Romans · chapter 15 · verse 31
Romans 15:31 in Hindi
कि मैं यहूदिया के अविश्वासियों से बचा रहूं, और मेरी वह सेवा जो यरूशलेम के लिये है, पवित्रा लोगों को भाए।
Ki maim yahoodiyaa ke avishvaasiyom se bachaa rahoom, aur meree vah sevaa jo yarooshalem ke liye hai, pavitraa logom ko bhaae.
Romans 15:31 in English
- King James Version (KJV)
- That I may be delivered from them that do not believe in Judaea; and that my service which [I have] for Jerusalem may be accepted of the saints;
- World English Bible (WEB)
- that I may be delivered from those who are disobedient in Judea, and that my service which I have for Jerusalem may be acceptable to the saints,
- American Standard Version (ASV)
- that I may be delivered from them that are disobedient in Judæa, and [that] my ministration which [I have] for Jerusalem may be acceptable to the saints;
- Bible in Basic English (BBE)
- So that I may be kept safe from those in Judaea who have not put themselves under the rule of God, and that the help which I am taking for Jerusalem may be pleasing to the saints;
- Darby Translation (DBY)
- that I may be saved from those that do not believe in Judaea; and that my ministry which [I have] for Jerusalem may be acceptable to the saints;
- Webster's Bible (WBS)
- That I may be delivered from them in Judea who do not believe; and that my service which [I have] for Jerusalem, may be acceptable to the saints;
- Young's Literal Translation (YLT)
- that I may be delivered from those not believing in Judea, and that my ministration, that [is] for Jerusalem, may become acceptable to the saints;
Read in context
- 29और मैं जानता हूं, कि जब मैं तुम्हारे पास आऊंगा, तो मसीह की पूरी आशीष के साथ आऊंगा।।
- 30और हे भाइयों; मैं यीशु मसीह का जो हमारा प्रभु है और पवित्रा आत्मा के प्रेम का स्मरण दिला कर, तुम से बिनती करता हूं, कि मेरे लिये परमेश्वर से प्रार्थना करने में मेरे साथ मिलकर लौलीन रहो।
- 31कि मैं यहूदिया के अविश्वासियों से बचा रहूं, और मेरी वह सेवा जो यरूशलेम के लिये है, पवित्रा लोगों को भाए।
- 32और मैं परमेश्वर की इच्छा से तुम्हारे पास आनन्द के साथ आकर तुम्हारे साथ विश्राम पाऊं।
- 33शान्ति का परमेश्वर तुम सब के साथ रहे। आमीन।।
Cross references
- 2 Thessalonians 3:2 2 थिस्सलुनीकियों 3:2और हम टेढ़े और दुष्ट मनुष्यों से बचे रहें क्योंकि हर एक में विश्वास नहीं।।
- 2 Corinthians 8:4 2 कुरिन्थियों 8:4और इस दान में और पवित्रा लोगों की सेवा में भागी होने के अनुग्रह के विषय में हम से बार बार बहुत बिनती की।
- 2 Corinthians 9:1 2 कुरिन्थियों 9:1अब उस सेवा के विषय में जो पवित्रा लोगों के लिये की जाती है, मुझे तुम को लिखना अवश्य नहीं।
- Romans 15:25 रोमियों 15:25परन्तु अभी तो पवित्रा लोगों की सेवा करने के लिये यरूशलेम को जाता हूं।
