Hosea · chapter 12 · verse 4
Hosea 12:4 in Hindi
वह दूत से लड़ा, और जीत भी गया, वह रोया और उस ने गिड़गिड़ाकर बिनती की। बेतेल में वह उसको मिला, और वहीं उस ने हम से बातें की।
Vah doot se ladaa, aur jeet bhee gayaa, vah royaa aur us ne gidagidaakar binatee kee. Betel mem vah usako milaa, aur vaheem us ne ham se baatem kee.
Hosea 12:4 in English
- King James Version (KJV)
- Yea, he had power over the angel, and prevailed: he wept, and made supplication unto him: he found him [in] Beth-el, and there he spake with us;
- World English Bible (WEB)
- Indeed, he struggled with the angel, and prevailed; he wept, and made supplication to him. He found him at Bethel, and there he spoke with us—
- American Standard Version (ASV)
- yea, he had power over the angel, and prevailed; he wept, and made supplication unto him: he found him at Beth-el, and there he spake with us,
- Bible in Basic English (BBE)
- He had a fight with the angel and overcame him; he made request for grace to him with weeping; he came face to face with him in Beth-el and there his words came to him;
- Darby Translation (DBY)
- Yea, he wrestled with the Angel, and prevailed; he wept, and made supplication unto him: he found him in Bethel, and there he spoke with us,
- Webster's Bible (WBS)
- Yes, he had power over the angel, and prevailed: he wept, and made supplication to him: he found him [in] Beth-el, and there he spoke with us;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Yea, he is a prince unto the Messenger, And he overcometh [by] weeping, And he maketh supplication to Him, At Bethel He doth find him, And there He doth speak with us,
Read in context
- 2यहूदा के साथ भी यहोवा का मुक मा है, और वह याकूब को उसके चालचलन के अनुसार दण्ड देगा; उसके कामों के अनुसार वह उसको बदला देगा।
- 3अपनी माता की कोख ही में उस ने अपने भाई को अड़ंगा मारा, और बड़ा होकर वह परमेश्वर के साथ लड़ा।
- 4वह दूत से लड़ा, और जीत भी गया, वह रोया और उस ने गिड़गिड़ाकर बिनती की। बेतेल में वह उसको मिला, और वहीं उस ने हम से बातें की।
- 5यहोवा, सेनाओं का परमशॆवर, जिसका स्मरण यहोवा नाम से होता है।
- 6इसलिये तू अपने परमेश्वर की ओर फिर; कृपा और न्याय के काम करता रह, और अपने परमेश्वर की बाट निरन्तर जोहता रह।।
Cross references
- Genesis 35:15 उत्पत्ति 35:15और जहां परमेश्वर ने याकूब से बातें की, उस स्थान का नाम उस ने बेतेल रखा।
- Malachi 3:1 मलाकी 3:1देखो, मैं अपने दूत को भेजता हूं, और वह मार्ग को मेरे आगे सुधारेगा, और प्रभु, जिसे तुम ढूंढ़ते हो, वह अचानक अपने मन्दिर में आ जाएगा; हां वाचा का वह दूत, जिसे तुम चाहते हो, सुनो, वह आता है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
- 1 Thessalonians 4:17 1 थिस्सलुनीकियों 4:17तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
- Psalm 66:6 भजन संहिता 66:6उस ने समुद्र को सूखी भूमि कर डाला; वे महानद में से पांव पावं पार उतरे। वहां हम उसके कारण आनन्दित हुए,
- Genesis 35:9–10 उत्पत्ति 35:9–10फिर याकूब के प नराम से आने के पश्चात् परमेश्वर ने दूसरी बार उसको दर्शन देकर आशीष दी। और परमेश्वर ने उस से कहा, अब तक तो तेरा नाम याकूब रहा है; पर आगे को तेरा नाम याकूब न रहेगा, तू इस्राएल कहलाएगा:
- Hebrews 6:13–18 इब्रानियों 6:13–18और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। और इस रीति से उस ने धीरज धरकर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- Genesis 32:29 उत्पत्ति 32:29तुम लोगों की हानि करने की शक्ति मेरे हाथ में तो है; पर तुम्हारे पिता के परमेश्वर ने मुझ से बीती हुई रात में कहा, सावधान रह, याकूब से न तो भला कहना और न बुरा।
- Acts 7:30–35 प्रेरितों के काम 7:30–35जब पूरे चालीस वर्ष बीत गए, तो एक स्वर्ग दूत ने सीनै पहाड़ के जंगल में उसे जलती हुई झाड़ी की ज्वाला में दर्शन दिया। मूसा ने उस दर्शन को देखकर अचम्भा किया, और जब देखने के लिये पास गया, तो प्रभु का यह शब्द हुआ। कि मैं तेरे बाप दादों, इब्राहीम, इसहाक और याकूब का परमेश्वर हूं: तब तो मूसा कांप उठा, यहां तक कि उसे देखने का हियाव न रहा। तब प्रभु ने उस से कहा; अपने पावों से जूती उतार ले, क्योंकि जिस जगह तू खड़ा है, वह पवित्र भूमि है। मैं ने सचमुच अपने लोगों की र्दुदशा को जो मिसर में है, देखी है; और उन की आह और उन का रोना सुन लिया है; इसलिये उन्हें छुड़ाने के लिये उतरा हूं। अब आ, मैं तुझे मिसर में भेंजूंगा। जिस मूसा को उन्होंने यह कहकर नकारा था कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है; उसी को परमेश्वर ने हाकिम और छुड़ाने वाला ठहरा कर, उस स्वर्ग दूत के द्वारा जिस ने उसे झाड़ी में दर्शन दिया था, भेजा।
- Exodus 3:2–5 निर्गमन 3:2–5और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उस ने दृष्टि उठाकर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। उस ने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्रा भूमि है।
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- Isaiah 63:9 यशायाह 63:9उनके सारे संकट में उस ने भी कष्ट उठाया, और उसके सम्मुख रहनेवाले दूत ने उनका उद्धार किया; प्रेम और कोमलता से उस ने आप की उनको छुड़ाया; उस ने उन्हें उठाया और प्राचीनकाल से सदा उन्हें लिए फिरा।
- Genesis 48:15 उत्पत्ति 48:15फिर उस ने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से लेकर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है;