Ezekiel · chapter 33 · verse 10
Ezekiel 33:10 in Hindi
फिर हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के घराने से यह कह, तुम लोग कहते हो, हमारे अपराधों और पापों का भार हमारे ऊपर लदा हुआ है और हम उसके कारण गलते जाते हैं; हम कैसे जीवित रहें?
Phir he manushy ke santaan, israael ke gharaane se yah kah, tum log kahate ho, hamaare aparaadhom aur paapom kaa bhaar hamaare oopar ladaa huaa hai aur ham usake kaaran galate jaate haim; ham kaise jeevit rahem?
Ezekiel 33:10 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore, O thou son of man, speak unto the house of Israel; Thus ye speak, saying, If our transgressions and our sins [be] upon us, and we pine away in them, how should we then live?
- World English Bible (WEB)
- “You, son of man, tell the house of Israel: ‘You say this, “Our transgressions and our sins are on us, and we pine away in them. How then can we live?”’
- American Standard Version (ASV)
- And thou, son of man, say unto the house of Israel: Thus ye speak, saying, Our transgressions and our sins are upon us, and we pine away in them; how then can we live?
- Bible in Basic English (BBE)
- And you, son of man, say to the children of Israel, You say, Our wrongdoing and our sins are on us and we are wasting away in them; how then may we have life?
- Darby Translation (DBY)
- And thou, son of man, say unto the house of Israel, Thus ye speak, saying, Our transgressions and our sins are upon us, and we waste away in them, how then should we live?
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore, O thou son of man, speak to the house of Israel; Thus ye speak, saying, If our transgressions and our sins [are] upon us, and we pine away in them, how should we then live?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou, son of man, say unto the house of Israel: Rightly ye have spoken, saying: Surely our transgressions and our sins [are] on us, And in them we are wasting away, How, then, do we live?
Read in context
- 8यदि मैं दुष्ट से कहूं, हे दुष्ट, तू निश्चय मरेगा, तब यदि तू दुष्ट को उसके मार्ग के विषय न चिताए, तो वह दुष्ट अपने अधर्म में फंसा हुआ मरेगा, परन्तु उसके खून का लेखा में तुझी से लूंगा।
- 9परन्तु यदि तू दुष्ट को उसके मार्ग के विषय चिताए कि वह अपने मार्ग से फिरे और वह अपने मार्ग से न फिरे, तो वह तो अपने अधर्म में फंसा हुआ मरेगा, परन्तु तू अपना प्राण बचा लेगा।
- 10फिर हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के घराने से यह कह, तुम लोग कहते हो, हमारे अपराधों और पापों का भार हमारे ऊपर लदा हुआ है और हम उसके कारण गलते जाते हैं; हम कैसे जीवित रहें?
- 11सो तू ने उन से यह कह, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न नहीं होता, परन्तु इस से कि दुष्ट अपने मार्ग से फिर कर जीवित रहे; हे इस्राएल के घराने, तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिर जाओ; तुम क्यों मरो?
- 12और हे मनुष्य के सन्तान, अपने लोगों से यह कह, जब धमीं जन अपराध करे तब उसका धर्म उसे बचा न सकेगा; और दुष्ट की दुष्टता भी जो हो, जब वह उस से फिर जाए, तो उसके कारण वह न गिरेगा; और धमीं जन जब वह पाप करे, तब अपने धर्म के कारण जीवित न रहेगा।
Cross references
- Ezekiel 37:11 यहेजकेल 37:11फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, ये हडि्डयां इस्राएल के सारे घराने की उपमा हैं। वे कहत हैं, हमारी हडि्डयां सूख गई, और हमारी आशा जाती रही; हम पूरी रीति से कट चूके हैं।
- Isaiah 49:14 यशायाह 49:14परन्तु सिरयोन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है।
- Leviticus 26:39 लैव्यव्यवस्था 26:39और तुम में से जो बचे रहेंगे वे अपने शत्रुओं के देशों में अपने अधर्म के कारण गल जाएंगे; और अपने पुरखाओं के अधर्म के कामों के कारण भी वे उन्हीं की नाई गल जाएंगे।
- Ezekiel 24:23 यहेजकेल 24:23तूम सिर पर पगड़ी बान्धे और पांवों में जूती पहिने रहोगे, न तुम रोओगे, न छाती पीटोगे, वरन अपने अधर्म के कामों में फंसे हुए गलते जाओगे और एक दूसरे की ओर कराहते रहोगे।
- Ezekiel 4:17 यहेजकेल 4:17और इस से उन्हें रोटी और पानी की घटी होगी; और वे सब के सब घबराएंगे, और अपने अधर्म में फंसे हुए सूख् जाएंगे।
- Isaiah 51:20 यशायाह 51:20तेरे लड़के मूर्च्छित होकर हर एक सड़क के सिरे पर, महाजाल में फंसे हुए हरिण की नाई पड़े हैं; याहोवा की जलजलाहट और तेरे परमेश्वर की धमकी के कारण वे अचेत पड़े हैं।।
- Psalm 130:7 भजन संहिता 130:7इस्राएल यहोवा पर आशा लगाए रहे! क्योंकि यहोवा करूणा करनेवाला और पूरा छुटकारा देनेवाला है।
- Jeremiah 2:25 यिर्मयाह 2:25अपने पांव नंगे और गला सुखाए न रह। परन्तु तू ने कहा, नहीं, ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि मेरा प्रेम दूसरों से लग गया है और मैं उनके पीछे चलती रहूंगी।