Genesis · chapter 36 · verse 1
Genesis 36:1 in Hindi
एसाव जो एदोम भी कहलाता है, उसकी यह वंशावली है।
Esaav jo edom bhee kahalaataa hai, usakee yah vanshaavalee hai.
Genesis 36:1 in English
- King James Version (KJV)
- Now these [are] the generations of Esau, who [is] Edom.
- World English Bible (WEB)
- Now this is the history of the generations of Esau (that is, Edom).
- American Standard Version (ASV)
- Now these are the generations of Esau (the same is Edom).
- Bible in Basic English (BBE)
- Now these are the generations of Esau, that is to say, Edom.
- Darby Translation (DBY)
- And these are the generations of Esau, that is Edom.
- Webster's Bible (WBS)
- Now these [are] the generations of Esau, who [is] Edom.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And these [are] births of Esau, who [is] Edom.
Read in context
- 1एसाव जो एदोम भी कहलाता है, उसकी यह वंशावली है।
- 2एसाव ने तो कनानी लड़कियां ब्याह लीं; अर्थात् हित्ती एलोन की बेटी आदा को, और अहोलीबामा को जो अना की बेटी, और हिव्वी सिबोन की नतिनी थी।
- 3फिर उस ने इश्माएल की बेटी बासमत को भी, जो नबायोत की बहिन थी, ब्याह लिया।
Cross references
- Genesis 22:17 उत्पत्ति 22:17इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूंगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूंगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा:
- 1 Chronicles 1:35 1 इतिहास 1:35एसाव के पुत्रा: एलीपज, रूएल, यूश, यालाम और कोरह हैं।
- Isaiah 63:1 यशायाह 63:1यह कौन है जो एदोम देश के बोस्त्रा नगर से बैंजनी वस्त्रा पहिने हुए चला आता है, जो अति बलवान और भड़कीला पहिरावा पहिने हुए झूमता चला आता है? यह मैं ही हूं, जो धर्म से बोलता और पूरा उद्धार करने की शक्ति रखता हूं।
- Deuteronomy 23:7 व्यवस्थाविवरण 23:7किसी एदोमी से घृणा न करना, क्योंकि वह तेरा भाई है; किसी मिद्दी से भी घृणा न करना, क्योंकि उसके देश में तू परदेशी होकर रहा था।
- Numbers 20:14–21 गिनती 20:14–21फिर मूसा ने कादेश से एदोम के राजा के पास दूत भेजे, कि तेरा भाई इस्त्राएल यों कहता है, कि हम पर जो जो क्लेश पड़े हैं वह तू जानता होगा; अर्थात् यह कि हमारे पुरखा मि में गए थे, और हम मि में बहुत दिन रहे; और मिस्त्रियों ने हमारे पुरखाओं के साथ और हमारे साथ भी बुरा बर्ताव किया; परन्तु जब हम ने यहोवा की दोहाई दी तब उस ने हमारी सुनी, और एक दूत को भेजकर हमें मि से निकाल ले आया है; सो अब हम कादेश नगर में हैं जो तेरे सिवाने ही पर है। सो हमें अपने देश में से होकर जाने दे। हम किसी खेत वा दाख की बारी से होकर न चलेंगे, और कूओं का पानी न पीएंगे; सड़क- सड़क होकर चले जाएंगे, और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएं, तब तक न दहिने न बाएं मुड़ेंगे। परन्तु एदोमियों ने उसके पास कहला भेजा, कि तू मेरे देश में से होकर मत जा, नहीं तो मैं तलवार लिये हुए तेरा साम्हना करने को निकलूंगा। इस्त्राएलियों ने उसके पास फिर कहला भेजा, कि हम सड़क ही सड़क चलेंगे, और यदि हम और हमारे पशु तेरा पानी पीएं, तो उसका दाम देंगे, हम को और कुछ नहीं, केवल पांव पांव चलकर निकल जाने दे। परन्तु उस ने कहा, तू आने न पाएगा। और एदोम बड़ी सेना लेकर भुजबल से उसका साम्हना करने को निकल आया। इस प्रकार एदोम ने इस्त्राएल को अपने देश के भीतर से होकर जाने देने से इन्कार किया; इसलिये इस्त्राएल उसकी ओर से मुड़ गए।।
