Ezekiel · chapter 28 · verse 5
Ezekiel 28:5 in Hindi
तू ने बड़ी बुद्धि से लेन- देन किया जिस से तेरा धन बढ़ा, और धन के कारण तेरा मन फूल उठा है।
Too ne badee buddhi se lena- den kiyaa jis se teraa dhan badhaa, aur dhan ke kaaran teraa man phool uthaa hai.
Ezekiel 28:5 in English
- King James Version (KJV)
- By thy great wisdom [and] by thy traffick hast thou increased thy riches, and thine heart is lifted up because of thy riches:
- World English Bible (WEB)
- By your great wisdom and by your trading you have increased your riches, and your heart is lifted up because of your riches—”
- American Standard Version (ASV)
- by thy great wisdom [and] by thy traffic hast thou increased thy riches, and thy heart is lifted up because of thy riches;—
- Bible in Basic English (BBE)
- By your great wisdom and by your trade your power is increased, and your heart is lifted up because of your power:
- Darby Translation (DBY)
- by thy great wisdom thou hast by thy traffic increased thy riches, and thy heart is lifted up because of thy riches.
- Webster's Bible (WBS)
- By thy great wisdom [and] by thy traffick hast thou increased thy riches, and thy heart is lifted up because of thy riches:
- Young's Literal Translation (YLT)
- By the abundance of thy wisdom, Through thy merchandise, Thou hast multiplied thy wealth, And high is thy heart through thy wealth.
Read in context
- 3तू दानिरयेल से अधिक बुद्धिमान तो है; कोई भेद तुझ से छिपा न होगा;
- 4तू ने अपनी बुद्धि और समझ के द्वारा धन प्राप्त किया, और अपने भण्डारों में सोना- चान्दी रखा है;
- 5तू ने बड़ी बुद्धि से लेन- देन किया जिस से तेरा धन बढ़ा, और धन के कारण तेरा मन फूल उठा है।
- 6इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू जो अपना मन परमेश्वर सा दिखाता है,
- 7इसलिये देख, मैं तुझ पर ऐसे परदेशियों से चढ़ाई कराऊंगा, जो सब जातियों से अधिक बलात्कारी हैं; वे अपनी तलवारें तेरी बुद्धि की शोभा पर चलाएंगे और तेरी चमक- दमक को बिगाड़ेंगे।
Cross references
- Psalm 52:7 भजन संहिता 52:7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
- Psalm 62:10 भजन संहिता 62:10अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।।
- Hosea 13:6 होशे 13:6परन्तु जब इस्राएली चराए जाते थे और वे तृप्त हो गए, तब तृप्त होने पर उनका मन घमण्ड से भर गया; इस कारण वे मुझ को भूल गए।
- Ezekiel 28:2 यहेजकेल 28:2हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आपको परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है।
- Hosea 12:7–8 होशे 12:7–8वह व्योपारी है, और उसके हाथ में छल का तराजू है; अन्धेर करता ही उसको भाता है। एप्रैम कहता है, मैं धनी हो गया, मैं ने सम्पत्ति प्राप्त की है; मेरे किसी काम में ऐसा अधर्म नहीं पाया गया जिस से पाप लगे।
- Proverbs 11:28 नीतिवचन 11:28जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते की नाई लहलहाते हैं।
- James 4:13–14 याकूब 4:13–14तुम जो यह कहते हो, कि आज या कल हम किसी और नगर में जाकर वहां एक वर्ष बिताएंगे, और व्यापार करके लाभ उठाएंगे। और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- Deuteronomy 6:11–12 व्यवस्थाविवरण 6:11–12और अच्छे अच्छे पदार्थों से भरे हुए घर, जो तू ने नहीं भरे, और खुदे हुए कुंए, जो तू ने नहीं खोदे, और दाख की बारियां और जलपाई के वक्षृ, जो तू ने नहीं लगाए, ये सब वस्तुएं जब वह दे, और तू खाके तृप्त हो, तब सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि तू यहोवा को भूल जाए, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है।
- Proverbs 26:12 नीतिवचन 26:12यदि तू ऐसा मनुष्य देखे जो अपनी दृष्टि में बुद्धिमान बनता हो, तो उस से अधिक आशा मूर्ख ही से है।
- Isaiah 5:21 यशायाह 5:21हाय उन पर जो अपनी दृष्टि में ज्ञानी और अपने लेखे बुद्धिमान हैं!
- Job 31:24–25 अय्यूब 31:24–25यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता, वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,
- Deuteronomy 8:13–14 व्यवस्थाविवरण 8:13–14और तेरी गाय- बैलों और भेड़- बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है,