Genesis · chapter 9 · verse 1
Genesis 9:1 in Hindi
फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और उन से कहा कि फूलो- फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ।
Phir parameshvar ne nooh aur usake putrom ko aasheesh dee aur un se kahaa ki phoolo- phalo, aur badho, aur pruthvee mem bhar jaao.
Genesis 9:1 in English
- King James Version (KJV)
- And God blessed Noah and his sons, and said unto them, Be fruitful, and multiply, and replenish the earth.
- World English Bible (WEB)
- God blessed Noah and his sons, and said to them, “Be fruitful, multiply, and replenish the earth.
- American Standard Version (ASV)
- And God blessed Noah and his sons, and said unto them, Be fruitful, and multiply, and replenish the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And God gave his blessing to Noah and his sons, and said, Be fertile, and have increase, and make the earth full.
- Darby Translation (DBY)
- And God blessed Noah and his sons, and said to them, Be fruitful and multiply, and fill the earth.
- Webster's Bible (WBS)
- And God blessed Noah and his sons, and said to them, Be fruitful, and multiply, and replenish the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And God blesseth Noah, and his sons, and saith to them, 'Be fruitful, and multiply, and fill the earth;
Read in context
- 1फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और उन से कहा कि फूलो- फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ।
- 2और तुम्हारा डर और भय पृथ्वी के सब पशुओं, और आकाश के सब पक्षियों, और भूमि पर के सब रेंगनेवाले जन्तुओं, और समुद्र की सब मछलियों पर बना रहेगा: वे सब तुम्हारे वश में कर दिए जाते हैं।
- 3सब चलनेवाले जन्तु तुम्हारा आहार होंगे; जैसा तुम को हरे हरे छोटे पेड़ दिए थे, वैसा ही अब सब कुछ देता हूं।
Cross references
- Genesis 1:28 उत्पत्ति 1:28और परमेश्वर ने उनको आशीष दी: और उन से कहा, फूलो- फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो।
- Genesis 9:7 उत्पत्ति 9:7और तुम तो फूलो- फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में बहुत बच्चे जन्मा के उस में भर जाओ।।
- Genesis 8:17 उत्पत्ति 8:17क्या पक्षी, क्या पशु, क्या सब भांति के रेंगनेवाले जन्तु जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, जितने शरीरधारी जीवजन्तु तेरे संग हैं, उस सब को अपने साथ निकाल ले आ, कि पृथ्वी पर उन से बहुत बच्चे उत्पन्न हों; और वे फूलें- फलें, और पृथ्वी पर फैल जाएं।
- Genesis 1:22 उत्पत्ति 1:22और परमेश्वर ने यह कहके उनको आशीष दी, कि फूलो- फलो, और समुद्र के जल में भर जाओ, और पक्षी पृथ्वी पर बढ़ें।
- Psalm 128:3–4 भजन संहिता 128:3–4तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज के चारों ओर तेरे बालक जलपाई के पौधे से होंगे। सुन, जो पुरूष यहोवा का भय मानता हो, वह ऐसी ही आशीष पाएगा।।
- Isaiah 51:2 यशायाह 51:2अपने मूलपुरूष इब्राहीम और अपनी माता सारा पर ध्यान करो; जब वह अकेला था, तब ही से मैं ने उसको बुलाया और आशीष दी और बढ़ा दिया।
- Genesis 2:3 उत्पत्ति 2:3और परमेश्वर ने सातवें दिन को आशीष दी और पवित्रा ठहराया; क्योंकि उस में उस ने अपनी सृष्टि की रचना के सारे काम से विश्राम लिया।
- Genesis 10:32 उत्पत्ति 10:32नूह के पुत्रों के घराने ये ही हैं: और उनकी जातियों के अनुसार उनकी वंशावलियां ये ही हैं; और जलप्रलय के पश्चात् पृथ्वी भर की जातियां इन्हीं में से होकर बंट गई।।
- Genesis 24:60 उत्पत्ति 24:60और उन्हों ने रिबका को आशीर्वाद देके कहा, हे हमारी बहिन, तू हजारों लाखों की आदिमाता हो, और तेरा वंश अपने बैरियों के नगरों का अधिकारी हो।
- Genesis 9:19 उत्पत्ति 9:19नूह के तीन पुत्रा ये ही हैं, और इनका वंश सारी पृथ्वी पर फैल गया।