Genesis · chapter 29 · verse 32
Genesis 29:32 in Hindi
सो लिआ: गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ, और उस ने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा।
So liaa: garbhavatee huee, aur usake ek putraa utpann huaa, aur us ne yah kahakar usakaa naam rooben rakhaa, ki yahovaa ne mere du:kh par drushti kee hai: so ab meraa pati mujh se preeti rakhegaa.
Genesis 29:32 in English
- King James Version (KJV)
- And Leah conceived, and bare a son, and she called his name Reuben: for she said, Surely the LORD hath looked upon my affliction; now therefore my husband will love me.
- World English Bible (WEB)
- Leah conceived, and bore a son, and she named him Reuben. For she said, “Because the LORD has looked at my affliction; for now my husband will love me.”
- American Standard Version (ASV)
- And Leah conceived, and bare a son, and she called his name Reuben: for she said, Because Jehovah hath looked upon my affliction; for now my husband will love me.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Leah was with child, and gave birth to a son to whom she gave the name Reuben: for she said, The Lord has seen my sorrow; now my husband will have love for me.
- Darby Translation (DBY)
- And Leah conceived, and bore a son, and called his name Reuben; for she said, Because Jehovah has looked upon my affliction; for now my husband will love me.
- Webster's Bible (WBS)
- And Leah conceived, and bore a son, and she called his name Reuben: for she said, Surely the LORD hath looked upon my affliction; now therefore my husband will love me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Leah conceiveth, and beareth a son, and calleth his name Reuben, for she said, 'Because Jehovah hath looked on mine affliction; because now doth my husband love me.'
Read in context
- 30तब याकूब राहेल के पास भी गया, और उसकी प्रीति लिआ: से अधिक उसी पर हुई, और उस ने लाबान के साथ रहकर सात वर्ष और उसकी सेवा की।।
- 31जब यहोवा ने देखा, कि लिआ: अप्रिय हुई, तब उस ने उसकी कोख खोली, पर राहेल बांझ रही।
- 32सो लिआ: गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ, और उस ने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा।
- 33फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ; और उस ने यह कहा कि यह सुनके, कि मै अप्रिय हूं यहोवा ने मुझे यह भी पुत्रा दिया: इसलिये उस ने उसका नाम शिमोन रखा।
- 34फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ; और उस ने कहा, अब की बार तो मेरा पति मुझ से मिल जाएगा, क्योंकि उस से मेरे तीन पुत्रा उत्पन्न हुए: इसलिये उसका नाम लेवी रखा गया।
Cross references
- Deuteronomy 26:7 व्यवस्थाविवरण 26:7परन्तु हम ने अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की दोहाई दी, और यहोवा ने हमारी सुनकर हमारे दुख- श्रम और अन्धेर पर दृष्टि की;
- Exodus 4:31 निर्गमन 4:31और लोगों ने उनकी प्रतीति की; और यह सुनकर, कि यहोवा ने इस्राएलियों की सुधि ली और उनके दु:खों पर दृष्टि की है, उन्होंने सिर झुका कर दण्डवत की॥
- Exodus 3:7 निर्गमन 3:7फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मि में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम करानेवालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है;
- 1 Samuel 1:11 1 शमूएल 1:11और उस ने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्रा दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।
- Genesis 42:22 उत्पत्ति 42:22फिर मैं ने दूसरा स्वप्न देखा, कि एक ही डंठी में सात अच्छी अच्छी और अन्न से भरी हुई बालें निकलीं।
- 1 Samuel 1:20 1 शमूएल 1:20तब हन्ना गर्भवती हुई और समय पर उसके एक पुत्रा हुआ, और उसका नाम शमूएल रखा, क्योंकि वह कहने लगी, मैं ने यहोवा से मांगकर इसे पाया है।
- Genesis 46:8–9 उत्पत्ति 46:8–9याकूब के साथ जो इस्राएली, अर्थात् उसके बेटे, पोते, आदि मि में आए, उनके नाम ये हैं: याकूब का जेठा तो रूबेन था। और रूबेन के पुत्रा, हनोक, पललू, हेद्दॊन, और कर्म्मी थे।
- Genesis 37:21–22 उत्पत्ति 37:21–22यह सुनके रूबेन ने उसको उनके हाथ से बचाने की मनसा से कहा, हम उसको प्राण से तो न मारें। फिर रूबेन ने उन से कहा, लोहू मत बहाओ, उसको जंगल के इस गड़हे में डाल दो, और उस पर हाथ मत उठाओ। वह उसको उनके हाथ से छुड़ाकर पिता के पास फिर पहुंचाना चाहता था।
- Psalm 25:18 भजन संहिता 25:18तू मेरे दु:ख और कष्ट पर दृष्टि कर, और मेरे सब पापों को क्षमा कर।।
- Luke 1:25 लूका 1:25कि मनुष्यों में मेरा अपमान दूर करने के लिये प्रभु ने इन दिनों में कृपादृष्टि करके मेरे लिये ऐसा किया है।।
- Genesis 42:27 उत्पत्ति 42:27फिर उनके पीछे जो दुर्बल और कुडौल गायें निकलीं, और जो सात छूछी और पुरवाई से मुरझाई हुई बालें निकाली, वे अकाल के सात वर्ष होंगे।
- Psalm 106:44 भजन संहिता 106:44तौभी जब जब उनका चिल्लाना उसके कान में पड़ा, तब तब उस ने उनके संकट पर दृष्टि की!
Original words (Hebrew)
- Leah · H3812לֵאָה Lêʼâh
- conceived · H2029הָרָה hârâh
- bare · H3205יָלַד yâlad
- son · H1121בֵּן bên
- called · H7121קָרָא qârâʼ
- name · H8034שֵׁם shêm
- Reuben · H7205רְאוּבֵן Rᵉʼûwbên
- for · H3588כִּי kîy
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Surely · H3588כִּי kîy
- looked · H7200רָאָה râʼâh
- affliction · H6040עֳנִי ʻŏnîy
- therefore · H3588כִּי kîy
- husband · H376אִישׁ ʼîysh
- love · H157אָהַב ʼâhab