Genesis · chapter 10 · verse 21
Genesis 10:21 in Hindi
फिर शेम, जो सब एबेरवंशियों का मूलपुरूष हुआ, और जो येपेत का ज्येष्ठ भाई था, उसके भी पुत्रा उत्पन्न हुए।
Phir shem, jo sab eberavanshiyom kaa moolapuroosh huaa, aur jo yepet kaa jyeshth bhaaee thaa, usake bhee putraa utpann hue.
Genesis 10:21 in English
- King James Version (KJV)
- Unto Shem also, the father of all the children of Eber, the brother of Japheth the elder, even to him were [children] born.
- World English Bible (WEB)
- Children were also born to Shem (the elder brother of Japheth), the father of all the children of Eber.
- American Standard Version (ASV)
- And unto Shem, the father of all the children of Eber, the elder brother of Japheth, to him also were children born.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Shem, the older brother of Japheth, the father of the children of Eber, had other sons in addition.
- Darby Translation (DBY)
- And to Shem — to him also were [sons] born; he is the father of all the sons of Eber, the brother of Japheth the elder.
- Webster's Bible (WBS)
- To Shem also, the father of all the children of Eber, the brother of Japheth the elder, even to him were [children] born.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As to Shem, father of all sons of Eber, brother of Japheth the elder, he hath also begotten:
Read in context
- 19और कनानियों का सिवाना सीदोन से लेकर गरार के मार्ग से होकर अज्जा तक और फिर सदोम और अमोरा और अदमा और सबोयीम के मार्ग से होकर लाशा तक हुआ।
- 20हाम के वंश में ये ही हुए; और ये भिन्न भिन्न कुलों, भाषाओं, देशों, और जातियों के अनुसार अलग अलग हो गए।।
- 21फिर शेम, जो सब एबेरवंशियों का मूलपुरूष हुआ, और जो येपेत का ज्येष्ठ भाई था, उसके भी पुत्रा उत्पन्न हुए।
- 22शेम के पुत्रा: एलाम, अश्शूर्, अर्पक्षद्, लूद और आराम हुए।
- 23और आराम के पुत्रा: ऊस, हूल, गेतेर और मश हुए।
Cross references
- Numbers 24:24 गिनती 24:24तौभी कित्तियों के पास से जहाजवाले आकर अश्शूर् को और एबेर को भी दु:ख देंगे; और अन्त में उसका भी विनाश हो जाएगा।।
- Genesis 11:10–26 उत्पत्ति 11:10–26शेम की वंशावली यह है। जल प्रलय के दो वर्ष पश्चात् जब शेम एक सौ वर्ष का हुआ, तब उस ने अर्पक्षद् को जन्म दिया। और अर्पक्षद् ने जन्म के पश्चात् शेम पांच सौ वर्ष जीवित रहा; और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब अर्पक्षद् पैंतीस वर्ष का हुआ, तब उस ने शेलह को जन्म दिया। और शेलह के जन्म के पश्चात् अर्पक्षद् चार सौ तीन वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब शेलह तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा एबेर को जन्म हुआ। और एबेर के जन्म के पश्चात् शेलह चार सौ तीन वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब एबेर चौंतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा पेलेग का जन्म हुआ। और पेलेग के जन्म के पश्चात् एबेर चार सौ तीस वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब पेलेग तीस वर्ष को हुआ, तब उसके द्वारा रू का जन्म हुआ। और रू के जन्म के पश्चात् पेलेग दो सौ नौ वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब रू बत्तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा सरूग का जन्म हुआ। और सरूग के जन्म के पश्चात् रू दो सौ सात वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब सरूग तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा नाहोर का जन्म हुआ। और नाहोर के जन्म के पश्चात् सरूग दो सौ वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब नाहोर उनतीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा तेरह का जन्म हुआ। और तेरह के जन्म के पश्चात् नाहोर एक सौ उन्नीस वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई।। जब तक तेरह सत्तर वर्ष का हुआ, तब तक उसके द्वारा अब्राम, और नाहोर, और हारान उत्पन्न हुए।।