Genesis · chapter 37 · verse 30
Genesis 37:30 in Hindi
और अपने भाइयों के पास लौटकर कहने लगा, कि लड़का तो नहीं हैं; अब मैं किधर जाऊं?
Aur apane bhaaiyom ke paas lautakar kahane lagaa, ki ladakaa to naheem haim; ab maim kidhar jaaoom?
Genesis 37:30 in English
- King James Version (KJV)
- And he returned unto his brethren, and said, The child [is] not; and I, whither shall I go?
- World English Bible (WEB)
- He returned to his brothers, and said, “The child is no more; and I, where will I go?”
- American Standard Version (ASV)
- And he returned unto his brethren, and said, The child is not; and I, whither shall I go?
- Bible in Basic English (BBE)
- He went back to his brothers, and said, The child is gone; what am I to do?
- Darby Translation (DBY)
- and returned to his brethren, and said, The child is not; and I, where shall I go?
- Webster's Bible (WBS)
- And he returned to his brethren, and said, The child [is] not: and I, whither shall I go?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he returneth unto his brethren, and saith, 'The lad is not, and I — whither am I going?'
Read in context
- 28सो यूसुफ के भाइयों ने उसको उस गड़हे में से खींचके बाहर निकाला, और इश्माएलियों के हाथ चांदी के बीस टुकड़ों में बेच दिया: और वे यूसुफ को मि में ले गए।
- 29और रूबेन ने गड़हे पर लौटकर क्या देखा, कि यूसुफ गड़हे में नहीं हैं; सो उस ने अपने वस्त्रा फाड़े।
- 30और अपने भाइयों के पास लौटकर कहने लगा, कि लड़का तो नहीं हैं; अब मैं किधर जाऊं?
- 31और तब उन्हों ने यूसुफ का अंगरखा लिया, और एक बकरे को मारके उसके लोहू में उसे डुबा दिया।
- 32और उन्हों ने उस रंग बिरंगे अंगरखे को अपने पिता के पास भेजकर कहला दिया; कि यह हम को मिला है, सो देखकर पहिचान ले, कि यह तेरे पुत्रा का अंगरखा है कि नहीं।
Cross references
- Genesis 42:13 उत्पत्ति 42:13और जैसा जैसा फल उस ने हम से कहा था, वैसा की हुआ भी, अर्थात् मुझ को तो मेरा पद फिर मिला, पर वह फांसी पर लटकाया गया।
- Genesis 42:32 उत्पत्ति 42:32और फिरौन ने जो यह स्वप्न दो बार देखा है इसका भेद यही है, कि यह बात परमेश्वर की ओर से नियुक्त हो चुकी है, और परमेश्वर इसे शीघ्र ही पूरा करेगा।
- Jeremiah 31:15 यिर्मयाह 31:15यहोवा यह भी कहता है: सुन, रामा नगर में विलाप और बिलक बिलककर रोने का शब्द सुनने में आता है। राहेल अपने लड़कों के लिये रो रही है; और अपने लड़कों के कारण शान्त नहीं होती, क्योंकि वे जाते रहे।
- Genesis 42:35–36 उत्पत्ति 42:35–36और वे इन अच्छे वर्षों में सब प्रकार की भोजनवस्तु इकट्ठा करें, और नगर नगर में भण्डार घर भोजन के लिये फिरौन के वश में करके उसकी रक्षा करें। और वह भोजनवस्तु अकाल के उन सात वर्षों के लिये, जो मि देश में आएंगे, देश के भोजन के निमित्त रखी रहे, जिस से देश उस अकाल से स्त्यानाश न हो जाए।
- Genesis 37:20 उत्पत्ति 37:20सो आओ, हम उसको घात करके किसी गड़हे में डाल दें, और यह कह देंगे, कि कोई दुष्ट पशु उसको खा गया। फिर हम देखेंगे कि उसके स्वप्नों का क्या फल होगा।