Lamentations · chapter 5 · verse 16
Lamentations 5:16 in Hindi
हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा हे; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है!
Hamaare sir par kaa mukut gir padaa he; ham par haay, kyonki ham ne paap kiyaa hai!
Lamentations 5:16 in English
- King James Version (KJV)
- The crown is fallen [from] our head: woe unto us, that we have sinned!
- World English Bible (WEB)
- The crown has fallen from our head. Woe to us, for we have sinned!
- American Standard Version (ASV)
- The crown is fallen from our head: Woe unto us! for we have sinned.
- Bible in Basic English (BBE)
- The crown has been taken from our head: sorrow is ours, for we are sinners.
- Darby Translation (DBY)
- The crown is fallen from our head: woe unto us, for we have sinned!
- Webster's Bible (WBS)
- The crown is fallen [from] our head: woe to us, that we have sinned!
- Young's Literal Translation (YLT)
- Fallen hath the crown [from] our head, Woe [is] now to us, for we have sinned.
Read in context
- 14अब फाटक पर पुरनिये नहीं बैठते, न जवानों का गीत सुनाई पड़ता है।
- 15हमारे मन का हर्ष जाता रहा, हमारा नाचना विलाप में बदल गया है।
- 16हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा हे; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है!
- 17इस कारण हमारा हृदय निर्बल हो गया है, इन्हीं बातों से हमारी आंखें धुंधली पड़ गई हैं,
- 18क्योंकि सिरयोन पर्वत उजाड़ पड़ा है; उस में सियार घूमते हैं।
Cross references
- Psalm 89:39 भजन संहिता 89:39तू अपने दास के साथ की वाचा से घिनाया, और उसके मुकुट को भूमि पर गिराकर अशुद्ध किया है।
- Isaiah 3:9–11 यशायाह 3:9–11उनका चिहरा भी उनके विरूद्ध साक्षी देता है; वे सदोमियों की नाई अपने आप को आप ही बखानते और नहीं छिपाते हैं। उन पर हाय! क्योंकि उन्हों ने अपनी हानि आप ही की है। धर्मियों से कहो कि उनका भला होगा, क्योंकि उसके कामों का फल उसको मिलेगा। मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
- Job 19:9 अय्यूब 19:9मेरा विभव उस ने हर लिया है, और मेरे सिर पर से मुकुट उतार दिया है।
- Jeremiah 13:18 यिर्मयाह 13:18राजा और राजमाता से कह, नीचे बैठ जाओ, क्योंकि तुम्हारे सिरों के शोभायमान मुकुट उतार लिए गए हैं।
- Lamentations 1:1 विलापगीत 1:1जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देने वाली हो गई है।
- Lamentations 4:13 विलापगीत 4:13यह उसके भविष्यद्वक्ताओं के पापों और उसके याजकों के अधर्म के कामों के कारण हुआ है; क्योंकि वे उसके बीच धर्मियों की हत्या करते आए हैं।
- Ezekiel 21:26 यहेजकेल 21:26तेरे विषय में परमेश्वर यहोवा यों कहता है, पगड़ी उतार, और मुकुट भी उतार दे; वह ज्यों का त्यों नहीं रहने का; जो नीचा है उसे ऊंचा कर और जो ऊंचा है उसे नीचा कर।
- Jeremiah 2:19 यिर्मयाह 2:19तेरी बुराई ही तेरी ताड़ना करेगी, और तेरा भटक जाना तुझे उलाहना देगा। जान ले और देख कि अपने परमेश्वर यहोवा को त्यागना, यह बुरी और कड़वी बात है; तुझे मेरा भय ही नहीं रहा, प्रभु सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 2:17 यिर्मयाह 2:17क्या यह तेरी ही करनी का फल नहीं, जो तू ने अपने परमेश्वर यहोवा को छोड़ दिया जो तुझे मार्ग में लिए चला?
- Revelation 3:11 प्रकाशितवाक्य 3:11मैं शीघ्र ही आनेवाला हूं; जो कुछ तेरे पास है, उस थामें रह, कि कोई तेरा मुकुट छीन न ले।
- Proverbs 14:34 नीतिवचन 14:34जाति की बढ़ती धर्म ही से होती है, परन्तु पाप से देश के लोगों का अपमान होता है।
- Lamentations 2:1 विलापगीत 2:1यहोवा ने सिरयोन की पुत्री को किस प्रकार अपने कोप के बादलों से ढांप दिया है! उस ने इस्राएल की शोभा को आकाश से धरती पर पटक दिया; और कोप के दिन अपने पांवों की चौकी को स्मरण नहीं किया।