Philippians · chapter 2 · verse 8
Philippians 2:8 in Hindi
और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Aur manushy ke roop mem pragat hokar apane aap ko deen kiyaa, aur yahaam tak aajnyaakaaree rahaa, ki mrutyu, haam, kroos kee mrutyu bhee sah lee.
Philippians 2:8 in English
- King James Version (KJV)
- And being found in fashion as a man, he humbled himself, and became obedient unto death, even the death of the cross.
- World English Bible (WEB)
- And being found in human form, he humbled himself, becoming obedient to the point of death, yes, the death of the cross.
- American Standard Version (ASV)
- and being found in fashion as a man, he humbled himself, becoming obedient [even] unto death, yea, the death of the cross.
- Bible in Basic English (BBE)
- And being seen in form as a man, he took the lowest place, and let himself be put to death, even the death of the cross.
- Darby Translation (DBY)
- and having been found in figure as a man, humbled himself, becoming obedient even unto death, and [that the] death of [the] cross.
- Webster's Bible (WBS)
- And being found in fashion as a man, he humbled himself, and became obedient to death, even the death of the cross.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and in fashion having been found as a man, he humbled himself, having become obedient unto death — death even of a cross,
Read in context
- 6जिस ने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
- 7वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
- 8और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
- 9इस कारण परमेश्वर ने उस को अति महान भी किया, और उस को वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
- 10कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Cross references
- John 10:18 यूहन्ना 10:18कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, बरन मैं उसे आप ही देता हूं: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।।
- Hebrews 12:2 इब्रानियों 12:2और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा।
- Romans 5:19 रोमियों 5:19क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
- 1 Peter 2:24 1 पतरस 2:24वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।
- 1 Peter 3:18 1 पतरस 3:18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 2 Corinthians 8:9 2 कुरिन्थियों 8:9तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह जानते हो, कि वह धनी होकर भी तुम्हारे लिये कंगाल बन गया ताकि उसके कंगाल हो जाने से तुम धनी हो जाओ।
- Matthew 26:39 मत्ती 26:39फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- Acts 8:33 प्रेरितों के काम 8:33उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।
- Galatians 3:13 गलातियों 3:13मसीह ने जो हमारे लिये स्त्रापित बना, हमें मोल लेकर व्यवस्था के स्त्राप से छुड़ाया क्योंकि लिखा है, जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह स्त्रापित है।
- Isaiah 50:5–6 यशायाह 50:5–6प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा। मैं ने मारनेवालों को अपनी पीठ और गलमोछ नोचनेवालों की ओर अपने गाल किए; अपमानित होने और थूकने से मैं ने मुंह न छिपाया।।
- Titus 2:14 तीतुस 2:14जिस ने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध करके अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो।।
- Hebrews 5:5–9 इब्रानियों 5:5–9वैसे ही मसीह ने भी महायाजक बनने की बड़ाई अपने आप से नहीं ली, पर उस को उसी ने दी, जिस ने उस से कहा था, कि तू मेरा पुत्रा है, आज मैं ही ने तुझे जन्माया है। वह दूसरी जगह में भी कहता है, तू मलिकिसिदक की रीति पर सदा के लिये याजक है। उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई। और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी। और सिद्ध बनकर, अपने सब आज्ञा माननेवालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- found · G2147εὑρίσκω heurískō
- fashion · G4976σχῆμα schēma
- as · G5613ὡς hōs
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- humbled · G5013ταπεινόω tapeinóō
- himself · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- became · G1096γίνομαι gínomai
- obedient · G5255ὑπήκοος hypḗkoos
- unto · G3360μέχρι méchri
- death · G2288θάνατος thánatos
- even · G1161δέ dé
- death · G2288θάνατος thánatos
- cross · G4716σταυρός staurós