Job · chapter 31 · verse 24
Job 31:24 in Hindi
यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता,
Yadi maim ne sone kaa bharosaa kiyaa hotaa, vaa kundan ko apanaa aasaraa kahaa hotaa,
Job 31:24 in English
- King James Version (KJV)
- If I have made gold my hope, or have said to the fine gold, [Thou art] my confidence;
- World English Bible (WEB)
- “If I have made gold my hope, and have said to the fine gold, ‘You are my confidence;’
- American Standard Version (ASV)
- If I have made gold my hope, And have said to the fine gold, [Thou art] my confidence;
- Bible in Basic English (BBE)
- If I made gold my hope, or if I ever said to the best gold, I have put my faith in you;
- Darby Translation (DBY)
- If I have made gold my hope, or said to the fine gold, My confidence!
- Webster's Bible (WBS)
- If I have made gold my hope, or have said to the fine gold, [Thou art] my confidence;
- Young's Literal Translation (YLT)
- If I have made gold my confidence, And to the pure gold have said, 'My trust,'
Read in context
- 22तो मेरी बांह पखौड़े से उखड़कर गिर पडे, और मेरी भुजा की हड्डी टूट जाए।
- 23क्योंकि ईश्वर के प्रताप के कारण मैं ऐसा नहीं कर सकता था, क्योंकि उसकी ओर की विपत्ति के कारण मैं भयभीत होकर थरथराता था।
- 24यदि मैं ने सोने का भरोसा किया होता, वा कुन्दन को अपना आसरा कहा होता,
- 25वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,
- 26वा सूर्य को चमकते वा चन्द्रमा को महाशोभा से चलते हुए देखकर
Cross references
- Psalm 49:6–7 भजन संहिता 49:6–7जो अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखते, और अपने धन की बहुतायत पर फूलते हैं, उन में से कोई अपने भाई को किसी भांति छुड़ा नहीं सकता है; और न परमेश्वर को उसकी सन्ती प्रायश्चित्त में कुछ दे सकता है,
- Deuteronomy 8:12–14 व्यवस्थाविवरण 8:12–14ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, और तेरी गाय- बैलों और भेड़- बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है,
- Proverbs 11:28 नीतिवचन 11:28जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते की नाई लहलहाते हैं।
- Psalm 52:7 भजन संहिता 52:7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
- Luke 12:15 लूका 12:15और उस ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता।
- Psalm 62:10 भजन संहिता 62:10अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।।
- 1 Timothy 6:17 1 तीमुथियुस 6:17इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
- Proverbs 10:15 नीतिवचन 10:15धनी का धन उसका दृढ़ नगर है, परन्तु कंगाल लोग निर्धन होने के कारण विनाश होते हैं।
- 1 Timothy 6:10 1 तीमुथियुस 6:10क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
- Psalm 49:17 भजन संहिता 49:17क्योंकि वह मर कर कुछ भी साथ न ले जाएगा; न उसका विभव उसके साथ कब्र में जाएगा।
- Proverbs 30:9 नीतिवचन 30:9ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार करके कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खोकर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं।
- Mark 10:24–25 मरकुस 10:24–25यीशु ने चारों और देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! चेले उस की बातों से अचम्भित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालको, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!