Galatians · chapter 3 · verse 17
Galatians 3:17 in Hindi
पर मैं यह कहता हूं की जो वाचा परमेश्वर ने पहिले से पक्की की थी, उस को व्यवस्था चार सौ तीस बरस के बाद आकर नहीं टाल देती, कि प्रतिज्ञा व्यर्थ ठहरे।
Par maim yah kahataa hoom kee jo vaachaa parameshvar ne pahile se pakkee kee thee, us ko vyavasthaa chaar sau tees baras ke baad aakar naheem taal detee, ki pratijnyaa vyarth thahare.
Galatians 3:17 in English
- King James Version (KJV)
- And this I say, [that] the covenant, that was confirmed before of God in Christ, the law, which was four hundred and thirty years after, cannot disannul, that it should make the promise of none effect.
- World English Bible (WEB)
- Now I say this: A covenant confirmed beforehand by God in Christ, the law, which came four hundred thirty years after, does not annul, so as to make the promise of no effect.
- American Standard Version (ASV)
- Now this I say: A covenant confirmed beforehand by God, the law, which came four hundred and thirty years after, doth not disannul, so as to make the promise of none effect.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now this I say: The law, which came four hundred and thirty years after, does not put an end to the agreement made before by God, so as to make the undertaking without effect.
- Darby Translation (DBY)
- Now I say this, A covenant confirmed beforehand by God, the law, which took place four hundred and thirty years after, does not annul, so as to make the promise of no effect.
- Webster's Bible (WBS)
- And this I say, [that] the covenant that was confirmed before by God in Christ, the law, which was four hundred and thirty years after, cannot disannul, that it should make the promise of no effect.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and this I say, A covenant confirmed before by God to Christ, the law, that came four hundred and thirty years after, doth not set aside, to make void the promise,
Read in context
- 15हे भाइयों, मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूं, कि मनुष्य की वाचा भी जो पक्की हो जाती है, तो न कोई उसे टालता है और न उस में कुछ बढ़ाता है।
- 16निदान, प्रतिज्ञाएं इब्राहीम को, और उसके वंश को दी गईं; वह यह नहीं कहता, कि वशों को; जेसे बहुतों के विषय में कहा, पर जैसे एक के विषय में कि तेरे वंश को: और वह मसीह है।
- 17पर मैं यह कहता हूं की जो वाचा परमेश्वर ने पहिले से पक्की की थी, उस को व्यवस्था चार सौ तीस बरस के बाद आकर नहीं टाल देती, कि प्रतिज्ञा व्यर्थ ठहरे।
- 18क्योंकि यदि मीरास व्यवस्था से मिली है, तो फिर प्रतिज्ञा से नहीं, परन्तु परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा के द्वारा दे दी है।
- 19तब फिर व्यवस्था क्या रही? वह तो अपराधों के कारण बाद में दी गई, कि उस वंश के आने तक रहे, जिस को प्रतिज्ञा दी गई थी, और वह स्वर्गदूतों के द्वारा एक मध्यस्थ के हाथ ठहराई गई।
Cross references
- Hebrews 11:39–40 इब्रानियों 11:39–40संसार उन के योगय न था: और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्छी गवाही दी गई, तोभी उन्हें प्रतिज्ञा की हुई वस्तु न मिली। क्योंकि परमेश्वर ने हमारे लिये पहिले से एक उत्तम बात ठहराई, कि वे हमारे बिना सिद्धता को न पहुंचे।।
- Romans 4:13–14 रोमियों 4:13–14क्योंकि यह प्रतिज्ञा कि वह जगत का वारिस होगा, न इब्राहीम को, न उसके वंश को व्यवस्था के द्वारा दी गई थी, परन्तु विश्वास की धार्मिकता के द्वारा मिली। क्योंकि यदि व्यवस्थावाले वारिस हैं, तो विश्वास व्यर्थ और प्रतिज्ञा निष्फल ठहरी।
- Genesis 15:13 उत्पत्ति 15:13तब यहोवा ने अब्राम से कहा, यह निश्चय जान कि तेरे वंश पराए देश में परदेशी होकर रहेंगे, और उसके देश के लोगों के दास हो जाएंगे; और वे उनको चार सौ वर्ष लों दु:ख देंगे;
- Exodus 12:40–41 निर्गमन 12:40–41मि में बसे हुए इस्राएलियों को चार सौ तीस वर्ष बीत गए थे। और उन चार सौ तीस वर्षों के बीतने पर, ठीक उसी दिन, यहोवा की सारी सेना मि देश से निकल गई।
- 2 Corinthians 1:20 2 कुरिन्थियों 1:20क्यांकि परमेश्वर की जितनी प्रतिज्ञाएं हैं, वे सब उसी में हां के साथ हैं: इसलिये उसके द्वारा आमीन भी हुई, कि हमारे द्वारा परमेश्वर की महिमा हो।
- Hebrews 6:13–18 इब्रानियों 6:13–18और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। और इस रीति से उस ने धीरज धरकर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- Romans 3:3 रोमियों 3:3यदि कितने विश्वसघाती निकले भी तो क्या हुआ। क्या उनके विश्वासघाती होने से परमेश्वर की सच्चाई व्यर्थ ठहरेगी?
- Isaiah 14:27 यशायाह 14:27क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- Galatians 3:15 गलातियों 3:15हे भाइयों, मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूं, कि मनुष्य की वाचा भी जो पक्की हो जाती है, तो न कोई उसे टालता है और न उस में कुछ बढ़ाता है।
- John 1:17 यूहन्ना 1:17इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
- Galatians 5:4 गलातियों 5:4तुम जो व्यवस्था के द्वारा धर्मी ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग और अनुग्रह से गिर गए हो।
- Colossians 2:4 कुलुस्सियों 2:4यह मैं इसलिये कहता हूं, कि कोई मनुष्य तुम्हें लुभानेवाली बातों से धोखा न दे।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- this · G5124τοῦτο toûto
- say · G3004λέγω légō
- covenant · G1242διαθήκη diathḗkē
- before · G4300προκυρόω prokyróō
- of · G5259ὑπό hypó
- God · G2316θεός theós
- in · G1519εἰς eis
- Christ · G5547Χριστός Christós
- law · G3551νόμος nómos
- which · G3588ὁ ho
- was · G1096γίνομαι gínomai
- hundred · G5071τετρακόσιοι tetrakósioi
- and · G2532καί kaí
- thirty · G5144τριάκοντα triákonta
- years · G2094ἔτος étos
- after · G3326μετά metá
- cannot · G3756οὐ ou
- disannul · G208ἀκυρόω akyróō
- that · G3588ὁ ho
- make · G2673καταργέω katargéō
- promise · G1860ἐπαγγελία epangelía
- effect · G2673καταργέω katargéō