Galatians · chapter 3 · verse 4
Galatians 3:4 in Hindi
क्या तुम ने इतना दुख योंही उठाया? परन्तु कदाचित व्यर्थ नहीं।
Kyaa tum ne itanaa dukh yonhee uthaayaa? Parantu kadaachit vyarth naheen.
Galatians 3:4 in English
- King James Version (KJV)
- Have ye suffered so many things in vain? if [it be] yet in vain.
- World English Bible (WEB)
- Did you suffer so many things in vain, if it is indeed in vain?
- American Standard Version (ASV)
- Did ye suffer so many things in vain? if it be indeed in vain.
- Bible in Basic English (BBE)
- Did you undergo such a number of things to no purpose? if it is in fact to no purpose.
- Darby Translation (DBY)
- Have ye suffered so many things in vain, if indeed also in vain?
- Webster's Bible (WBS)
- Have ye suffered so many things in vain? if [it is] yet in vain.
- Young's Literal Translation (YLT)
- so many things did ye suffer in vain! if, indeed, even in vain.
Read in context
- 2मैं तुम से केवल यह जानना चाहता हूं, कि तुम ने आत्मा को, क्या व्यवस्था के कामों से, या विश्वास के समाचार से पाया?
- 3क्या तुम ऐसे निर्बुद्धि हो, कि आत्मा की रीति पर आरम्भ करके अब शरीर की रीति पर अन्त करोगे?
- 4क्या तुम ने इतना दुख योंही उठाया? परन्तु कदाचित व्यर्थ नहीं।
- 5सो जो तुम्हें आत्मा दान करता और तुम में सामर्थ के काम करता है, वह क्या व्यवस्था के कामों से या विश्वास के सुसमाचार से ऐसा करता है?
- 6इब्राहीम ने तो परमेश्वर पर विश्वास किया और यह उसके लिये धार्मिकता गिनी गई।
Cross references
- 2 John 1:8 2 यूहन्ना 1:8अपने विषय में चौकस रहो; कि जो परिश्रम हम ने किया है, उस को तुम न बिगाड़ो: बरन उसका पूरा प्रतिफल पाओ।
- 1 Corinthians 15:2 1 कुरिन्थियों 15:2उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ।
- Hebrews 10:32–39 इब्रानियों 10:32–39परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। कुछ तो यों, कि तुम निन्दा, और क्लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की दुर्दशा की जाती थीं। क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जानकर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरनेवाली संपत्ति है। सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आनेवाला आएगा, और देर न करेगा। और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। पर हम हटनेवाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करनेवाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।।
- 2 Peter 2:20–22 2 पतरस 2:20–22और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है। क्योंकि धर्म के मार्ग में न जानना ही उन के लिये इस से भला होता, कि उसे जानकर, उस पवित्रा आज्ञा से फिर जाते, जो उन्हें सौंपी गई थी। उन पर यह कहावत ठीक बैठती है, कि कुत्ता अपनी छांट की ओर और धोई हुई सुअरनी कीचड़ में लोटने के लिये फिर चली जाती है।।
- Ezekiel 18:24 यहेजकेल 18:24परन्तु जब धम अपने धर्म से फिरकर टेढ़े काम, वरन दुष्ट के सब घृणित कामों के अनुसार करने लगे, तो क्या वह जीवित रहेगा? जितने धर्म के काम उस ने किए हों, उन में से किसी का स्मरण न किया जाएगा। जो विश्वासघात और पाप उस ने किया हो, उसके कारण वह मर जाएगा।
- Hebrews 6:4–6 इब्रानियों 6:4–6क्योंकि जिन्हों ने एक बार ज्योति पाई है, जो स्वर्गीय वरदान का स्वाद चख चुके हैं और पवित्रा आत्मा के भागी हो गए हैं। और परमेश्वर के उत्तम वचन का और आनेवाले युग की सामर्थों का स्वाद चख चुके हैं। यदि वे भटक जाएं; तो उन्हें मन फिराव के लिये फिर नया बनाना अन्होना है; क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं और प्रगट में। उस पर कलंक लगाते हैं।