Genesis · chapter 19 · verse 29
Genesis 19:29 in Hindi
और ऐसा हुआ, कि जब परमेश्वर ने उस तराई के नगरों को, जिन में लूत रहता था, उलट पुलट कर नाश किया, तब उस ने इब्राहीम को याद करके लूत को उस घटना से बचा लिया।
Aur aisaa huaa, ki jab parameshvar ne us taraaee ke nagarom ko, jin mem loot rahataa thaa, ulat pulat kar naash kiyaa, tab us ne ibraaheem ko yaad karake loot ko us ghatanaa se bachaa liyaa.
Genesis 19:29 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, when God destroyed the cities of the plain, that God remembered Abraham, and sent Lot out of the midst of the overthrow, when he overthrew the cities in the which Lot dwelt.
- World English Bible (WEB)
- When God destroyed the cities of the plain, God remembered Abraham, and sent Lot out of the middle of the overthrow, when he overthrew the cities in which Lot lived.
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, when God destroyed the cities of the Plain, that God remembered Abraham, and sent Lot out of the midst of the overthrow, when he overthrew the cities in which Lot dwelt.
- Bible in Basic English (BBE)
- So it came about that when God sent destruction on the towns of the lowland, he kept his word to Abraham, and sent Lot safely away when he put an end to the towns where he was living.
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass when God destroyed the cities of the plain, that God remembered Abraham, and sent Lot out of the midst of the overthrow, when he overthrew the cities in which Lot dwelt.
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, when God destroyed the cities of the plain, that God remembered Abraham, and sent Lot out of the midst of the overthrow, when he overthrew the cities in which Lot dwelt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass, in God's destroying the cities of the circuit, that God remembereth Abraham, and sendeth Lot out of the midst of the overthrow in the overthrowing of the cities in which Lot dwelt.
Read in context
- 27भोर को इब्राहीम उठकर उस स्थान को गया, जहां वह यहोवा के सम्मुख खड़ा था;
- 28और सदोम, और अमोरा, और उस तराई के सारे देश की ओर आंख उठाकर क्या देखा, कि उस देश में से धधकती हुई भट्टी का सा धुआं उठ रहा है।
- 29और ऐसा हुआ, कि जब परमेश्वर ने उस तराई के नगरों को, जिन में लूत रहता था, उलट पुलट कर नाश किया, तब उस ने इब्राहीम को याद करके लूत को उस घटना से बचा लिया।
- 30और लूत ने सोअर को छोड़ दिया, और पहाड़ पर अपनी दोनों बेटियों समेत रहने लगा; क्योंकि वह सोअर में रहने से डरता था: इसलिये वह और उसकी दोनों बेटियां वहां एक गुफा में रहने लगे।
- 31तब बड़ी बेटी ने छोटी से कहा, हमारा पिता बूढ़ा है, और पृथ्वी भर में कोई ऐसा पुरूष नहीं जो संसार की रीति के अनुसार हमारे पास आए:
Cross references
- Genesis 8:1 उत्पत्ति 8:1और परमेश्वर ने नूह की, और जितने बनैले पशु, और घरेलू पशु उसके संग जहाज में थे, उन सभों की सुधि ली: और परमेश्वर ने पृथ्वी पर पवन बहाई, और जल घटने लगा।
- Psalm 25:7 भजन संहिता 25:7हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।।
- Deuteronomy 9:5 व्यवस्थाविवरण 9:5तू जो उनके देश का अधिकारी होने के लिये जा रहा है, इसका कारण तेरा धर्म वा मन की सीधाई नहीं है; तेरा परमेश्वर यहोवा जो उन जातियों को तेरे साम्हने से निकालता है, उसका कारण उनकी दुष्टता है, और यह भी कि जो वचन उस ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को शपथ खाकर दिया था, उसको वह पूरा करना चाहता है।
