Hebrews · chapter 5 · verse 8
Hebrews 5:8 in Hindi
और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
Aur putraa hone par bhee, us ne dukh uthaa uthaakar aajnyaa maananee seekhee.
Hebrews 5:8 in English
- King James Version (KJV)
- Though he were a Son, yet learned he obedience by the things which he suffered;
- World English Bible (WEB)
- though he was a Son, yet learned obedience by the things which he suffered.
- American Standard Version (ASV)
- though he was a Son, yet learned obedience by the things which he suffered;
- Bible in Basic English (BBE)
- And though he was a Son, through the pain which he underwent, the knowledge came to him of what it was to be under God's orders;
- Darby Translation (DBY)
- though he were Son, he learned obedience from the things which he suffered;
- Webster's Bible (WBS)
- Though he was a Son, yet he learned obedience by the things which he suffered;
- Young's Literal Translation (YLT)
- through being a Son, did learn by the things which he suffered — the obedience,
Read in context
- 6वह दूसरी जगह में भी कहता है, तू मलिकिसिदक की रीति पर सदा के लिये याजक है।
- 7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- 8और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
- 9और सिद्ध बनकर, अपने सब आज्ञा माननेवालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।
- 10और उसे परमेश्वर की ओर से मलिकिसिदक की रीति पर महायाजक का पद मिला।।
Cross references
- Philippians 2:8 फिलिप्पियों 2:8और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
- Hebrews 10:5–9 इब्रानियों 10:5–9इसी कारण वह जगत में आने समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया। होम- बलियों और पाप- बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ। तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्रा शस्त्रा में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं। ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम- बलियों और पाप- बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं। फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे।
- John 4:34 यूहन्ना 4:34यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजनेवाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
- Isaiah 50:5–6 यशायाह 50:5–6प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा। मैं ने मारनेवालों को अपनी पीठ और गलमोछ नोचनेवालों की ओर अपने गाल किए; अपमानित होने और थूकने से मैं ने मुंह न छिपाया।।
- John 15:10 यूहन्ना 15:10यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं।
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
- Hebrews 3:6 इब्रानियों 3:6पर मसीह पुत्रा की नाई उसके घर का अधिकारी है, और उसका घर हम हैं, यदि हम साहस पर, और अपनी आशा के घमण्ड पर अन्त तक दृढ़ता से स्थिर रहें।
- Matthew 3:15 मत्ती 3:15यीशु ने उस को यह उत्तर दिया, कि अब तो ऐसा ही होने दे, क्योंकि हमें इसी रीति से सब धार्मिकता को पूरा करना उचित है, तब उस ने उस की बात मान ली।
- Hebrews 1:5 इब्रानियों 1:5क्योंकि स्वर्गदूतों में से उस ने कब किसी से कहा, कि तू मेरा पुत्रा है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ? और फिर यह, कि मैं उसका पिता हूंगा, और वह मेरा पुत्रा होगा?
- Hebrews 1:8 इब्रानियों 1:8परन्तु पुत्रा से कहता है, कि हे परमेश्वर तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा: तेरे राज्य का राजदण्ड न्याय का राजदण्ड है।