Genesis · chapter 37 · verse 12
Genesis 37:12 in Hindi
और उसके भाई अपने पिता की भेड़- बकरियों को चराने के लिये शकेम को गए।
Aur usake bhaaee apane pitaa kee bheda- bakariyom ko charaane ke liye shakem ko gae.
Genesis 37:12 in English
- King James Version (KJV)
- And his brethren went to feed their father’s flock in Shechem.
- World English Bible (WEB)
- His brothers went to feed their father’s flock in Shechem.
- American Standard Version (ASV)
- And his brethren went to feed their father’s flock in Shechem.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now his brothers went to keep watch over their father's flock in Shechem.
- Darby Translation (DBY)
- And his brethren went to feed their father's flock at Shechem.
- Webster's Bible (WBS)
- And his brethren went to feed their father's flock in Shechem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And his brethren go to feed the flock of their father in Shechem,
Read in context
- 10यह स्वप्न उस ने अपने पिता, और भाइयों से वर्णन किया: तब उसके पिता ने उसको दपटके कहा, यह कैसा स्वप्न है जो तू ने देखा है? क्या सचमुच मैं और तेरी माता और तेरे भाई सब जाकर तेरे आगे भूमि पर गिरके दण्डवत् करेंगे?
- 11उसके भाई तो उससे डाह करते थे; पर उसके पिता ने उसके उस वचन को स्मरण रखा।
- 12और उसके भाई अपने पिता की भेड़- बकरियों को चराने के लिये शकेम को गए।
- 13तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, तेरे भाई तो शकेम ही में भेड़- बकरी चरा रहें होंगे, सो जा, मैं तुझे उनके पास भेजता हूं। उस ने उस से कहा जो आज्ञा मैं हाजिर हूं।
- 14उस ने उस से कहा, जा, अपने भाइयों और भेड़- बकरियों का हाल देख आ कि वे कुशल से तो हैं, फिर मेरे पास समाचार ले आ। सो उस ने उसको हेब्रोन की तराई में विदा कर दिया, और वह शकेम में आया।
Cross references
- Genesis 37:1 उत्पत्ति 37:1याकूब तो कनान देश में रहता था, जहां उसका पिता परदेशी होकर रहा था।
- Genesis 33:18 उत्पत्ति 33:18और याकूब जो प नराम से आया था, सो कनान देश के शकेम नगर के पास कुशल क्षेम से पहुंचकर नगर के साम्हने डेरे खड़े किए।
- Genesis 34:25–31 उत्पत्ति 34:25–31तीसरे दिन, जब वे लोग पीड़ित पड़े थे, तब ऐसा हुआ कि शिमोन और लेवी नाम याकूब के दो पुत्रों ने, जो दीना के भाई थे, अपनी अपनी तलवार ले उस नगर में निधड़क घुसकर सब पुरूषों को घात किया। और हमोर और उसके पुत्रा शकेम को उन्हों ने तलवार से मार डाला, और दीना को शकेम के घर से निकाल ले गए। और याकूब के पुत्रों ने घात कर डालने पर भी चढ़कर नगर को इसलिये लूट लिया, कि उस में उनकी बहिन अशुद्ध की गई थी। उन्हों ने भेड़- बकरी, और गाय- बैल, और गदहे, और नगर और मैदान में जितना धन था ले लिया। उस सब को, और उनके बाल- बच्चों, और स्त्रियों को भी हर ले गए, वरन घर घर में जो कुछ था, उसको भी उन्हों ने लूट लिया। तब याकूब ने शिमोन और लेवी से कहा, तुम ने जो उस देश के निवासी कनानियों और परिज्जियों के मन में मेरी ओर घृणा उत्पन्न कराई है, इस से तुम ने मुझे संकट में डाला है, क्योंकि मेरे साथ तो थोड़े की लोग हैं, सो अब वे इकट्ठे होकर मुझ पर चढ़ेंगे, और मुझे मार डालेंगे, सो मैं अपने घराने समेत सत्यानाश हो जाऊंगा। उन्हों ने कहा, क्या वह हमारी बहिन के साथ वेश्या की नाई बर्ताव करे?