- Genesis 25:24–34 उत्पत्ति 25:24–34जब उसके पुत्रा उत्पन्न होने का समय आया, तब क्या प्रगट हुआ, कि उसके गर्भ में जुड़वे बालक है। और पहिला जो उत्पन्न हुआ सो लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; सो उसका नाम एसाव रखा गया। पीछे उसका भाई अपने हाथ से एसाव की एड़ी पकडे हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब रिबका ने उनको जन्म दिया तब इसहाक साठ वर्ष का था। फिर वे लड़के बढ़ने लगे और एसाव तो वनवासी होकर चतुर शिकार खेलनेवाला हो गया, पर याकूब सीधा मनुष्य था, और तम्बुओं में रहा करता था। और इसहाक तो एसाव के अहेर का मांस खाया करता था, इसलिये वह उस से प्रीति रखता था: पर रिबका याकूब से प्रीति रखती थी।। याकूब भोजन के लिये कुछ दाल पका रहा था: और एसाव मैदान से थका हुआ आया। तब एसाव ने याकूब से कहा, वह जो लाल वस्तु है, उसी लाल वस्तु में से मुझे कुछ खिला, क्योंकि मैं थका हूं। इसी कारण उसका नाम एदोम भी पड़ा। याकूब ने कहा, अपना पहिलौठे का अधिकार आज मेरे हाथ बेच दे। एसाव ने कहा, देख, मै तो अभी मरने पर हूं: सो पहिलौठे के अधिकार से मेरा क्या लाभ होगा? याकूब ने कहा, मुझ से अभी शपथ खा: सो उस ने उस से शपथ खाई: और अपना पहिलौठे का अधिकार याकूब के हाथ बेच डाला। इस पर याकूब ने एसाव को रोटी और पकाई हुई मसूर की दाल दी; और उस ने खाया पिया, तब उठकर चला गया। यों एसाव ने अपना पहिलौठे का अधिकार तुच्छ जाना।।
- Genesis 27:35–41 उत्पत्ति 27:35–41उस ने कहा, तेरा भाई धूर्तता से आया, और तेरे आशीर्वाद को लेके चला गया। उस ने कहा, क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उस ने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहिलौठे का अधिकार तो उस ने ले ही लिया था: और अब देख, उस ने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है: फिर उस ने कहा, क्या तू ने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है? इसहाक ने एसाव को उत्तर देकर कहा, सुन, मैं ने उसको तेरा स्वामी ठहराया, और उसके सब भाइयों को उसके अधीन कर दिया, और अनाज और नया दाखमधु देकर उसको पुष्ट किया है: सो अब, हे मेरे पुत्रा, मैं तेरे लिये क्या करूं? एसाव ने अपने पिता से कहा हे मेरे पिता, क्या तेरे मन में एक ही आशीर्वाद है? हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे: यों कहकर एसाव फूट फूटके रोया। उसके पिता इसहाक ने उस से कहा, सुन, तेरा निवास उपजाऊ भूमि पर हो, और ऊपर से आकाश की ओस उस पर पड़े।। और तू अपनी तलवार के बल से जीवित रहे, और अपने भाई के अधीन तो होए, पर जब तू स्वाधीन हो जाएगा, तब उसके जूए को अपने कन्धे पर से तोड़ फेंके। एसाव ने तो याकूब से अपने पिता के दिए हुए आशीर्वाद के कारण बैर रखा; सो उस ने सोचा, कि मेरे पिता के अन्तकाल का दिन निकट है, फिर मैं अपने भाई याकूब को घात करूंगा।
- Genesis 32:3–7 उत्पत्ति 32:3–7तब यहोवा ने याकूब से कहा, अपने पितरों के देश और अपनी जन्मभूमि को लौट जा, और मैं तेरे संग रहूंगा। तब याकूब ने राहेल और लिआ: को, मैदान में अपनी भेड़- बकरियों के पास, बुलवाकर कहा, तुम्हारे पिता के मुखडे से मुझे समझ पड़ता है, कि वह तो मुझे पहिले की नाई अब नहीं देखता; पर मेरे पिता का परमेश्वर मेरे संग है। और तुम भी जानती हो, कि मैं ने तुम्हारे पिता की सेवा शक्ति भर की है। और तुम्हारे पिता ने मुझ से छल करके मेरी मजदूरी को दस बार बदल दिया; परन्तु परमेश्वर ने उसको मेरी हानि करने नहीं दिया।
- Ezekiel 25:12 यहेजकेल 25:12परमेश्वर यहोवा यों भी कहता है, एदोम ने जो यहूदा के घराने से पलटा लिया, और उन से बदला लेकर बड़ा दोषी हो गया है,