Jeremiah · chapter 33 · verse 20
Jeremiah 33:20 in Hindi
मैं ने दिन और रात के विषय में जो वाचा बान्धी है, जब तुम उसको ऐसा तोड़ सको कि दिन और रात अपने अपने समय में न हों,
Maim ne din aur raat ke vishay mem jo vaachaa baandhee hai, jab tum usako aisaa tod sako ki din aur raat apane apane samay mem na hom,
Jeremiah 33:20 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD; If ye can break my covenant of the day, and my covenant of the night, and that there should not be day and night in their season;
- World English Bible (WEB)
- “The LORD says: ‘If you can break my covenant of the day and my covenant of the night, so that there will not be day and night in their time,
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah: If ye can break my covenant of the day, and my covenant of the night, so that there shall not be day and night in their season;
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord has said: If it is possible for my agreement of the day and the night to be broken, so that day and night no longer come at their fixed times,
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah: If ye can break my covenant [in respect] of the day, and my covenant [in respect] of the night, so that there should not be day and night in their season,
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD; If ye can break my covenant of the day, and my covenant of the night, so that there should not be day and night in their season;
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus said Jehovah: If ye do break My covenant of the day, And My covenant of the night, So that they are not daily and nightly in their season,
Read in context
- 18और लेवीय याजकों के कुलों में प्रतिदिन मेरे लिये होमबलि चढ़ाने वाले और अन्नबलि जलाने वाले और मेलबलि चढ़ाने वाले सदैव बने रहेंगे।
- 19फिर यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, यहोवा यों कहता है,
- 20मैं ने दिन और रात के विषय में जो वाचा बान्धी है, जब तुम उसको ऐसा तोड़ सको कि दिन और रात अपने अपने समय में न हों,
- 21तब ही जो वाचा मैं ने अपने दास दाऊद के संग बान्धी है टूट सकेगी, कि तेरे वंश की गद्दी पर विराजने वाले सदैव बने रहेंगे, और मेरी वाचा मेरी सेवा टहल करने वाले लेवीय याजकों के संग बन्धी रहेगी।
- 22जैसा आकाश की सेना की गिनती और समुद्र की बालू के किनकों का परिमाण नहीं हो सकता है उसी प्रकार मैं अपने दास दाऊद के वंश और अपने सेवक लेवियों को बढ़ा कर अनगिनित कर दूंगा।
Cross references
- Genesis 8:22 उत्पत्ति 8:22अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।।
- Isaiah 54:9–10 यशायाह 54:9–10यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा। चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
- Psalm 89:37 भजन संहिता 89:37वह चन्द्रमा की नाईं, और आकाशमण्डल के विश्वासयोग्य साक्षी की नाई सदा बना रहेगा।
- Psalm 104:19–23 भजन संहिता 104:19–23उस ने नियत समयों के लिये चन्द्रमा को बनाया है; सूर्य अपने अस्त होने का समय जानता है। तू अन्धकार करता है, तब रात हो जाती है; जिस में वन के सब जीव जन्तु घूमते फिरते हैं। जवान सिंह अहेर के लिये गरजते हैं, और ईश्वर से अपना आहार मांगते हैं। सूर्य उदय होते ही वे चले जाते हैं और अपनी मांदों में जा बैठते हैं। तब मनुष्य अपने काम के लिये और सन्ध्या तक परिश्रम करने के लिये निकलता है।
- Jeremiah 31:35–37 यिर्मयाह 31:35–37जिसने दिन को प्रकाश देने के लिये सूर्य को और रात को प्रकाश देने के लिये चन्द्रमा और तारागण के नियम ठहराए हैं, जो समुद्र को उछालता और उसकी लहरों को गरजाता है, और जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, वही यहोवा यों कहता है: यदि ये नियम मेरे साम्हने से टल जाएं तब ही यह हो सकेगा कि इस्राएल का वंश मेरी दृष्टि में सदा के लिये एक जाति ठहरने की अपेक्षा मिट सकेगा। यहोवा यों भी कहता है, यदि ऊपर से आकाश मापा जाए और नीचे से पृथ्वी की नेव खोद खोदकर पता लगाया जाए, तब ही मैं इस्राएल के सारे वंश को अनके सब पापों के कारण उन से हाथ उठाऊंगा।
- Jeremiah 33:25–26 यिर्मयाह 33:25–26यहोवा यों कहता है, यदि दिन और रात के विषय मेरी वाचा अटल न रहे, और यदि आकाश और पृथ्वी के नियम मेरे ठहराए हुए न रह जाएं, तब ही मैं याकूब के वंश से हाथ उठाऊंगा।,और इब्राहीम, इसहाक और याकूब के वंश पर प्रभुता करने के लिये अपने दास दाऊद के वंश में से किसी को फिर न ठहराऊंगा। परन्तु इसके विपरीत मैं उन पर दया कर के उन को बंधुआई से लौटा लाऊंगा।