Galatians · chapter 2 · verse 6
Galatians 2:6 in Hindi
फिर जो लोग कुछ समझे जाते थे (वे चाहे कैसे ही थे, मुझे इस से कुछ काम नहीं, परमेश्वर किसी का पक्षपात नहीं करता) उन से जो कुछ भी समझे जाते थे, मुझे कुछ भी नहीं प्राप्त हुआ।
Phir jo log kuchh samajhe jaate the (ve chaahe kaise hee the, mujhe is se kuchh kaam naheem, parameshvar kisee kaa pakshapaat naheem karataa) un se jo kuchh bhee samajhe jaate the, mujhe kuchh bhee naheem praapt huaa.
Galatians 2:6 in English
- King James Version (KJV)
- But of these who seemed to be somewhat, (whatsoever they were, it maketh no matter to me: God accepteth no man’s person:) for they who seemed [to be somewhat] in conference added nothing to me:
- World English Bible (WEB)
- But from those who were reputed to be important—whatever they were, it makes no difference to me; God doesn’t show partiality to man—they, I say, who were respected imparted nothing to me,
- American Standard Version (ASV)
- But from those who were reputed to be somewhat (whatsoever they were, it maketh no matter to me: God accepteth not man’s person)—they, I say, who were of repute imparted nothing to me:
- Bible in Basic English (BBE)
- But from those who seemed to be important (whatever they were has no weight with me: God does not take man's person into account): those who seemed to be important gave nothing new to me;
- Darby Translation (DBY)
- But from those who were conspicuous as being somewhat — whatsoever they were, it makes no difference to me: God does not accept man's person; for to me those who were conspicuous communicated nothing;
- Webster's Bible (WBS)
- But of these, who seemed to be somewhat, (whatever they were, it maketh no matter to me: God accepteth no man's person:) for they who seemed [to be somewhat] , in conference added nothing to me:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And from those who were esteemed to be something — whatever they were then, it maketh no difference to me — the face of man God accepteth not, for — to me those esteemed did add nothing,
Read in context
- 4और यह उन झूठे भाइयों के कारण हुआ, जो चोरी से घुस आए थे, कि उस स्वतंत्राता का जो मसीह यीशु में हमें मिली है, भेद लेकर हमें दास बनाएं।
- 5उन के आधीन होना हम ने एक घड़ी भर न माना, इसलिये कि सुसमाचार की सच्चाई तुम में बनी रहे।
- 6फिर जो लोग कुछ समझे जाते थे (वे चाहे कैसे ही थे, मुझे इस से कुछ काम नहीं, परमेश्वर किसी का पक्षपात नहीं करता) उन से जो कुछ भी समझे जाते थे, मुझे कुछ भी नहीं प्राप्त हुआ।
- 7परन्तु इसके विपरीत जब उन्हों ने देखा, कि जैसा खतना किए हुए लोगों के लिये सुसमाचार का काम पतरस को सौंपा गया वैसा ही खतनारहितों के लिये मुझे सुसमाचार सुनाना सौंपा गया।
- 8(क्योंकि जिस ने पतरस से खतना किए हुओं में प्रेरिताई का कारर्य बड़े प्रभाव सहित करवाया, उसी ने मुझ से भी अन्यजातियों में प्रभावशाली कारर्य करवाया)
Cross references
- Galatians 2:2 गलातियों 2:2और मेरा जाना ईश्वरीय प्रकाश के अनुसार हुआ: और जो सुसमाचार मैं अन्यजातियों में प्रचार करता हूं, उस को मैं ने उन्हें बता दिया, पर एकान्त में उन्हीं को जो बड़े समझे जाते थे, ताकि ऐसा न हो, कि मेरी इस समय की, या अगली दौड़ धूप व्यर्थ ठहरे।
- Acts 10:34 प्रेरितों के काम 10:34तब पतरस ने मुंह खोलकर कहा;
- Romans 2:11 रोमियों 2:11क्योंकि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता।
- 2 Corinthians 12:11 2 कुरिन्थियों 12:11मैं मूर्ख तो बना, परन्तु तुम ही ने मुझ से यह बरबस करवाया: तुम्हें तो मेरी प्रशंसा करनी चाहिए थी, क्योंकि यद्यपि मैं कुछ भी नहीं, तौभी उन बड़े से बड़े प्ररितों से किसी बात में कम नहीं हूं।
- Galatians 6:3 गलातियों 6:3क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है।
- 2 Corinthians 11:5 2 कुरिन्थियों 11:5मैं तो समझता हमं, कि मैं किसी बात में बड़े से बड़े प्रेरितों से कम नहीं हूं।
- 1 Peter 1:17 1 पतरस 1:17और जब कि तुम, हे पिता, कह कर उस से प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ।
- Mark 12:14 मरकुस 12:14और उन्हों ने आकर उस से कहा; हे गुरू, हम जानते हैं, कि तू सच्चा है, और किसी की परवा नहीं करता; क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देख कर बातें नहीं करता, परन्तु परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है।
- Hebrews 13:17 इब्रानियों 13:17अपने अगुवों की मानो; और उनके अधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाई तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले लेकर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं।
- 2 Corinthians 11:21–23 2 कुरिन्थियों 11:21–23मेरा कहता अनादर की रीति पर है, मानो कि हम निर्बल से थे; परन्तु जिस किसी बात में कोई हियाव करता है (मैं मूर्खता से कहता हूं) तो मैं भी हियाव करता हूं। क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? (मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
- Job 32:17–22 अय्यूब 32:17–22परन्तु अब मैं भी कुछ कहूंगा मैं भी अपना विचार प्रगट करूंगा। क्योंकि मेरे मन में बातें भरी हैं, और मेरी आत्मा मुझे उभार रही है। मेरा मन उस दाखमधु के समान है, जो खोला न गया हो; वह नई कुप्पियों की नाई फटा चाहता है। शान्ति पाने के लिये मैं बोलूंगा; मैं मुंह खोलकर उत्तर दूंगा। न मैं किसी आदमी का पक्ष करूंगा, और न मैं किसी मनुष्य को चापलूसी की पदवी दूंगा। क्योंकि मुझे तो चापलूसी करना आता ही नहीं नहीं तो मेरा सिरजनहार क्षण भर में मुझे उठा लेता।
- Luke 20:21 लूका 20:21उन्हों ने उस से यह पूछा, कि हे गुरू, हम जानते हैं कि तू ठीक कहता, और सिखाता भी है, और किसी का पक्षपात नहीं करता; बरन परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- of · G575ἀπό apó
- who · G3588ὁ ho
- seemed · G1380δοκέω dokéō
- be · G1511εἶναι eînai
- somewhat · G5100τὶς tìs
- whatsoever · G3697ὁποῖος hopoîos
- were · G2258ἦν ēn
- maketh · G1308διαφέρω diaphérō
- no · G3762οὐδείς oudeís
- matter · G1308διαφέρω diaphérō
- me · G3427μοί moí
- God · G2316θεός theós
- accepteth · G2983λαμβάνω lambánō
- no · G3756οὐ ou
- man’s · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- person · G4383πρόσωπον prósōpon
- for · G1063γάρ gár
- who · G3588ὁ ho
- seemed · G1380δοκέω dokéō
- added · G4323προσανατίθημι prosanatíthēmi
- nothing · G3762οὐδείς oudeís
- me · G1698ἐμοί emoí