Ezekiel · chapter 45 · verse 15
Ezekiel 45:15 in Hindi
और इस्राएल की उत्तम उत्तम चराइयों से दो दो सौ भेड़बकरियों में से एक भेड़ वा बकरी दी जाए। ये सब वस्तुएं अन्नबलि, होमबलि और मेलबलि के लिये दी जाएं जिस से उनके लिये प्रायश्चित्त किया जाए, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
Aur israael kee uttam uttam charaaiyom se do do sau bhedabakariyom mem se ek bhed vaa bakaree dee jaae. Ye sab vastuem annabali, homabali aur melabali ke liye dee jaaem jis se unake liye praayashchitt kiyaa jaae, parameshvar yahovaa kee yahee vaanee hai.
Ezekiel 45:15 in English
- King James Version (KJV)
- And one lamb out of the flock, out of two hundred, out of the fat pastures of Israel; for a meat offering, and for a burnt offering, and for peace offerings, to make reconciliation for them, saith the Lord GOD.
- World English Bible (WEB)
- and one lamb of the flock out of two hundred, from the well-watered pastures of Israel—for a meal offering, for a burnt offering, and for peace offerings, to make atonement for them,” says the Lord GOD.
- American Standard Version (ASV)
- and one lamb of the flock, out of two hundred, from the well-watered pastures of Israel;—for a meal-offering, and for a burnt-offering, and for peace-offerings, to make atonement for them, saith the Lord Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And one lamb from the flock out of every two hundred, from all the families of Israel, for a meal offering and for a burned offering and for peace-offerings, to take away their sin, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- and one lamb out of the flock, out of two hundred, from the well-watered pastures of Israel; — for an oblation, and for a burnt-offering, and for peace-offerings, to make atonement for them, saith the Lord Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And one lamb out of the flock, out of two hundred, out of the fat pastures of Israel; for a meat-offering, and for a burnt-offering, and for peace-offerings, to make reconciliation for them, saith the Lord GOD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and one lamb out of the flock, out of two hundred, out of the watered country of Israel, for a present, and for a burnt-offering, and for peace-offerings, to make atonement by them — an affirmation of the Lord Jehovah.
Read in context
- 13तुम्हारी उठाई हुई भेंट यह हो, अर्थात् गेहूं के होमेर से एपा का छठवां अंश, और जव के होमेर में से एपा का छठवां अंश देना।
- 14और तेल का नियत अंश कोर में से बत का दसवां अंश हो; कोर तो दस बत अर्थात् एक होमेर के तुल्य है, क्योंकि होमेर दस बत का होता है।
- 15और इस्राएल की उत्तम उत्तम चराइयों से दो दो सौ भेड़बकरियों में से एक भेड़ वा बकरी दी जाए। ये सब वस्तुएं अन्नबलि, होमबलि और मेलबलि के लिये दी जाएं जिस से उनके लिये प्रायश्चित्त किया जाए, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- 16इस्राएल के प्रधान के लिये देश के सब लोग यह भेंट दें।
- 17पव, नये चांद के दिनों, विश्रामदिनों और इस्राएल के घराने के सब नियत समयों में होमबलि, अन्नबलि, और अर्ध देना प्रधान ही का काम हो। इस्राएल के घराने के लिये प्रायश्चित्त करने को वह पापबलि, अन्नबलि, होमबलि, और मेलबलि तैयार करे।
Cross references
- Leviticus 1:4 लैव्यव्यवस्था 1:4और वह अपना हाथ होमबलिपशु के सिर पर रखे, और वह उनके लिये प्रायश्चित्त करने को ग्रहण किया जाएगा।
- Leviticus 6:30 लैव्यव्यवस्था 6:30पर जिस पापबलिपशु के लोहू में से कुछ भी खून मिलापवाले तम्बू के भीतर पवित्रास्थान में प्रायश्चित्त करने को पहुंचाया जाए तब तो उसका मांस कभी न खाया जाए; वह आग में जला दिया जाए।।
- Proverbs 3:9–10 नीतिवचन 3:9–10अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।।
- Daniel 9:24 दानिय्येल 9:24तेरे लोगों और तेरे पवित्रा नगर के लिये सत्तर सप्ताह ठहराए गए हैं कि उनके अन्त तक अपराध का होना बन्द हो, और पापों को अन्त और अधर्म का प्रायश्चित्त किया जाए, और युगयुग की धार्मिकता प्रगट होए; और दर्शन की बात पर और भविष्यवाणी पर छाप दी जाए, और परमपवित्रा का अभिषेक किया जाए।
- Malachi 1:14 मलाकी 1:14जिस छली के झुण्ड में नरपशु हो परन्तु वह मन्नत मानकर परमेश्वर को बर्जा हुआ पशु चढ़ाए, वह शापित है; मैं तो महाराजा हूं, और मेरा नाम अन्यजातियों में भययोग्य है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
- Hebrews 9:22–23 इब्रानियों 9:22–23और व्यवस्था के अनुसार प्राय: सब वस्तुएं लोहू के द्वारा शुद्ध की जाती हैं; और बिना लोहू बहाए क्षमा नहीं होती।। इसलिये अवश्य है, कि स्वर्ग में की वस्तुओं के प्रतिरूप इन के द्वारा शुद्ध किए जाएं; पर स्वर्ग में की वस्तुएं आप इन से उत्तम बलिदानों के द्वारा।
- Romans 5:10 रोमियों 5:10क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्रा की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?
- Malachi 1:8 मलाकी 1:8जब तुम अन्धे पशु को बलि करने के लिये समीप ले आते हो तो क्या यह बुरा नहीं? और जब तुम लंगड़े वा रोगी पशु को ले आते हो, तो क्या यह बुरा नहीं? अपने हाकिम के पास ऐसी भेंट ले आओ; क्या वह तुम से प्रसन्न होगा वा तुम पर अनुग्रह करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
- Colossians 1:21 कुलुस्सियों 1:21और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।
- Hebrews 2:17 इब्रानियों 2:17इस कारण उस को चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित्त करे।
- Ephesians 2:16 इफिसियों 2:16और क्रूस पर बैर को नाश करके इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए।
- 2 Corinthians 5:19–21 2 कुरिन्थियों 5:19–21अर्थात् परमेश्वर ने मसीह में होकर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उस ने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।। सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
Original words (Hebrew)
- one · H259אֶחָד ʼechâd
- lamb · H7716שֶׂה seh
- flock · H6629צֹאן tsôʼn
- hundred · H3967מֵאָה mêʼâh
- pastures · H4945מַשְׁקֶה mashqeh
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- offering · H4503מִנְחָה minchâh
- offering · H5930עֹלָה ʻôlâh
- offerings · H8002שֶׁלֶם shelem
- reconciliation · H3722כָּפַר kâphar
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây