Genesis · chapter 35 · verse 29
Genesis 35:29 in Hindi
और इसहाक का प्राण छूट गया, और वह मर गया, और वह बूढ़ा और पूरी आयु का होकर अपने लोगों में जा मिला: और उसके पुत्रा एसाव और याकूब ने उसको मिट्टी दी।।
Aur isahaak kaa praan chhoot gayaa, aur vah mar gayaa, aur vah boodhaa aur pooree aayu kaa hokar apane logom mem jaa milaa: aur usake putraa esaav aur yaakoob ne usako mittee dee..
Genesis 35:29 in English
- King James Version (KJV)
- And Isaac gave up the ghost, and died, and was gathered unto his people, [being] old and full of days: and his sons Esau and Jacob buried him.
- World English Bible (WEB)
- Isaac gave up the spirit and died, and was gathered to his people, old and full of days. Esau and Jacob, his sons, buried him.
- American Standard Version (ASV)
- And Isaac gave up the ghost, and died, and was gathered unto his people, old and full of days: and Esau and Jacob his sons buried him.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Isaac came to his end and was put to rest with his father's people, an old man after a long life: and Jacob and Esau, his sons, put him in his last resting-place.
- Darby Translation (DBY)
- And Isaac expired and died, and was gathered to his peoples, old and full of days. And his sons Esau and Jacob buried him.
- Webster's Bible (WBS)
- And Isaac expired and died, and was gathered to his people, [being] old and full of days; and his sons Esau and Jacob buried him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Isaac expireth, and dieth, and is gathered unto his people, aged and satisfied with days; and bury him do Esau and Jacob his sons.
Read in context
- 27और याकूब मम्रे में, जो करियतअर्बा, अर्थात् हब्रोन है, जहां इब्राहीम और इसहाक परदेशी होकर रहे थे, अपने पिता इसहाक के पास आया।
- 28इसहाक की अवस्था एक सौ अस्सी बरस की हुई।
- 29और इसहाक का प्राण छूट गया, और वह मर गया, और वह बूढ़ा और पूरी आयु का होकर अपने लोगों में जा मिला: और उसके पुत्रा एसाव और याकूब ने उसको मिट्टी दी।।
Cross references
- Genesis 15:15 उत्पत्ति 15:15तू तो अपने पितरों में कुशल के साथ मिल जाएगा; तुझे पूरे बुढ़ापे में मिट्टी दी जाएगी।
- Genesis 49:33 उत्पत्ति 49:33यह आज्ञा जब याकूब अपने पुत्रों को दे चुका, तब अपने पांव खाट पर समेट प्राण छोड़े, और अपने लोगों में जा मिला।
- Genesis 49:31 उत्पत्ति 49:31वहां इब्राहीम और उसकी पत्नी सारा को मिट्टी दी गई; और वहीं इसहाक और उसकी पत्नी रिबका को भी मिट्टी दी गई; और वहीं मैं ने लिआ: को भी मिट्टी दी।
- Genesis 25:7–9 उत्पत्ति 25:7–9इब्राहीम की सारी अवस्था एक सौ पचहत्तर वर्ष की हुई। और इब्राहीम का दीर्घायु होने के कारण अर्थात् पूरे बुढ़ापे की अवस्था में प्राण छूट गया। और उसके पुत्रा इसहाक और इश्माएल ने, हित्ती सोहर के पुत्रा एप्रोन की मम्रे के सम्मुखवाली भूमि में, जो मकपेला की गुफा थी, उस में उसको मिट्टी दी गई।
- Genesis 25:17 उत्पत्ति 25:17इश्माएल की सारी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई: तब उसके प्राण छूट गए, और वह अपने लोगों में जा मिला।
- Genesis 27:41 उत्पत्ति 27:41एसाव ने तो याकूब से अपने पिता के दिए हुए आशीर्वाद के कारण बैर रखा; सो उस ने सोचा, कि मेरे पिता के अन्तकाल का दिन निकट है, फिर मैं अपने भाई याकूब को घात करूंगा।
- Genesis 3:19 उत्पत्ति 3:19और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
- Genesis 23:19–20 उत्पत्ति 23:19–20इसके पश्चात् इब्राहीम ने अपनी पत्नी सारा को, उस मकपेला वाली भूमि की गुफा में जो मम्रे के अर्थात् हेब्रोन के साम्हने कनान देश में है, मिट्टी दी। और वह भूमि गुफा समेत, जो उस में थी, हित्तियों की ओर से कब्रिस्तान के लिये इब्राहीम के अधिकार में पक्की रीति से आ गई।
- Job 5:26 अय्यूब 5:26जैसे पूलियों का ढेर समय पर खलिहान में रखा जाता है, वैसे ही तू पूरी अवस्था का होकर क़ब्र को पहुंचेगा।
- Genesis 27:1–2 उत्पत्ति 27:1–2जब इसहाक बूढ़ा हो गया, और उसकी आंखें ऐसी धुंधली पड़ गई, कि उसको सूझता न था, तब उस ने अपने जेठे पुत्रा एसाव को बुलाकर कहा, हे मेरे पुत्रा; उस ने कहा, क्या आज्ञा। उस ने कहा, सुन, मैं तो बूढ़ा हो गया हूं, और नहीं जानता कि मेरी मृत्यु का दिन कब होगा:
- Ecclesiastes 12:5–7 सभोपदेशक 12:5–7फिर जो ऊंचा हो उस से भय खाया जाएगा, और मार्ग में डरावनी वस्तुएं मानी जाएंगी; और बादाम का पेड़ फूलेगा, और टिड्डी भी भारी लगेगी, और भूख बढ़ानेवाला फल फिर काम न देगा; क्योंकि मनुष्य अपने सदा के घर को जायेगा, और रोने पीटनेवाले सड़क सड़क फिरेंगे। उस समय चान्दी का तार दो टूकड़े हो जाएगा और सोने का कटोरा टूटेगा; और सोते के पास घड़ा फूटेगा, और कुण्ड के पास रहट टूट जाएगा, जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी।