needy have oppressed, And the sojourner oppressed — without judgment.
Read in context
- 27उसके प्रधान हुंड़ारों की नाई अहेर पकड़ते, और अन्याय से लाभ उठाने के लिये हत्या करते हैं और प्राण घात करने को तत्पर रहते हैं।
- 28और उसके भविष्यद्वक्ता उनके लिये कच्ची लेसाई करते हैं, उनका दर्शन पाना मिध्या है; यहोवा के बिना कुछ कहे भी वे यह कहकर झूठी भावी बताते हैं कि "प्रभु यहोवा यों कहता है"।
- 29देश के साधारण लोग भी अन्धेर करते और पराया धन छीनते हैं, वे दीन दरिद्र को पीसते और न्याय की चिन्ता छोड़कर परदेशी पर अन्धेेर करते हैं।
- 30और मैं ने उन में ऐसा मनुष्य ढूंढ़ना चाहा जो बाड़े को सुधारे और देश के निमित्त नाके में मेरे साम्हने ऐसा खड़ा हो कि मुझे उसको नाश न करना पड़े, परन्तु ऐसा कोई न मिला।
- 31इस कारण मैं ने उन पर अपना रोष भड़काया और अपनी जलजलाहट की आग से उन्हें भस्म कर दिया है; मैं ने उनकी चाल उन्ही के सिर पर लौटा दी है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।।
Cross references
- Ezekiel 22:7 यहेजकेल 22:7तुझ में माता- पिता तुच्छ जाने गए हैं; तेरे बीच परदेशी पर अन्धेर किया गया; और अनाथ और विधवा तुझ में पीसी गई हैं।
- Exodus 23:9 निर्गमन 23:9परदेशी पर अन्धेर न करना; तुम तो परदेशी के मन की बातें जानते हो, क्योंकि तुम भी मि देश में परदेशी थे।।
- Leviticus 19:33 लैव्यव्यवस्था 19:33और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।
- Jeremiah 5:31 यिर्मयाह 5:31भचिष्यद्वक्ता झूठमूठ भविष्यद्वाणी करते हैं; और याजक उनके सहारे से प्रभुता करते हैं; मेरी प्रजा को यह भाता भी है, परन्तु अन्त के समय तुम क्या करोगे?
- Psalm 94:6 भजन संहिता 94:6वे विधवा और परदेशी का घात करते, और बपमूओं को मार डालते हैं;
- Isaiah 5:7 यशायाह 5:7क्योंकि सेनाओं के यहोवा की दाख की बारी इस्राएल का घराना, और उसका मनभाऊ पौधा यहूदा के लोग है; और उस ने उन में न्याय की आशा की परन्तु अन्याय देख पड़ा; उस ने धर्म की आशा की, परन्तु उसे चिल्लाहट ही सुन पड़ी!
- Exodus 22:21 निर्गमन 22:21और परदेशी को न सताना और न उस पर अन्धेर करना क्योंकि मि देश में तुम भी परदेशी थे।
- Isaiah 10:2 यशायाह 10:2कि वे कंगालों का न्याय बिगाड़ें और मेरी प्रजा के दी लोगों का हक मारें, कि वे विधवाओं को लूटें और अनाथों का माल अपना लें!
- Amos 3:10 आमोस 3:10यहोवा की यह वाणी है, कि जो लो अपने भवनों में उपद्रव और डकैती का धन बटोर रखते हैं, वे सीधाई से काम करना जानते ही नहीं।
- James 5:4 याकूब 5:4देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
- Micah 2:2 मीका 2:2वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- Isaiah 59:3–7 यशायाह 59:3–7क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं। कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं। वे सांपिन के अण्डे सेते और मकड़ी के जाले बनाते हैं; जो कोई उनके अण्डे खाता वह मर जाता है, और जब कोई एक को फोड़ता तब उस में से सपोला निकलता है। उनके जाले कपड़े का काम न देंगे, न वे अपने कामों से अपने को ढाप सकेंगे। क्योंकि उनके काम अनर्थ ही के होते हैं, और उनके हाथों से अपद्रव का काम होता है। वे बुराई करने को दौड़ते हैं, और निर्दोष की हत्या करने को तत्पर रहते हैं; उनकी युक्तियां व्यर्थ हैं, उजाड़ और विनाश ही उनके मार्गों में हैं।