- Acts 21:17–31 प्रेरितों के काम 21:17–31जब हम यरूशलेम में पहुंचे, तो भाई बड़े आनन्द के साथ हम से मिले। दूसरे दिन पौलुस हमें लेकर याकूब के पास गया, जहां सब प्राचीन इकट्ठे थे। तब उस ने उन्हें नमस्कार करके, जो जो काम परमेश्वर ने उस की सेवकाई के द्वारा अन्यजातियों में किए थे, एक एक करके सब बताया। उन्हों ने यह सुनकर परमेश्वर की महिमा की, फिर उस से कहा; हे भाई, तू देखता है, कि यहूदियों में से कई हजार ने विश्वास किया है; और सब व्यवस्था के लिये धुन लगाए हैं। औश्र उन को तेरे विषय में सिखाया गया है, कि तू अन्यजातियों में रहनेवाले यहूदियों को मूसा से फिर जाने को सिखाया है, और कहता है, कि न अपने बच्चों का खतना कराओ ओर न रीतियों पर चलो: सो क्या किया जाए? लोग अवश्य सुनेंगे, कि तू आया है। इसलिये जो हम तुझ से कहते हैं, वह कर: हमारे यहां चार मनुष्य हैं, जिन्हों ने मन्नत मानी है। उन्हें लेकर उस के साथ अपने आप को शुद्ध कर; और उन के लिये खर्चा दे, कि वे सिर मुड़ाएं: तब सब जान लेगें, कि जो बातें उन्हें तेरे विषय में सिखाई गईं, उन की कुछ जड़ नहीं है परन्तु तू आप भी व्यवस्था को मानकर उसके अनुसार चलता है। परन्तु उन अन्यजातियों के विषय में जिन्हों ने विश्वास किया है, हम ने यह निर्णय करके लिख भेजा है कि वे मरतों के साम्हने बलि किए हुए मांस से, और लोहू से, और गला घोंटे हुओं के मांस से, और व्यभिचार से, बचे रहें। तब पौलुस उन मनुष्यों को लेकर, और दूसरे दिन उन के साथ शुद्ध होकर मन्दिर में गया, और बता दिया, कि शुद्ध होने के दिन, अर्थात् उन में से हर एक के लिये चढ़ावा चढ़ाए जाने तक के दिन कब पूरे होंगे।। जब वे सात दिन पूरे होने पर थे, तो आसिया के यहूदियों ने पौलुस को मन्दिर में देखकर सब लोगों को उसकाया, और यों चिल्लाकर उस को पकड़ लिया। कि हे इस्त्राएलियों, सहायता करो; यह वही मनुष्य है, जो लोगों के, और व्यवस्था के, और इस स्थान के विरोध में हर जगह सब लोगों को सिखाता है, यहां तक कि युनानियों को भी मन्दिर में लाकर उस ने इस पवित्रा स्थान को अपवित्रा किया है। उन्हों ने तो इस से पहिले त्रुफिमुस इफिसी को उसके साथ नगर में देखा था, और समझते थे, कि पौलुस उसे मन्दिर में ले आया है। तब सारे नगर में कोलाहल मच गया, और लोग दौड़कर इकट्ठे हुए, और पौलुस को पकड़कर मन्दिर के बाहर घसीट लाए, और तुरन्त द्वार बन्द किए गए। जब वे उसके मार डालता चाहते थे, तो पलटन के सारदार को सन्देश पहुंचा कि सारे यरूशलेम में कोलाहल मच रहा है।
- Acts 25:2 प्रेरितों के काम 25:2तब महायाजकों ने, और यहूदियों के बड़े लोगों ने, उसके साम्हने पौलुस की नालिश की।
- Acts 24:1–9 प्रेरितों के काम 24:1–9पांच दिन के बाद हनन्याह महायाजक कई पुरनियों और तिरतुल्लुस नाम किसी वकील को साथ लेकर आया; उन्हों ने हाकिम के साम्हने पौलुस पर नालिश की। जब वह बुलाया गया तो तिरतुल्लुस उन पर दोष लगाकर कहने लगा, कि, हे महाप्रतापी फेलिक्स, तेरे द्वारा हमें जो बड़ा कुशल होता है; और तेरे प्रबन्ध से इस जाति के लिये कितनी बुराइयां सुधरती जाती हैं। इस को हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं। परन्तु इसलिये कि तुझे और दुख नहीं देना चाहता, मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि कृपा करके हमारी दो एक बातें सुन ले। क्योंकि हम ने इस मनुष्य को उपद्रवी और जगत के सारे यहूदियों में बलवा करानेवाला, और नासरियों के कुपन्थ का मुखिया पाया है। उस ने मन्दिर को अशुद्ध करना चाहा, और हम ने उसे पकड़ा। इन सब बातों को जिन के विषय में हम उस पर दोष लगाते हैं, तू आपही उस को जांच करके जान लेगा। यहूदियों ने भी उसका साथ देकर कहा, ये बातें इसी प्रकार की हैं।। जब हाकिम ने पौलुस को बोलने के लिये सैन किया तो उस ने उत्तर दिया, मैं यह जानकर कि तू बहुत वर्षों से इस जाति का न्याय करता है, आनन्द से अपना प्रत्युत्तर देता हूं।
