Genesis · chapter 19 · verse 8
Genesis 19:8 in Hindi
सुनो, मेरी दो बेटियां हैं जिन्हों ने अब तक पुरूष का मुंह नहीं देखा, इच्छा हो तो मैं उन्हें तुम्हारे पास बाहर ले आऊं, और तुम को जैसा अच्छा लगे वैसा व्यवहार उन से करो: पर इन पुरूषों से कुछ न करो; क्योंकि ये मेरी छत के तले आए हैं।
Suno, meree do betiyaam haim jinhom ne ab tak puroosh kaa munh naheem dekhaa, ichchhaa ho to maim unhem tumhaare paas baahar le aaoom, aur tum ko jaisaa achchhaa lage vaisaa vyavahaar un se karo: par in purooshom se kuchh na karo; kyonki ye meree chhat ke tale aae hain.
Genesis 19:8 in English
- King James Version (KJV)
- Behold now, I have two daughters which have not known man; let me, I pray you, bring them out unto you, and do ye to them as [is] good in your eyes: only unto these men do nothing; for therefore came they under the shadow of my roof.
- World English Bible (WEB)
- See now, I have two virgin daughters. Please let me bring them out to you, and you may do to them what seems good to you. Only don’t do anything to these men, because they have come under the shadow of my roof.”
- American Standard Version (ASV)
- Behold now, I have two daughters that have not known man; let me, I pray you, bring them out unto you, and do ye to them as is good in your eyes: only unto these men do nothing, forasmuch as they are come under the shadow of my roof.
- Bible in Basic English (BBE)
- See now, I have two unmarried daughters; I will send them out to you so that you may do to them whatever seems good to you: only do nothing to these men, for this is why they have come under the shade of my roof.
- Darby Translation (DBY)
- Behold now, I have two daughters who have not known a man: let me now bring them out to you; and do to them as is good in your sight: only, to these men do nothing; for therefore have they come under the shadow of my roof.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold now, I have two daughters who have not known man; let me, I pray you, bring them out to you, and do ye to them as [is] good in your eyes: only to these men do nothing; for therefore came they under the shadow of my roof.
- Young's Literal Translation (YLT)
- lo, I pray you, I have two daughters, who have not known any one; let me, I pray you, bring them out unto you, and do to them as [is] good in your eyes; only to these men do not anything, for therefore have they come in within the shadow of my roof.'
Read in context
- 6तब लूत उनके पास द्वार बाहर गया, और किवाड़ को अपने पीछे बन्द करके कहा,
- 7हे मेरे भाइयों, ऐसी बुराई न करो।
- 8सुनो, मेरी दो बेटियां हैं जिन्हों ने अब तक पुरूष का मुंह नहीं देखा, इच्छा हो तो मैं उन्हें तुम्हारे पास बाहर ले आऊं, और तुम को जैसा अच्छा लगे वैसा व्यवहार उन से करो: पर इन पुरूषों से कुछ न करो; क्योंकि ये मेरी छत के तले आए हैं।
- 9उनहों ने कहा, हट जा। फिर वे कहने लगे, तू एक परदेशी होकर यहां रहने के लिये आया पर अब न्यायी भी बन बैठा है: सो अब हम उन से भी अधिक तेरे साथ बुराई करेंगे। और वे पुरूष लूत को बहुत दबाने लगे, और किवाड़ तोड़ने के लिये निकट आए।
- 10तब उन पाहुनों ने हाथ बढ़ाकर, लूत को अपने पास घर में खींच लिया, और किवाड़ को बन्द कर दिया।
Cross references
- Judges 19:24 न्यायियों 19:24देखा, यहां मेरी कुंवारी बेटी है, और इस पुरूष की सुरैतिन भी है; उनको मैं बाहर ले आऊंगा। और उनका पत- पानी लो तो लो, और उन से तो जो चाहो सो करो; परन्तु इस पुरूष से ऐसी मूढ़ता का काम मत करो।
- Genesis 19:31–38 उत्पत्ति 19:31–38तब बड़ी बेटी ने छोटी से कहा, हमारा पिता बूढ़ा है, और पृथ्वी भर में कोई ऐसा पुरूष नहीं जो संसार की रीति के अनुसार हमारे पास आए: सो आ, हम अपने पिता को दाखमधु पिलाकर, उसके साथ सोएं, जिस से कि हम अपने पिता के वंश को बचाए रखें। सो उन्हों ने उसी दिन रात के समय अपने पिता को दाखमधु पिलाया, तब बड़ी बेटी जाकर अपने पिता के पास लेट गई; पर उस ने न जाना, कि वह कब लेटी, और कब उठ गई। और ऐसा हुआ कि दूसरे दिन बड़ी ने छोटी से कहा, देख, कल रात को मैं अपने पिता के साथ सोई: सो आज भी रात को हम उसको दाखमधु पिलाएं; तब तू जाकर उसके साथ सोना कि हम अपने पिता के द्वारा वंश उत्पन्न करें। सो उन्हों ने उस दिन भी रात के समय अपने पिता को दाखमधु पिलाया: और छोटी बेटी जाकर उसके पास लौट गई: पर उसको उसके भी सोने और उठने के समय का ज्ञान न था। इस प्रकार से लूत की दोनो बेटियां अपने पिता से गर्भवती हुई। और बड़ी एक पुत्रा जनी, और उसका नाम मोआब रखा: वह मोआब नाम जाति का जो आज तक है मूलपिता हुआ। और छोटी भी एक पुत्रा जनी, और उसका नाम बेनम्मी रखा; वह अम्मोन् वंशियों का जो आज तक हैं मूलपिता हुआ।।
- Mark 9:6 मरकुस 9:6क्योंकि वह न जानता था, कि क्या उत्तर दे; इसलिये कि वे बहुत डर गए थे।
- Genesis 18:5 उत्पत्ति 18:5फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें; तब उसके पश्चात् आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्हों ने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर।
- Genesis 42:37 उत्पत्ति 42:37यह बात फिरौन और उसके सारे कर्मचारियों को अच्छी लगी।
- Isaiah 58:7 यशायाह 58:7क्या वह यह नहीं है कि अपनी रोटी भूखों को बांट देना, अनाथ और मारे मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना, किसी को नंगा देखकर वस्त्रा पहिनाना, और अपने जातिभाइयों से अपने को न छिपाना?
- Judges 9:15 न्यायियों 9:15झड़बेरी ने उन वृक्षों से कहा, यदि तुम अपने ऊपर राजा होने को मेरा अभिषेक सच्चाई से करते हो, तो आकर मेरी छांह में शरण लो; और नहीं तो, झड़बेरी से आग निकलेगी जिस से लबानोन के देवदारू भी भस्म हो जाएंगे।
- Romans 3:8 रोमियों 3:8और हम क्यों बुराई न करें, कि भलाई निकले? जब हम पर यही दोष लगाया भी जाता है, और कितने कहते हैं? कि इन का यही कहना है: परन्तु ऐसों का दोषी ठहराना ठीक है।।
- Exodus 32:22 निर्गमन 32:22हारून ने उत्तर दिया, मेरे प्रभु का कोप न भड़के; तू तो उन लोगों को जानता ही है कि वे बुराई में मन लगाए रहते हैं।
Original words (Hebrew)
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- daughters · H1323בַּת bath
- known · H3045יָדַע yâdaʻ
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- eyes · H5869עַיִן ʻayin
- these · H411אֵל ʼêl
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- nothing · H408אַל ʼal
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- shadow · H6738צֵל tsêl
- roof · H6982קוֹרָה qôwrâh