Hosea · chapter 12 · verse 3
Hosea 12:3 in Hindi
अपनी माता की कोख ही में उस ने अपने भाई को अड़ंगा मारा, और बड़ा होकर वह परमेश्वर के साथ लड़ा।
Apanee maataa kee kokh hee mem us ne apane bhaaee ko adangaa maaraa, aur badaa hokar vah parameshvar ke saath ladaa.
Hosea 12:3 in English
- King James Version (KJV)
- He took his brother by the heel in the womb, and by his strength he had power with God:
- World English Bible (WEB)
- In the womb he took his brother by the heel, and in his manhood he contended with God.
- American Standard Version (ASV)
- In the womb he took his brother by the heel; and in his manhood he had power with God:
- Bible in Basic English (BBE)
- In the body of his mother he took his brother by the foot, and in his strength he was fighting with God;
- Darby Translation (DBY)
- He took his brother by the heel in the womb, and in his strength he wrestled with God.
- Webster's Bible (WBS)
- He took his brother by the heel in the womb, and by his strength he had power with God:
- Young's Literal Translation (YLT)
- In the womb he took his brother by the heel, And by his strength he was a prince with God,
Read in context
- 1एप्रैम पानी पीटता और पुरवाइ्र का पीछा करता रहता है; वह लगातार झूठ और उत्पात को बढ़ाता रहता है; वे अश्शूर के साथ वाचा बान्धते और मि में तेल भेजते हैं।
- 2यहूदा के साथ भी यहोवा का मुक मा है, और वह याकूब को उसके चालचलन के अनुसार दण्ड देगा; उसके कामों के अनुसार वह उसको बदला देगा।
- 3अपनी माता की कोख ही में उस ने अपने भाई को अड़ंगा मारा, और बड़ा होकर वह परमेश्वर के साथ लड़ा।
- 4वह दूत से लड़ा, और जीत भी गया, वह रोया और उस ने गिड़गिड़ाकर बिनती की। बेतेल में वह उसको मिला, और वहीं उस ने हम से बातें की।
- 5यहोवा, सेनाओं का परमशॆवर, जिसका स्मरण यहोवा नाम से होता है।
Cross references
- Genesis 25:26 उत्पत्ति 25:26पीछे उसका भाई अपने हाथ से एसाव की एड़ी पकडे हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। और जब रिबका ने उनको जन्म दिया तब इसहाक साठ वर्ष का था।
- Romans 9:11 रोमियों 9:11और अभी तक न तो बालक जन्मे थे, और न उन्हों ने कुछ भला या बुरा किया था कि उस ने कहा, कि जेठा छुटके का दास होगा।
- James 5:16–18 याकूब 5:16–18इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है। एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा। फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥
- Genesis 32:24–28 उत्पत्ति 32:24–28तब परमेश्वर ने रात के स्वप्न में आरामी लाबान के पास आकर कहा, सावधान रह, तू याकूब से न तो भला कहना और न बुरा। और लाबान याकूब के पास पहुंच गया, याकूब तो अपना तम्बू गिलाद नाम पहाड़ी देश में खड़ा किए पड़ा था: और लाबान ने भी अपने भाइयों के साथ अपना तम्बू उसी पहाड़ी देश में खड़ा किया। तब लाबान याकूब से कहने लगा, तू ने यह क्या किया, कि मेरे पास से चोरी से चला आया, और मेरी बेटियों को ऐसा ले आया, जैसा कोई तलवार के बल से बन्दी बनाए गए? तू क्यों चुपके से भाग आया, और मुझ से बिना कुछ कहे मेरे पास से चोरी से चला आया; नहीं तो मैं तुझे आनन्द के साथ मृदंग और वीणा बजवाते, और गीत गवाते विदा करता? तू ने तो मुझे अपने बेटे बेटियों को चूमने तक न दिया? तू ने मूर्खता की है।