Romans · chapter 3 · verse 1
Romans 3:1 in Hindi
सो यहूदी की क्या बड़ाई, या खतने का क्या लाभ?
So yahoodee kee kyaa badaaee, yaa khatane kaa kyaa laabh?
Romans 3:1 in English
- King James Version (KJV)
- What advantage then hath the Jew? or what profit [is there] of circumcision?
- World English Bible (WEB)
- Then what advantage does the Jew have? Or what is the profit of circumcision?
- American Standard Version (ASV)
- What advantage then hath the Jew? or what is the profit of circumcision?
- Bible in Basic English (BBE)
- How then is the Jew better off? or what profit is there in circumcision?
- Darby Translation (DBY)
- What then [is] the superiority of the Jew? or what the profit of circumcision?
- Webster's Bible (WBS)
- What advantage then hath the Jew? or what profit [is there] of circumcision?
- Young's Literal Translation (YLT)
- What, then, [is] the superiority of the Jew? or what the profit of the circumcision?
Read in context
- 1सो यहूदी की क्या बड़ाई, या खतने का क्या लाभ?
- 2हर प्रकार से बहुत कुछ। पहिले तो यह कि परमशॆवर के वचन उन को सौंपे गए।
- 3यदि कितने विश्वसघाती निकले भी तो क्या हुआ। क्या उनके विश्वासघाती होने से परमेश्वर की सच्चाई व्यर्थ ठहरेगी?
Cross references
- Romans 2:25–29 रोमियों 2:25–29यदि तू व्यवस्था पर चले, तो खतने से लाभ तो है, परन्तु यदि तू व्यवस्था को न माने, तो तेरा खतना बिन खतना की दशा ठहरा। सो यदि खतनारहित मनुष्य व्यवस्था की विधियों को माना करे, तो क्या उस की बिन खतना की दशा खतने के बराबर न गिनी जाएगी? और जो मनुष्य जाति के कारण बिन खतना रहा यदि वह व्यवस्था को पूरा करे, तो क्या तुझे जो लेख पाने और खतना किए जाने पर भी व्यवस्था को माना नहीं करता है, दोषी न ठहराएगा? क्योंकि वह यहूदी नहीं, पर प्रगट में है, और देह में है। पर यहूदी वही है, जो मन में है; और खतना वही है, जो हृदय का और आत्मा में है; न कि लेख का: ऐसे की प्रशंसा मनुष्यों की ओर से नहीं, परन्तु परमेश्वर की ओर से होती है।।
- Genesis 25:32 उत्पत्ति 25:32एसाव ने कहा, देख, मै तो अभी मरने पर हूं: सो पहिलौठे के अधिकार से मेरा क्या लाभ होगा?
- Ecclesiastes 6:11 सभोपदेशक 6:11बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनके कारण जीवन और भी व्यर्थ होता है तो फिर मनुष्य को क्या लाभ?
- Ecclesiastes 6:8 सभोपदेशक 6:8जो बुद्धिमान है वह मूर्ख से किस बात में बढ़कर है? और कंगाल जो यह जानता है कि इस जीवन में किस प्रकार से चलना चाहिये, वह भी उस से किस बात में बढ़कर है?
- Hebrews 13:9 इब्रानियों 13:9नाना प्रकार के और ऊपरी उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखनेवालों को कुछ लाभ न हुआ।
- 1 Corinthians 15:32 1 कुरिन्थियों 15:32यदि मैं मनुष्य की रीति पर इफिसुस में बन- पशुओं से लड़ा, तो मुझे क्या लाभ हुआ? यदि मुर्दे जिलाए नहीं जाएंगे, तो आओ, खाए- पीए, क्योंकि कल तो मर ही जाएंगे।
- Malachi 3:14 मलाकी 3:14तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
- Isaiah 1:11–15 यशायाह 1:11–15यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं; मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता।। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो? व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता। तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उनको सहते सहते उकता गया हूं। जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।