- Genesis 18:23–33 उत्पत्ति 18:23–33तब इब्राहीम उसके समीप जाकर कहने लगा, क्या सचमुच दुष्ट के संग धर्मी को भी नाश करेगा? कदाचित् उस नगर में पचास धर्मी हों: तो क्या तू सचमुच उस स्थान को नाश करेगा और उन पचास धर्मियों के कारण जो उस में हो न छोड़ेगा? इस प्रकार का काम करना तुझ से दूर रहे कि दुष्ट के संग धर्मी को भी मार डाले और धर्मी और दुष्ट दोनों की एक ही दशा हो। यहोवा ने कहा यदि मुझे सदोम में पचास धर्मी मिलें, तो उनके कारण उस सारे स्थान को छोडूंगा। फिर इब्राहीम ने कहा, हे प्रभु, सुन मैं तो मिट्टी और राख हूं; तौभी मैं ने इतनी ढिठाई की कि तुझ से बातें करूं। कदाचित् उन पचास धर्मियों मे पांच घट जाए: तो क्या तू पांच ही के घटने के कारण उस सारे नगर का नाश करेगा? उस ने कहा, यदि मुझे उस में पैंतालीस भी मिलें, तौभी उसका नाश न करूंगा। फिर उस ने उस से यह भी कहा, कदाचित् वहां चालीस मिलें। उस ने कहा, तो मैं चालीस के कारण भी ऐसा ने करूंगा। फिर उस ने कहा, हे प्रभु, क्रोध न कर, तो मैं कुछ और कहूं: कदाचित् वहां तीस मिलें। उस ने कहा यदि मुझे वहां तीस भी मिलें, तौभी ऐसा न करूंगा। फिर उस ने कहा, हे प्रभु, सुन, मैं ने इतनी ढिठाई तो की है कि तुझ से बातें करूं: कदाचित् उस में बीस मिलें। उस ने कहा, मैं बीस के कारण भी उसका नाश न करूंगा। फिर उस ने कहा, हे प्रभु, क्रोध न कर, मैं एक ही बार और कहूंगा: कदाचित् उस में दस मिलें। उस ने कहा, तो मैं दस के कारण भी उसका नाश न करूंगा। जब यहोवा इब्राहीम से बातें कर चुका, तब चला गया: और इब्राहीम अपने घर को लौट गया।।
- Psalm 145:20 भजन संहिता 145:20यहोवा अपने सब प्रेमियों की तो रक्षा करता, परन्तु सब दुष्टों को सत्यानाश करता है।।
- Psalm 105:42 भजन संहिता 105:42क्योंकि उस ने अपने पवित्रा वचन और अपने दास इब्राहीम को स्मरण किया।।
- Psalm 106:4 भजन संहिता 106:4हे यहोवा, अपनी प्रजा पर की प्रसन्नता के अनुसार मुझे स्मरण कर, मेरे उद्धार के लिये मेरी सुधि ले,
- Hosea 11:8 होशे 11:8हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकि छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा की नाई छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है।
- 2 Peter 2:7 2 पतरस 2:7और धर्मी लूत को जो अधर्मियों के अशुद्ध चाल- चलन से बहुत दुखी था छुटकारा दिया।
- Psalm 136:23 भजन संहिता 136:23उस ने हमारी दुर्दशा में हमारी सुधि ली, उसकी करूणा सदा की है।
- Ezekiel 36:31–32 यहेजकेल 36:31–32तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण करके अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे। परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, तुम जान जो कि मैं इसको तुम्हारे निमित्त नहीं करता। हे इस्राएल के घराने अपने चालचलन के विषय में लज्जित हो और तुम्हारा मुख काला हो जाए।
- Nehemiah 13:14 नहेमायाह 13:14हे मेरे परमेश्वर! मेरा यह काम मेरे हित के लिये स्मरण रख, और जो जो सुकर्म मैं ने अपने परमेश्वर के भवन और उस में की आराधना के विषय किए हैं उन्हे मिटा न डाल।
Original words (Hebrew)
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- destroyed · H7843שָׁחַת shâchath
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- plain · H3603כִּכָּר kikkâr
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- remembered · H2142זָכַר zâkar
- Abraham · H85אַבְרָהָם ʼAbrâhâm
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- Lot · H3876לוֹט Lôwṭ
- midst · H8432תָּוֶךְ tâvek
- overthrow · H2018הֲפֵכָה hăphêkâh
- overthrew · H2015הָפַךְ hâphak
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- which · H2004הֵן hên
- Lot · H3876לוֹט Lôwṭ
- dwelt · H3427יָשַׁב yâshab