Genesis · chapter 32 · verse 13
Genesis 32:13 in Hindi
मैं उस बेतेल का ईश्वर हूं, जहां तू ने एक खम्भे पर तेल डाल दिया, और मेरी मन्नत मानी थी: अब चल, इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट जा।
Maim us betel kaa eeshvar hoom, jahaam too ne ek khambhe par tel daal diyaa, aur meree mannat maanee thee: ab chal, is desh se nikalakar apanee janmabhoomi ko laut jaa.
Genesis 32:13 in English
- King James Version (KJV)
- And he lodged there that same night; and took of that which came to his hand a present for Esau his brother;
- World English Bible (WEB)
- He stayed there that night, and took from that which he had with him a present for Esau, his brother:
- American Standard Version (ASV)
- And he lodged there that night, and took of that which he had with him a present for Esau his brother:
- Bible in Basic English (BBE)
- Then he put up his tent there for the night; and from among his goods he took, as an offering for his brother Esau,
- Darby Translation (DBY)
- And he lodged there that night; and took of what came to his hand a gift for Esau his brother —
- Webster's Bible (WBS)
- And he lodged there that same night; and took of that which came to his hand a present for Esau, his brother;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he lodgeth there during that night, and taketh from that which is coming into his hand, a present for Esau his brother:
Read in context
- 11और परमेश्वर के दूत ने स्वप्न में मुझ से कहा, हे याकूब: मैं ने कहा, क्या आज्ञा।
- 12उस ने कहा, आंखे उठाकर उन सब बकरों को, जो बकरियों पर चढ़ रहे हैं, देख, कि वे धारीवाले, चित्तीवाले, और धब्बेवाले हैं; क्योंकि जो कुछ लाबान तुझ से करता है, सो मैं ने देखा है।
- 13मैं उस बेतेल का ईश्वर हूं, जहां तू ने एक खम्भे पर तेल डाल दिया, और मेरी मन्नत मानी थी: अब चल, इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट जा।
- 14तब राहेल और लिआ: ने उस से कहा, क्या हमारे पिता के घर में अब भी हमारा कुछ भाग वा अंश बचा है?
- 15क्या हम उसकी दृष्टि में पराये न ठहरीं? देख, उस ने हम को तो बेच डाला, और हमारे रूपे को खा बैठा है।
Cross references
- Proverbs 18:16 नीतिवचन 18:16भेंट मनुष्य के लिये मार्ग खोल देती है, और उसे बड़े लोगों के साम्हने पहुंचाती है।
- Genesis 43:11 उत्पत्ति 43:11तब उनके पिता इस्राएल ने उन से कहा, यदि सचमुच ऐसी ही बात है, तो यह करो; इस देश की उत्तम उत्तम वस्तुओं में से कुछ कुछ अपने बोरों में उस पुरूष के लिये भेंट ले जाओ: जैसे थोड़ा सा बलसान, और थोड़ा सा मधु, और कुछ सुगन्ध द्रव्य, और गन्धरस, पिस्ते, और बादाम।
- Proverbs 19:6 नीतिवचन 19:6उदार मनुष्य को बहुत से लोग मना लेते हैं, और दानी पुरूष का मित्रा सब कोई बनता है।
- Genesis 43:26 उत्पत्ति 43:26जब यूसुफ घर आया तब वे उस भेंट को, जो उनके हाथ में थी, उसके सम्मुख घर में ले गए, और भूमि पर गिरकर उसको दण्डवत् किया।
- Proverbs 21:14 नीतिवचन 21:14गुप्त में दी हुई भेंट से क्रोध ठण्डा होता है, और चुपके से दी हुई घूस से बड़ी जलजलाहट भी थामती है।
- Proverbs 17:8 नीतिवचन 17:8देनेवाले के हाथ में घूस मोह लेनेवाले मणि का काम देता है; जिधर ऐसा पुरूष फिरता, उधर ही उसका काम सुफल होता है।
- Genesis 18:2 उत्पत्ति 18:2और उस ने आंख उठाकर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरूष उसके साम्हने खड़े हैं: जब उस ने उन्हे देखा तब वह उन से भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत् की और कहने लगा,
- 1 Samuel 25:8 1 शमूएल 25:8अपने जवानों से यह बात पूछ ले, और वे तुझ का बताएंगे। सो इन जवानों पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो; हम तो आनन्द के समय में आए हैं, इसलिये जो कुछ तेरे हाथ लगे वह अपने दासों और अपने बेटे दाऊद को दे।
- Genesis 32:20–21 उत्पत्ति 32:20–21सो याकूब लाबान अरामी के पास से चोरी से चला गया, उसको न बताया कि मैं भागा जाता हूं। वह अपना सब कुछ लेकर भागा: और महानद के पार उतरकर अपना मुंह गिलाद के पहाड़ी देश की ओर किया।।
- Genesis 33:10 उत्पत्ति 33:10याकूब ने कहा, नहीं नहीं, यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो मेरी भेंट ग्रहण कर: क्योंकि मैं ने तेरा दर्शन पाकर, मानो परमेश्वर का दर्शन पाया है, और तू मुझ से प्रसन्न हुआ है।
- 1 Samuel 25:27 1 शमूएल 25:27और अब यह भेंट जो तेरी दासी अपने प्रभु के पास लाई है, उन जवानों को दी जाए जो मेरे प्रभु के साथ चालते हैं।
- Genesis 42:6 उत्पत्ति 42:6और, क्या देखा, कि उनके पीछे सात बालें पतली और पुरवाई से मुरझाई हुई निकलीं।