Ezekiel · chapter 40 · verse 49
Ezekiel 40:49 in Hindi
ओसारे की लम्बाई बीस हाथ और चौड़ाई ग्यारह हाथ की थी; और उस पर चढ़ने को सीढ़ियां थीं; और दोनों ओर के खम्भों के पास लाटें थीं।
Osaare kee lambaaee bees haath aur chaudaaee gyaarah haath kee thee; aur us par chadhane ko seedhiyaam theem; aur donom or ke khambhom ke paas laatem theen.
Ezekiel 40:49 in English
- King James Version (KJV)
- The length of the porch [was] twenty cubits, and the breadth eleven cubits; and [he brought me] by the steps whereby they went up to it: and [there were] pillars by the posts, one on this side, and another on that side.
- World English Bible (WEB)
- The length of the porch was twenty cubits and the width eleven cubits, even by the steps by which they went up to it. There were pillars by the posts, one on this side, and another on that side.
- American Standard Version (ASV)
- The length of the porch was twenty cubits, and the breadth eleven cubits; even by the steps whereby they went up to it: and there were pillars by the posts, one on this side, and another on that side.
- Bible in Basic English (BBE)
- The covered way was twenty cubits long and twelve cubits wide, and they went up to it by ten steps; and there were pillars by the uprights, one on one side and one on the other.
- Darby Translation (DBY)
- The length of the porch was twenty cubits, and the breadth eleven cubits, even by the steps whereby they went up to it; and there were pillars by the posts, one on this side, and one on that side.
- Webster's Bible (WBS)
- The length of the porch [was] twenty cubits, and the breadth eleven cubits; and [he brought me] by the steps by which they went up to it: and [there were] pillars by the posts, one on this side, and another on that side.
- Young's Literal Translation (YLT)
- the length of the porch twenty cubits, and the breadth eleven cubits; and by the steps whereby they go up unto it: and pillars [are] at the posts, one on this side, and one on that side.
Read in context
- 47फिर उस ने आंगन को मापकर उसे चौकोना अर्थात् सौ हाथ लम्बा और सौ हाथ चौड़ा पाया; और भवन के साम्हने वेदी थी।
- 48फिर वह मुझे भवन के ओसारे में ले गया, और ओसारे के दोनों ओर के खम्भों को मापकर पांच पांच हाथ का पाया; और दोनों ओर फाटक की चौड़ाई तीन तीन हाथ की थी।
- 49ओसारे की लम्बाई बीस हाथ और चौड़ाई ग्यारह हाथ की थी; और उस पर चढ़ने को सीढ़ियां थीं; और दोनों ओर के खम्भों के पास लाटें थीं।
Cross references
- 1 Kings 7:15–21 1 राजा 7:15–21उस ने पीतल ढालकर अठारह अठाही हाथ ऊंचे दो खम्भे बनाए, और एक एक का घेरा बारह हाथ के सूत का था। और उस ने खम्भों के सिरों पर लगाने को पीतल ढालकर दो कंगनी बनाई; एक एक कंगनी की ऊंचाई, पांच पांच हाथ की थी। और खम्भों के सिरों पर की कंगनियों के लिये चारखाने की सात सात जालियां, और सांकलों की सात सात झालरें बनीं। और उस ने खम्भों को भी इस प्रकार बनाया; कि खम्भों के सिरों पर की एक एक कंगनी के ढांपने को चारों अोर जालियों की एक एक पांति पर अनारों की दो पांतियां हों। और जो कंगनियां ओसारों में खम्भो के सिरों पर बनीं, उन में चार चार हाथ ऊंचे सोसन के फूल बने हुए थे। और एक एक खम्भे के सिरे पर, उस गोलाई के पास जो जाली से लगी थी, एक और कंगनी बनी, और एक एक कंगनी पर जो अनार चारों ओर पांति पांति करके बने थे वह दो सौ थे। उन खम्भों को उस ने मन्दिर के ओसारे के पास खड़ा किया, और दाहिनी ओर के खम्भे को खड़ा करके उसका नाम याकीन रखा; फिर बाई ओर के खम्भे को क्षड़ा करके उसका नाम बोआज़ रखा।
- Ezekiel 40:31 यहेजकेल 40:31और इसका खम्भों का ओसारा बाहरी आंगन की ओर था, और इसके खम्भों पर भी खजूर के पेड़ खुदे हुए थे, और इस पर चढ़ने को आठ सीढ़ियां थीं।
- Revelation 3:12 प्रकाशितवाक्य 3:12जो जय पाए, उस मैं अपने परमेश्वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊंगा; और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्वर का नाम, और अपने परमेश्वर के नगर, अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है और अपना नया नाप उस पर लिखूंगा।
- Ezekiel 40:37 यहेजकेल 40:37उसके खम्भे बाहरी आंगन की ओर थे, और उन पर भी दोनों ओर खजूर के पेड़ खुदे हुए थे; और उस में चढ़ने को आठ सीढ़ियां थीं।
- Ezekiel 40:34 यहेजकेल 40:34इसका ओसारा भी बाहरी आंगन की ओर था, और उसके दोनों ओर के खम्भों पर खजूर के पेड़ खुदे हुए थे; और इस पर भी चढ़ने को आठ सीढ़ियां थीं।
- 2 Chronicles 3:17 2 इतिहास 3:17उस ने इन ख्म्भों को मन्दिर के साम्हने, एक तो उसकी दाहिनी ओर और दूसरा बाई ओर खड़ा कराया; और दाहिने खम्भे का नाम याकीन और बायें खम्भे का नाम बोअज़ रखा।
- Jeremiah 52:17–23 यिर्मयाह 52:17–23और यहोवा के भवन में जो पीतल के खम्भे थे, और कुर्सियों और पीतल के हौज जो यहोवा के भवन में थे, उन सभों को कसदी लोग लोड़कर उनका पीतल बाबुल को ले गए। और हांड़ियों, फावड़ियों, कैंचियों, कटोरों, घूपदानों, निदान पीतल के और सब पात्रों को, जिन से लोग सेवा टहल करते थे, वे ले गए। और तसलों, करछों, कटोरियों, हांड़ियों, दीवटों, धूपदानों, और कटोरों में से जो कुछ सोने का था, उनके सोने को, और जो कुछ चान्दी का था उनकी चान्दी को भी जल्लादों का प्रधान ले गया। दोनों खम्भे, एक हौज और पीतल के बारहों बैल जो पायों के नीचे थे, इन सब को तो सुलैमान राजा ने यहोवा के भवन के लिये बनवाया था, और इन सब का पीतल तौल से बाहर था। जो खम्भे थे, उन में से एक एक की ऊंचाई अठारह हाथ, और घेरा बारह हाथ, और मोटाई चार अंगुल की थी, और वे खोखले थे। एक एक की कंगनी पीतल की थी, और एक एक कंगनी की ऊंचाई पांच हाथ की थी; और उस पर चारों ओर जो जाली और अनार बने थे वे सब पीतल के थे। कंगनियों के चारों अलंगों पर छियानवे अनार बने थे, और जाली के ऊपर चारों ओर एक सौ अनार थे।
- 1 Kings 6:3 1 राजा 6:3और भवन के मन्दिर के साम्हने के ओसारे की लम्बाई बीस हाथ की थी, अर्थात् भवन की चौड़ाई के बराबर थी, और ओसारे की चौड़ाई जो भवन के साम्हने थी, वह दस हाथ की थी।
Original words (Hebrew)
- length · H753אֹרֶךְ ʼôrek
- porch · H197אוּלָם ʼûwlâm
- twenty · H6242עֶשְׂרִים ʻesrîym
- cubits · H520אַמָּה ʼammâh
- breadth · H7341רֹחַב rôchab
- eleven · H6249עַשְׁתֵּי ʻashtêy
- cubits · H520אַמָּה ʼammâh
- steps · H4609מַעֲלָה maʻălâh
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- pillars · H5982עַמּוּד ʻammûwd
- posts · H352אַיִל ʼayil
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- another · H259אֶחָד ʼechâd