Genesis · chapter 8 · verse 22
Genesis 8:22 in Hindi
अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।।
Ab se jab tak pruthvee banee rahegee, tab tak bone aur kaatane ke samay, thand aur tapan, dhoopakaal aur sheetakaal, din aur raat, nirantar hote chale jaaenge..
Genesis 8:22 in English
- King James Version (KJV)
- While the earth remaineth, seedtime and harvest, and cold and heat, and summer and winter, and day and night shall not cease.
- World English Bible (WEB)
- While the earth remains, seed time and harvest, and cold and heat, and summer and winter, and day and night will not cease.”
- American Standard Version (ASV)
- While the earth remaineth, seedtime and harvest, and cold and heat, and summer and winter, and day and night shall not cease.
- Bible in Basic English (BBE)
- While the earth goes on, seed time and the getting in of the grain, cold and heat, summer and winter, day and night, will not come to an end.
- Darby Translation (DBY)
- Henceforth, all the days of the earth, seed [time] and harvest, and cold and heat, and summer and winter, and day and night, shall not cease.
- Webster's Bible (WBS)
- While the earth remaineth, seed-time and harvest, and cold and heat, and summer and winter, and day and night shall not cease.
- Young's Literal Translation (YLT)
- during all days of the earth, seed-time and harvest, and cold and heat, and summer and winter, and day and night, do not cease.'
Read in context
- 20तब नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई; और सब शुद्ध पशुओं, और सब शुद्ध पक्षियों में से, कुछ कुछ लेकर वेदी पर होमबलि चढ़ाया।
- 21इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, कि मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को शाप न दूंगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है सो बुरा ही होता है; तौभी जैसा मैं ने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उनको फिर कभी न मारूंगा।
- 22अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।।
Cross references
- James 5:7 याकूब 5:7सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।
- Jeremiah 5:24 यिर्मयाह 5:24वे मन में इतना भी नहीं सोचते कि हमारा परमेश्वर यहोवा तो बरसात के आरम्भ और अन्त दोनों समयों का जल समय पर बरसाता है, और कटनी के नियत सप्ताहों को हमारे लिये रखता है, इसलिये हम उसका भय मानें।
- Psalm 74:16–17 भजन संहिता 74:16–17दिन तेरा है रात भी तेरी है; सूर्य और चन्द्रमा को तू ने स्थिर किया है। तू ने तो पृथ्वी के सब सिवानों को ठहराया; धूपकाल और जाड़ा दोनों तू ने ठहराए हैं।।
- Jeremiah 31:35 यिर्मयाह 31:35जिसने दिन को प्रकाश देने के लिये सूर्य को और रात को प्रकाश देने के लिये चन्द्रमा और तारागण के नियम ठहराए हैं, जो समुद्र को उछालता और उसकी लहरों को गरजाता है, और जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, वही यहोवा यों कहता है:
- Song of Solomon 2:11–12 श्रेष्ठगीत 2:11–12क्योंकि देख, जाड़ा जाता रहा; वर्षा भी हो चुकी और जाती रही है। पृथ्वी पर फूल दिखाई देते हैं, चिड़ियों के गाने का समय आ पहुंचा है, और हमारे देश में पिन्डुक का शब्द सुनाई देता है।
- Jeremiah 33:20–26 यिर्मयाह 33:20–26मैं ने दिन और रात के विषय में जो वाचा बान्धी है, जब तुम उसको ऐसा तोड़ सको कि दिन और रात अपने अपने समय में न हों, तब ही जो वाचा मैं ने अपने दास दाऊद के संग बान्धी है टूट सकेगी, कि तेरे वंश की गद्दी पर विराजने वाले सदैव बने रहेंगे, और मेरी वाचा मेरी सेवा टहल करने वाले लेवीय याजकों के संग बन्धी रहेगी। जैसा आकाश की सेना की गिनती और समुद्र की बालू के किनकों का परिमाण नहीं हो सकता है उसी प्रकार मैं अपने दास दाऊद के वंश और अपने सेवक लेवियों को बढ़ा कर अनगिनित कर दूंगा। यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुचा, क्या तू ने नहीं देखा कि ये लोग क्या कहते हैं, कि, जो दो कुल यहोवा ने चुन लिए थे उन दोनों से उसने अब हाथ उठाया है? यह कह कर कि ये मेरी प्रजा को तुच्छ जानते हैं और कि यह जाति उनकी दृष्टि में गिर गई है। यहोवा यों कहता है, यदि दिन और रात के विषय मेरी वाचा अटल न रहे, और यदि आकाश और पृथ्वी के नियम मेरे ठहराए हुए न रह जाएं, तब ही मैं याकूब के वंश से हाथ उठाऊंगा।,और इब्राहीम, इसहाक और याकूब के वंश पर प्रभुता करने के लिये अपने दास दाऊद के वंश में से किसी को फिर न ठहराऊंगा। परन्तु इसके विपरीत मैं उन पर दया कर के उन को बंधुआई से लौटा लाऊंगा।
- Isaiah 54:8–9 यशायाह 54:8–9क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है। यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा।
- Exodus 34:21 निर्गमन 34:21छ: दिन तो परिश्रम करना, परन्तु सातवें दिन विश्राम करना; वरन हल जोतने और लवने के समय में भी विश्राम करना।
- Genesis 45:6 उत्पत्ति 45:6क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है; और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा।