Habakkuk · chapter 1 · verse 16
Habakkuk 1:16 in Hindi
इसीलिये वह अपने जाल के साम्हने बलि चढ़ाता और अपने महाजाल के आगे धूप जलाता है; क्योंकि इन्हीं के द्वारा उसका भाग पुष्ट होता, और उसका भोजन चिकना होता है।
Iseeliye vah apane jaal ke saamhane bali chadhaataa aur apane mahaajaal ke aage dhoop jalaataa hai; kyonki inheem ke dvaaraa usakaa bhaag pusht hotaa, aur usakaa bhojan chikanaa hotaa hai.
Habakkuk 1:16 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore they sacrifice unto their net, and burn incense unto their drag; because by them their portion [is] fat, and their meat plenteous.
- World English Bible (WEB)
- Therefore he sacrifices to his net and burns incense to his dragnet, because by them his life is luxurious and his food is good.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore he sacrificeth unto his net, and burneth incense unto his drag; because by them his portion is fat, and his food plenteous.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason he makes an offering to his net, burning perfume to his fishing-net; because by them he gets much food and his meat is fat.
- Darby Translation (DBY)
- therefore he sacrificeth unto his net, and burneth incense unto his drag; for by them his portion is become fat, and his meat dainty.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore they sacrifice to their net, and burn incense to their drag; because by them their portion [is] fat, and their food plenteous.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore he doth sacrifice to his net, And doth make perfume to his drag, For by them [is] his portion fertile, and his food fat.
Read in context
- 14तू क्यों मनुष्यों को समुद्र की मछलियों के समान और उन रेंगनेवाले जन्तुओं के समान बनाता है जिन पर कोई शासन करनेवाला नहीं है।
- 15वह उन सब मनुष्यों को बन्सी से पकड़कर उठा लेता और जाल में घसीटता और महाजाल में फंसा लेता है; इस कारण वह आनन्दित और मगन है।
- 16इसीलिये वह अपने जाल के साम्हने बलि चढ़ाता और अपने महाजाल के आगे धूप जलाता है; क्योंकि इन्हीं के द्वारा उसका भाग पुष्ट होता, और उसका भोजन चिकना होता है।
- 17परन्तु क्या वह जाल को खाली करने और जाति जाति के लोगों को लगातार निर्दयता से घात करने से हाथ न रोकेगा?
Cross references
- Daniel 4:30 दानिय्येल 4:30क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
- Deuteronomy 8:17 व्यवस्थाविवरण 8:17और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
- Ezekiel 28:3 यहेजकेल 28:3तू दानिरयेल से अधिक बुद्धिमान तो है; कोई भेद तुझ से छिपा न होगा;
- Habakkuk 1:11 हबक्कूक 1:11तब वे वायु की नाई चलते और मर्यादा छोड़कर दोषी ठहरते हैं, क्योंकि उनका बल ही उनका देवता है।।
- Daniel 5:23 दानिय्येल 5:23वरन तू ने स्वर्ग के प्रभु के विरूद्ध सिर उठाकर उसके भवन के पात्रा मंगवाकर अपने साम्हने धरवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखेलियों समेत तू ने उन में दाखमधु पिया; और चान्दी- सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सन्मान तू ने नहीं किया।।
- Isaiah 10:13–15 यशायाह 10:13–15उस ने कहा है, अपने ही बाहुबल और बुद्धि से मैं ने यह काम किया है, क्योंकि मैं चतुर हूं; मैं ने देश देश के सिवानों को हटा दिया, और उनके रखे हुए धन को लूअ लिया; मैं ने वीर की नाई गद्दी पर विराजनेहारों को उतार दिया है। देश देश के लोगों की धनसम्पत्ति, चिड़ियों के घोंसलों की नाईं, मेरे हाथ आई है, और जैसे कोई छोड़े हुए अण्डों को बटोर ले वैसे ही मैं ने सारी पृथ्वी को बटोर लिया है; और कोई पंख फड़फड़ाने वा चोंच खोलने वा चीं चीं करनेवाला न था।। क्या कुल्हाड़ा उसक विरूद्ध जो उस से काटता हो डींग मारे, वा आरी उसके विरूद्ध जो उसे खींचता हो बड़ाई करे? क्या सोंटा अपने चलानेवाले को चलाए वा छड़ी उसे उठाए जो काठ नहीं है!
- Isaiah 37:24 यशायाह 37:24अपने कर्मचारियों के द्वारा तू ने प्रभु की निन्दा करके कहा है कि बहुत से रथ लेकर मैं पर्वतों की चोटियों पर वरन लबानोन के बीच तक चढ़ आया हूं; मैं उसके ऊंचे ऊंचे देवदारों और अच्छे अच्छे सनौबरों को काट डालूंगा और उसके दूर दूर के ऊंचे स्थानों में और उसके वन की फलदाई बारियों में प्रवेश करूंगा।
- Ezekiel 29:3 यहेजकेल 29:3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।