Genesis · chapter 41 · verse 53
Genesis 41:53 in Hindi
और मि देश के सुकाल के वे सात वर्ष समाप्त हो गए।
Aur mi desh ke sukaal ke ve saat varsh samaapt ho gae.
Genesis 41:53 in English
- King James Version (KJV)
- And the seven years of plenteousness, that was in the land of Egypt, were ended.
- World English Bible (WEB)
- The seven years of plenty, that were in the land of Egypt, came to an end.
- American Standard Version (ASV)
- And the seven years of plenty, that was in the land of Egypt, came to an end.
- Bible in Basic English (BBE)
- And so the seven good years in Egypt came to an end.
- Darby Translation (DBY)
- And the seven years of plenty that were in the land of Egypt were ended;
- Webster's Bible (WBS)
- And the seven years of plenteousness that was in the land of Egypt, were ended.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the seven years of plenty are completed which have been in the land of Egypt,
Read in context
- 51और यूसुफ ने अपने जेठे का नाम यह कहके मनश्शे रखा, कि परमेश्वर ने मुझ से सारा क्लेश, और मेरे पिता का सारा घराना भुला दिया है।
- 52और दूसरे का नाम उस ने यह कहकर एप्रैम रखा, कि मुझे दु:ख भोगने के देश में परमेश्वर ने फुलाया फलाया है।
- 53और मि देश के सुकाल के वे सात वर्ष समाप्त हो गए।
- 54और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। और सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मि देश में अन्न था।
- 55जब मि का सारा देश भूखों मरने लगा; तब प्रजा फिरोन से चिल्ला चिल्लाकर रोटी मांगने लगी: और वह सब मिस्त्रियों से कहा करता था, यूसुफ के पास जाओ: और जो कुछ वह तुम से कहे, वही करो।
Cross references
- Genesis 41:29–31 उत्पत्ति 41:29–31सुन, सारे मि देश में सात वर्ष तो बहुतायत की उपज के होंगे। उनके पश्चात् सात वर्ष अकाल के आयेंगे, और सारे मि देश में लोग इस सारी उपज को भूल जायेंगे; और अकाल से देश का नाश होगा। और सुकाल (बहुतायत की उपज) देश में फिर स्मरण न रहेगा क्योंकि अकाल अत्यन्त भयंकर होगा।
- Psalm 73:20 भजन संहिता 73:20जैसे जागनेहारा स्वप्न को तुच्छ जानता है, वैसे ही हे प्रभु जब तू उठेगा, तब उनको छाया से समझकर तुच्छ जानेगा।।
- Luke 16:25 लूका 16:25परन्तु इब्राहीम ने कहा; हे पुत्र स्मरण कर, कि तू अपने जीवन में अच्छी वस्तुएं ले चुका है, और वैसे ही लाजर बुरी वस्तुएं: परन्तु अब वह यहां शान्ति पा रहा है, और तू तड़प रहा है।