Hebrews · chapter 8 · verse 13
Hebrews 8:13 in Hindi
नई वाचा के स्थापन से उस ने प्रथम वाचा को पुरानी ठहराई, और जो वस्तु पुरानी और जीर्ण जो जाती है उसका मिट जाना अनिवार्य है॥
Naee vaachaa ke sthaapan se us ne pratham vaachaa ko puraanee thaharaaee, aur jo vastu puraanee aur jeern jo jaatee hai usakaa mit jaanaa anivaary hai
Hebrews 8:13 in English
- King James Version (KJV)
- In that he saith, A new [covenant], he hath made the first old. Now that which decayeth and waxeth old [is] ready to vanish away.
- World English Bible (WEB)
- In that he says, “A new covenant”, he has made the first obsolete. But that which is becoming obsolete and grows aged is near to vanishing away.
- American Standard Version (ASV)
- In that he saith, A new [covenant], he hath made the first old. But that which is becoming old and waxeth aged is nigh unto vanishing away.
- Bible in Basic English (BBE)
- When he says, A new agreement, he has made the first agreement old. But anything which is getting old and past use will not be seen much longer.
- Darby Translation (DBY)
- In that he says New, he has made the first old; but that which grows old and aged [is] near disappearing.
- Webster's Bible (WBS)
- In that he saith, A new [covenant] , he hath made the first old. Now that which decayeth and groweth old [is] ready to vanish away.
- Young's Literal Translation (YLT)
- in the saying 'new,' He hath made the first old, and what doth become obsolete and is old [is] nigh disappearing.
Read in context
- 11और हर एक अपने देश वाले को और अपने भाई को यह शिक्षा न देगा, कि तू प्रभु को पहिचान क्योंकि छोटे से बड़े तक सब मुझे जान लेंगे।
- 12क्योंकि मैं उन के अधर्म के विषय मे दयावन्त हूंगा, और उन के पापों को फिर स्मरण न करूंगा।
- 13नई वाचा के स्थापन से उस ने प्रथम वाचा को पुरानी ठहराई, और जो वस्तु पुरानी और जीर्ण जो जाती है उसका मिट जाना अनिवार्य है॥
Cross references
- 2 Corinthians 5:17 2 कुरिन्थियों 5:17सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।
- Hebrews 7:18–19 इब्रानियों 7:18–19निदान, पहिली आज्ञा निर्बल; और निष्फल होने के कारण लोप हो गई। (इसलिये कि व्यवस्था ने किसी बात की सिद्धि नहीं कि) और उसके स्थान पर एक ऐसी उत्तम आशा रखी गई है जिस के द्वारा हम परमेश्वर के समीप जा सकते हैं।
- Hebrews 7:11–12 इब्रानियों 7:11–12तक यदि लेवीय याजक पद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिस के सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए? क्योंकि जब याजक का पद बदला जाता है? तो व्यवस्था का भी बदलना अवश्य है।
- Hebrews 9:15 इब्रानियों 9:15और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें।
- Hebrews 9:9–10 इब्रानियों 9:9–10और यह तम्बू तो वर्तमान समय के लिये एक दृष्टान्त है; जिस में ऐसी भेंट और बलिदान चढ़ाए जाते हैं, जिन से आराधना करनेवालों के विवेक सिद्ध नहीं हो सकते। इसलिये कि वे केवल खाने पीने की वस्तुओं, और भांति भांति के स्नान विधि के आधार पर शारीरिक नियम हैं, जो सुधार के समय तक के लिये नियुक्त किए गए हैं।।
- 1 Corinthians 13:8 1 कुरिन्थियों 13:8प्रेम कभी टलता नहीं; भविष्यद्वाणियां हों, तो समाप्त हो जाएंगी, भाषाएं हो तो जाती रहेंगी; ज्ञान हो, तो मिट जाएगा।
- Isaiah 51:6 यशायाह 51:6आकाश की ओर अपनी आंखें उठाओ, और पृथ्वी को निहारो; क्योंकि आकाश धुंए ही नाई लोप हो जाएगा, पृथ्वी कपड़े के समान पुरानी हो जाएगी, और उसके रहनेवाले यों ही जाते रहेंगे; परन्तु जो उद्धार मैं करूंगा वह सर्वदा ठहरेगा, और मेरे धर्म का अन्त न होगा।।