Ezekiel · chapter 28 · verse 4
Ezekiel 28:4 in Hindi
तू ने अपनी बुद्धि और समझ के द्वारा धन प्राप्त किया, और अपने भण्डारों में सोना- चान्दी रखा है;
Too ne apanee buddhi aur samajh ke dvaaraa dhan praapt kiyaa, aur apane bhandaarom mem sonaa- chaandee rakhaa hai;
Ezekiel 28:4 in English
- King James Version (KJV)
- With thy wisdom and with thine understanding thou hast gotten thee riches, and hast gotten gold and silver into thy treasures:
- World English Bible (WEB)
- By your wisdom and by your understanding you have gotten yourself riches, and have gotten gold and silver into your treasuries.
- American Standard Version (ASV)
- by thy wisdom and by thine understanding thou hast gotten thee riches, and hast gotten gold and silver into thy treasures;
- Bible in Basic English (BBE)
- By your wisdom and deep knowledge you have got power for yourself, and put silver and gold in your store-houses:
- Darby Translation (DBY)
- by thy wisdom and by thine understanding thou hast gotten thee riches, and hast gotten gold and silver into thy treasures;
- Webster's Bible (WBS)
- With thy wisdom and with thy understanding thou hast gained for thee riches, and hast gained gold and silver into thy treasures:
- Young's Literal Translation (YLT)
- By thy wisdom and by thine understanding Thou hast made for thee wealth, And makest gold and silver in thy treasuries.
Read in context
- 2हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आपको परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है।
- 3तू दानिरयेल से अधिक बुद्धिमान तो है; कोई भेद तुझ से छिपा न होगा;
- 4तू ने अपनी बुद्धि और समझ के द्वारा धन प्राप्त किया, और अपने भण्डारों में सोना- चान्दी रखा है;
- 5तू ने बड़ी बुद्धि से लेन- देन किया जिस से तेरा धन बढ़ा, और धन के कारण तेरा मन फूल उठा है।
- 6इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू जो अपना मन परमेश्वर सा दिखाता है,
Cross references
- Proverbs 18:11 नीतिवचन 18:11धनी का धन उसकी दृष्टि में गढ़वाला नगर, और ऊंचे पर बनी हुई शहरपनाह है।
- Deuteronomy 8:17–18 व्यवस्थाविवरण 8:17–18और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई। परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उस ने तेेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।
- Proverbs 23:4–5 नीतिवचन 23:4–5धनी होने के लिये परिश्रम न करना; अपनी समझ का भरोसा छोड़ना। क्या तू अपनी दृष्टि उस वस्तु पर लगाएगा, जो है ही नहीं? वह उकाब पक्षी की नाईं पंख लगाकर, नि:सन्देह आकाश की ओर उड़ जाता है।
- Ecclesiastes 9:11 सभोपदेशक 9:11फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़नेवाले और न युद्ध में शूरवीर जीतते; न बुद्धिमान लोग रोटी पाते न समझवाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में है।
- Zechariah 9:2–4 जकर्याह 9:2–4हमात की ओर जो दमिश्क के निकट है, और सोर और सीदोन की ओर, ये तो बहुत ही बुद्धिमान् हैं। सोर ने अपने लिये एक गढ़ बनाया, और धूलि के किनकों की नाईं चान्दी, और सड़कों की कीच के समान चोखा सोना बटोर रखा है। देखो, परमेश्वर उसको औरों के अधिकार में कर देगा, और उसके घमण्ड को तोड़कर समुद्र में डाल देगा; और वह नगर आग का कौर हो जाएगा।।
- Ezekiel 29:3 यहेजकेल 29:3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।
- Habakkuk 1:16 हबक्कूक 1:16इसीलिये वह अपने जाल के साम्हने बलि चढ़ाता और अपने महाजाल के आगे धूप जलाता है; क्योंकि इन्हीं के द्वारा उसका भाग पुष्ट होता, और उसका भोजन चिकना होता है।