- 2 Timothy 3:11 2 तीमुथियुस 3:11और ऐसे दुखों में भी जो अन्ताकिया और इकुनियुम और लुस्त्रा में मुझ पर पड़े थे और और दुखों में भी, जो मैं ने उठाए हैं; परन्तु प्रभु ने मुझे उन सब से छुड़ा लिया।
- 1 Thessalonians 2:15 1 थिस्सलुनीकियों 2:15जिन्हों ने प्रभु यीशु को और भविष्यद्वक्ताओं को भी मार डाला और हम को सताया, और परमेश्वर उन से प्रसन्न नहीं; और वे सब मनुष्यों को विरोध करते हैं।
- 2 Timothy 4:17 2 तीमुथियुस 4:17परन्तु प्रभु मेरा सहायक रहा, और मुझे सामर्थ दी: ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो, और सब अन्यजाति सुन ले; और मैं तो सिंह के मुंह से छुड़ाया गया।
- Acts 25:24 प्रेरितों के काम 25:24फेस्तुस ने कहा; हे महाराजा अग्रिप्पा, और हे सब मनुष्यों जो यहां हमारे साथ हो, तुम इस मनुष्य को देखते हो, जिस के विषय में सारे यहूदियों ने यरूशलेम में और यहां भी चिल्ला चिल्लाकर मुझ से बिनती की, कि इस का जीवित रहना उचित नहीं।
- Acts 23:12–24 प्रेरितों के काम 23:12–24जब दिन हुआ, तो यहूदियों ने एका किया, और शपथ खाई कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खांए या पीएं तो हम पर धिक्कार। जिन्हों ने आपस में यह शपथ खाई थी, वे चालीस जनों के ऊपर थे। उन्होंने महायाजकों और पुरनियों के पास आकर कहा, हम ने यह ठाना है; कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक यदि कुछ चखें भी, तो हम पर धिक्कार पर है। इसलिये अब महासभा समेत पलटन के सरदार को समझाओ, कि उसे तुम्हारे पास ले आए, मानो कि तुम उसके विषय में और भी ठीक जांच करना चाहते हो, और हम उसके पहुंचने से पहिले ही उसे मार डालने के लिये तैयार रहेंगे। और पौलुस के भांजे न सुना, कि वे उस की घात में हैं, तो गढ़ में जाकर पौलुस को सन्देश दिया। पौलुस ने सूबेदारों में से एक को अपने पास बुलाकर कहा; इस जवान को पलटन के सरदार के पास ले जाओ, यह उस से कुछ कहना चाहता है। सो उस ने उस को पलटन के सरदार के पास ले जाकर कहा; पौलुस बन्धुए ने मुझे बुलाकर बिनती की, कि यह जवान पलटन के सरदार से कुछ कहना चाहता है; उसे उसके पास ले जा। पलटन के सरदार ने उसका हाथ पकड़कर, और अलग ले जाकर पूछा; मुझ से क्या कहना चाहता है? उस ने कहा; यहूदियों ने एका किया है, कि तुझ से बिनती करें, कि कल पौलुस को महासभा में लाए, मानो तू और ठीक से उस की जांच करना चाहता है। परन्तु उन की मत मानना, क्योंकि उन में से चालीस के ऊपर मनुष्य उस की घात में हैं, जिन्हों ने यह ठान लिया है, कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खाएं, पीएं, तो हम पर धिक्कार; और अभी वे तैयार हैं और तेरे वचन की आस देख रहे हैं। तब पलटन के सरदार ने जवान को यह आज्ञा देकर विदा किया, कि किसी से न कहना कि तू ने मुझ को ये बातें बताई हैं। और दो सूबेदारों को बुलाकर कहा; दो सौ सिपाही, सत्तर सवार, और दो सौ भालैत, पहर रात बीते कैसरिया को जाने के लिये तैयार कर रखो। और पौलुस की सवारी के लिये घोड़े तैयार रखो कि उसे फेलिक्स हाकिम के पास कुशल से पहुंचा दें।
Original words (Greek)
- That · G2443ἵνα hína
- delivered · G4506ῥύομαι rhýomai
- from · G575ἀπό apó
- believe · G544ἀπειθέω apeithéō
- in · G1722ἐν en
- Judaea · G2449Ἰουδαία Ioudaía
- and · G2532καί kaí
- that · G2443ἵνα hína
- my · G3450μοῦ moû
- service · G1248διακονία diakonía
- which · G3588ὁ ho
- for · G1519εἰς eis
- Jerusalem · G2419Ἱερουσαλήμ Hierousalḗm
- be · G1096γίνομαι gínomai
- accepted · G2144εὐπρόσδεκτος euprósdektos
- saints · G40ἅγιος hágios