Proverbs · chapter 18 · verse 11
Proverbs 18:11 in Hindi
धनी का धन उसकी दृष्टि में गढ़वाला नगर, और ऊंचे पर बनी हुई शहरपनाह है।
Dhanee kaa dhan usakee drushti mem gadhavaalaa nagar, aur oonche par banee huee shaharapanaah hai.
Proverbs 18:11 in English
- King James Version (KJV)
- The rich man’s wealth [is] his strong city, and as an high wall in his own conceit.
- World English Bible (WEB)
- The rich man’s wealth is his strong city, like an unscalable wall in his own imagination.
- American Standard Version (ASV)
- The rich man’s wealth is his strong city, And as a high wall in his own imagination.
- Bible in Basic English (BBE)
- The property of a man of wealth is his strong town, and it is as a high wall in the thoughts of his heart.
- Darby Translation (DBY)
- The rich man's wealth is his strong city, and as a high wall in his own imagination.
- Webster's Bible (WBS)
- The rich man's wealth [is] his strong city, and as a high wall in his own conceit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The wealth of the rich [is] the city of his strength, And as a wall set on high in his own imagination.
Read in context
- 9जो काम में आलस करता है, वह खोनेवाले का भाई ठहरता है।
- 10यहोवा का नाम दृढ़ कोट है; धर्मी उस में भागकर सब दुर्घटनाओं से बचता है।
- 11धनी का धन उसकी दृष्टि में गढ़वाला नगर, और ऊंचे पर बनी हुई शहरपनाह है।
- 12नाश होने से पहिले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहिले नम्रता होती है।
- 13जो बिना बात सुने उत्तर देता है, वह मूढ़ ठहरता है, और उसका अनादर होता है।
Cross references
- Proverbs 10:15 नीतिवचन 10:15धनी का धन उसका दृढ़ नगर है, परन्तु कंगाल लोग निर्धन होने के कारण विनाश होते हैं।
- Psalm 52:5–7 भजन संहिता 52:5–7हे ईश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवतों के लोक में तुझे उखाड़ डालेगा। तब धर्मी लोग इस घटना को देखकर डर जाएंगे, और यह कहकर उस पर हंसेंगे, कि देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
- Ecclesiastes 7:12 सभोपदेशक 7:12क्योंकि बुद्धि की आड़ रूपये की आड़ का काम देता है; परन्तु ज्ञान की श्रेष्ठता यह है कि बुद्धि से उसके रखनेवालों के प्राण की रक्षा होती है।
- Luke 12:19–21 लूका 12:19–21और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह। परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा? ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं।।
- Psalm 49:6–9 भजन संहिता 49:6–9जो अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखते, और अपने धन की बहुतायत पर फूलते हैं, उन में से कोई अपने भाई को किसी भांति छुड़ा नहीं सकता है; और न परमेश्वर को उसकी सन्ती प्रायश्चित्त में कुछ दे सकता है, (क्योंकि उनके प्राण की छुड़ौती भारी है वह अन्त तक कभी न चुका सकेंगे)। कोई ऐसा नहीं जो सदैव जीवित रहे, और कब्र को न देखे।।
- Proverbs 11:4 नीतिवचन 11:4कोप के दिन धन से तो कुछ लाभ नहीं होता, परन्तु धर्म मृत्यु से भी बचाता है।
- Deuteronomy 32:31 व्यवस्थाविवरण 32:31क्योंकि जैसी हमारी चट्टान है वैसी उनकी चट्टान नहीं है, चाहे हमारे शत्रु ही क्यों न न्यायी हों।।
- Psalm 62:10–11 भजन संहिता 62:10–11अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।। परमेश्वर ने एक बार कहा है; और दो बार मैं ने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है।
- Job 31:24–25 अय्यूब 31:24–25यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता, वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,