Hebrews · chapter 13 · verse 19
Hebrews 13:19 in Hindi
और इस के करने के लिये मैं तुम्हें और भी समझाता हूं, कि मैं शीघ्र तुम्हारे पास फिर आ सकूं।।
Aur is ke karane ke liye maim tumhem aur bhee samajhaataa hoom, ki maim sheeghr tumhaare paas phir aa sakoon..
Hebrews 13:19 in English
- King James Version (KJV)
- But I beseech [you] the rather to do this, that I may be restored to you the sooner.
- World English Bible (WEB)
- I strongly urge you to do this, that I may be restored to you sooner.
- American Standard Version (ASV)
- And I exhort [you] the more exceedingly to do this, that I may be restored to you the sooner.
- Bible in Basic English (BBE)
- I make this request more strongly, in the hope of coming back to you more quickly.
- Darby Translation (DBY)
- But I much more beseech [you] to do this, that I may the more quickly be restored to you.
- Webster's Bible (WBS)
- But I beseech [you] the rather to do this, that I may be restored to you the sooner.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and more abundantly do I call upon [you] to do this, that more quickly I may be restored to you.
Read in context
- 17अपने अगुवों की मानो; और उनके अधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाई तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले लेकर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं।
- 18हमारे लिये प्रार्थना करते रहो, क्योंकि हमें भरोसा है, कि हमारा विवेक शुद्ध है; और हम सब बातों में अच्छी चाल चलना चाहते हैं।
- 19और इस के करने के लिये मैं तुम्हें और भी समझाता हूं, कि मैं शीघ्र तुम्हारे पास फिर आ सकूं।।
- 20अब शान्तिदाता परमेश्वर जो हमारे प्रभु यीशु को जो भेड़ों का महान रखवाला है सनातन वाचा के लोहू के गुण से मरे हुओं में से जिलाकर ले आया।
- 21तुम्हें हर एक भली बात में सिद्ध करे, जिस से तुम उस की इच्छा पूरी करो, और जो कुछ उस को भाता है, उसे यीशु मसीह के द्वारा हम में उत्पन्न करे, जिस की बड़ाई युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
Cross references
- Philemon 1:22 फिलेमोन 1:22और यह भी, कि मेरे लिये उतरने की जगह तैयार रख; मुझे आशा है, कि तुम्हारी प्रार्थनाओं के द्वारा मैं तुम्हें दे दिया जाऊंगा।।
- Romans 1:10–12 रोमियों 1:10–12और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में बिनती करता हूं, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सुफल हो। क्योंकि मै। तुम से मिलने की लालसा करता हूं, कि मैं तुम्हें कोई आत्मिक बरदान दूं जिस से तुम स्थिर हो जाओ। अर्थात् यह, कि मैं तुम्हारे बीच में होकर तुम्हारे साथ उस विश्वास के द्वारा जो मुझ में, और तुम में है, शान्ति पाऊं।
- Romans 15:31–32 रोमियों 15:31–32कि मैं यहूदिया के अविश्वासियों से बचा रहूं, और मेरी वह सेवा जो यरूशलेम के लिये है, पवित्रा लोगों को भाए। और मैं परमेश्वर की इच्छा से तुम्हारे पास आनन्द के साथ आकर तुम्हारे साथ विश्राम पाऊं।