Psalms · chapter 10 · verse 4
Psalm 10:4 in Hindi
दुष्ट अपने अभिमान के कारण कहता है कि वह लेखा नहीं लेने का; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं।।
Dusht apane abhimaan ke kaaran kahataa hai ki vah lekhaa naheem lene kaa; usakaa pooraa vichaar yahee hai ki koee parameshvar hai hee naheen..
Psalm 10:4 in English
- King James Version (KJV)
- The wicked, through the pride of his countenance, will not seek [after God:] God [is] not in all his thoughts.
- World English Bible (WEB)
- The wicked, in the pride of his face, has no room in his thoughts for God.
- American Standard Version (ASV)
- The wicked, in the pride of his countenance, [saith], He will not require [it]. All his thoughts are, There is no God.
- Bible in Basic English (BBE)
- The evil-doer in his pride says, God will not make a search. All his thoughts are, There is no God.
- Darby Translation (DBY)
- The wicked [saith], in the haughtiness of his countenance, He doth not search out: all his thoughts are, There is no God!
- Webster's Bible (WBS)
- The wicked, through the pride of his countenance, will not seek [after God] : God [is] not in all his thoughts.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The wicked according to the height of his face, inquireth not. 'God is not!' [are] all his devices.
Read in context
- 2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
- 3क्योंकि दुष्ट अपनी अभिलाषा पर घमण्ड करता है, और लोभी परमेश्वर को त्याग देता है और उसका तिरस्कार करता है।।
- 4दुष्ट अपने अभिमान के कारण कहता है कि वह लेखा नहीं लेने का; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं।।
- 5वह अपने मार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; तेरे न्याय के विचार ऐसे ऊंचे पर होते हैं, कि उसकी दृष्टि वहां तक नहीं पहुंचती; जितने उसके विरोधी हैं उन पर वह फुंकारता है।
- 6वह अपने मन में कहता है कि मैं कभी टलने का नहीं: मैं पीढ़ी से पीढ़ी तक दु:ख से बचा रहूंगा।।
Cross references
- Psalm 14:1–2 भजन संहिता 14:1–2मूर्ख ने अपने मन में कहा है, कोई परमेश्वर है ही नहीं। वे बिगड़ गए, उन्हों ने घिनौने काम किए हैं, कोई सुकर्मी नहीं। परमेश्वर ने स्वर्ग में से मनुष्यों पर दृष्टि की है, कि देखे कि कोई बुद्धिमान, कोई परमेश्वर का खोजी है या नहीं।
- Romans 1:28 रोमियों 1:28और जब उन्हों ने परमेश्वर को पहिचानना न चाहा, इसलिये परमेश्वर ने भी उन्हें उन के निकम्मे मन पर छोड़ दिया; कि वे अनुचित काम करें।
- Acts 8:22 प्रेरितों के काम 8:22इसलिये अपनी इस बुराई से मन फिराकर प्रभु से प्रार्थना कर, सम्भव है तेरे मन का विचार क्षमा किया जाए।
- Genesis 6:5 उत्पत्ति 6:5और यहोवा ने देखा, कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है सो निरन्तर बुरा ही होता है।
- Romans 1:21 रोमियों 1:21इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
- Deuteronomy 8:14 व्यवस्थाविवरण 8:14तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मि देश से निकाल लाया है,
- Job 22:17 अय्यूब 22:17उन्हों ने ईश्वर से कहा था, हम से दूर हो जा; और यह कि सर्वशक्तिमान हमारा क्या कर सकता है?
- Isaiah 65:2 यशायाह 65:2मैं एक हठीली जाति के लोगों की ओर दिन भर हाथ फैलाए रहा, जो अपनी युक्तियों के अनुसार बुरे मार्गों में चलते हैं।
- Psalm 53:1 भजन संहिता 53:1मूढ़ ने अपने मन में कहा है, कि कोई परमेश्वर है ही नहीं। वे बिगड़ गए, उन्हों ने कुटिलता के घिनौने काम किए हैं; कोई सुकर्मी नहीं।।
- Exodus 5:2 निर्गमन 5:2फिरौन ने कहा, यहोवा कौन है, कि मैं उसका वचन मानकर इस्राएलियों को जाने दूं? मैं यहोवा को नहीं जानता, और मैं इस्राएलियों को नहीं जाने दूंगा।
- Proverbs 21:4 नीतिवचन 21:4चढ़ी आंखें, घमण्डी मन, और दुष्टों की खेती, तीनों पापमय हैं।
- Proverbs 30:13 नीतिवचन 30:13एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं उनकी दृष्टि क्या ही घमण्ड से भरी रहती है, और उनकी आंखें कैसी चढ़ी हुई रहती हैं।