Romans · chapter 1 · verse 10
Romans 1:10 in Hindi
और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में बिनती करता हूं, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सुफल हो।
Aur nity apanee praarthanaaom mem binatee karataa hoom, ki kisee reeti se ab bhee tumhaare paas aane ko meree yaatraa parameshvar kee ichchhaa se suphal ho.
Romans 1:10 in English
- King James Version (KJV)
- Making request, if by any means now at length I might have a prosperous journey by the will of God to come unto you.
- World English Bible (WEB)
- requesting, if by any means now at last I may be prospered by the will of God to come to you.
- American Standard Version (ASV)
- making request, if by any means now at length I may be prospered by the will of God to come unto you.
- Bible in Basic English (BBE)
- And that I am ever making prayers that God will give me a good journey to you.
- Darby Translation (DBY)
- always beseeching at my prayers, if any way now at least I may be prospered by the will of God to come to you.
- Webster's Bible (WBS)
- Making request (if by any means now at length I may have a prosperous journey by the will of God) to come to you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- always in my prayers beseeching, if by any means now at length I shall have a prosperous journey, by the will of God, to come unto you,
Read in context
- 8पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है।
- 9परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- 10और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में बिनती करता हूं, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सुफल हो।
- 11क्योंकि मै। तुम से मिलने की लालसा करता हूं, कि मैं तुम्हें कोई आत्मिक बरदान दूं जिस से तुम स्थिर हो जाओ।
- 12अर्थात् यह, कि मैं तुम्हारे बीच में होकर तुम्हारे साथ उस विश्वास के द्वारा जो मुझ में, और तुम में है, शान्ति पाऊं।
Cross references
- Romans 15:30–32 रोमियों 15:30–32और हे भाइयों; मैं यीशु मसीह का जो हमारा प्रभु है और पवित्रा आत्मा के प्रेम का स्मरण दिला कर, तुम से बिनती करता हूं, कि मेरे लिये परमेश्वर से प्रार्थना करने में मेरे साथ मिलकर लौलीन रहो। कि मैं यहूदिया के अविश्वासियों से बचा रहूं, और मेरी वह सेवा जो यरूशलेम के लिये है, पवित्रा लोगों को भाए। और मैं परमेश्वर की इच्छा से तुम्हारे पास आनन्द के साथ आकर तुम्हारे साथ विश्राम पाऊं।
- Acts 18:21 प्रेरितों के काम 18:21परन्तु यह कहकर उन से विदा हुआ, कि यदि परमेश्वर चाहे तो मैं तुम्हारे पास फिर आऊंगा।
- Philemon 1:22 फिलेमोन 1:22और यह भी, कि मेरे लिये उतरने की जगह तैयार रख; मुझे आशा है, कि तुम्हारी प्रार्थनाओं के द्वारा मैं तुम्हें दे दिया जाऊंगा।।
- James 4:15 याकूब 4:15इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे।
- 1 Thessalonians 3:10–11 1 थिस्सलुनीकियों 3:10–11हम राज दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुंह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।। अब हमारा परमेश्वर और पिता आप ही और हमारा प्रभु यीशु, तुम्हारे यहां आने के लिये हमारी अगुवाई करे।
- 1 Thessalonians 2:18 1 थिस्सलुनीकियों 2:18इसलिये हम ने (अर्थात् मुझ पौलुस ने) एक बार नहीं, बरन दो बार तुम्हारे पास आना चाहा, परन्तु शैतान हमें रोके रहा।
- Romans 15:22–24 रोमियों 15:22–24इसी लिये मैं तुम्हारे पास आने से बार बार रूका रहा। परन्तु अब मुझे इन देशों में और जगह नहीं रही, और बहुत वर्षों से मुझे तुम्हारे पास आने की लालसा है। इसलिये जब इसपानिया को जाऊंगा तो तुम्हारे पास होता हुआ जाऊंगा क्योंकि मुझे आशा है, कि उस यात्रा में तुम से भेंट करूं, और जब तुम्हारी संगति से मेरा जी कुछ भर जाए, तो तुम मुझे कुछ दूर आगे पहुंचा दो।
- Acts 19:21 प्रेरितों के काम 19:21जब ये बातें हो चुकीं, तो पौलुस ने आत्मा में ठाना कि मकिदुनिया और अखाया से होकर यरूशलेम को जाऊं, और कहा, कि वहां जाने के बाद मुझे रोमा को भी देखना अवश्य है।
- Philippians 4:6 फिलिप्पियों 4:6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- Hebrews 13:19 इब्रानियों 13:19और इस के करने के लिये मैं तुम्हें और भी समझाता हूं, कि मैं शीघ्र तुम्हारे पास फिर आ सकूं।।
- Acts 21:14 प्रेरितों के काम 21:14जब उन से न माना तो हम यह कहकर चुप हो गए; कि प्रभु की इच्छा पूरी हो।।
- 1 Corinthians 4:19 1 कुरिन्थियों 4:19ुपरन्तु प्रभु चाहे तो मैं तुम्हारे पास शीघ्र ही आऊंगा, और उन फूले हुओं की बातों को नहीं, परन्तु उन की सामर्थ को जान लूंगा।